औरंगाबाद में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते शारीरिक शिक्षक गिरफ्तार, निगरानी टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप
प्रतीकात्मक चित्र
निष्कर्ष भारत- संवददाता– औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बारुण प्रखंड मुख्यालय स्थित केशव उच्च विद्यालय में गुरुवार दोपहर निगरानी की टीम ने शारीरिक शिक्षक शशि भूषण को कथित तौर पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। निगरानी टीम शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए दाउदनगर स्थित एक निजी होटल ले गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शिक्षक पर परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ी के नाम पर रुपये लेने का आरोप है। हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की विस्तृत जांच और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
औरंगाबाद केशव उच्च विद्यालय में निगरानी की छापेमारी
गुरुवार की दोपहर पटना से निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम बारुण स्थित केशव उच्च विद्यालय पहुंची। टीम की कार्रवाई से विद्यालय परिसर में अचानक अफरातफरी की स्थिति बन गई। निगरानी अधिकारियों ने शारीरिक शिक्षक शशि भूषण को 10 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा।

बताया गया कि कार्रवाई के दौरान शिक्षक के पास से कथित रिश्वत की रकम बरामद की गई। इसके बाद टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
निगरानी टीम ने किस शिकायत और किस स्तर की जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में परीक्षा से संबंधित लेनदेन का मामला सामने आने की बात कही जा रही है।
परीक्षा में दूसरे परीक्षार्थी को बैठाने का आरोप
जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह के अनुसार, मामला बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित परीक्षा में एक परीक्षार्थी की जगह दूसरे छात्र को बैठाने से जुड़ा बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, शशि भूषण ने कथित तौर पर एक अभिभावक से 10 हजार रुपये लिए थे। आरोप है कि रुपये के बदले परीक्षा में संबंधित परीक्षार्थी की जगह किसी दूसरे छात्र को बैठाने का आश्वासन दिया गया था।
निगरानी टीम ने कार्रवाई के दौरान शिक्षक के पास से 10 हजार रुपये बरामद किए हैं। हालांकि, यह रकम किस उद्देश्य से ली गई थी और इस मामले में शिक्षक की भूमिका कितनी व्यापक थी, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
क्या किसी अधिकारी के नाम पर लिए गए थे पैसे?
इस मामले को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि शिक्षक किसी अन्य शिक्षक को प्रोन्नति दिलाने के लिए कथित तौर पर किसी अधिकारी के एजेंट के रूप में रुपये ले रहे थे। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
निगरानी विभाग के अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हो सका है। इसलिए रिश्वत की रकम किस काम के लिए ली गई थी, इसको लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है।
जांच के दौरान निगरानी टीम इन सभी पहलुओं को खंगाल रही है। खासतौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि 10 हजार रुपये का लेनदेन परीक्षा से संबंधित था या किसी अन्य काम के लिए किया गया था।
दाउदनगर के होटल में पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम शिक्षक को दाउदनगर स्थित एक निजी होटल ले गई। यहां उनसे पूरे मामले को लेकर गहन पूछताछ किए जाने की जानकारी है।
जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वत की रकम लेने के पीछे सिर्फ शिक्षक की भूमिका थी या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
निगरानी टीम शिक्षक के संपर्क में रहने वाले लोगों और मामले से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। साथ ही लेनदेन और परीक्षा से संबंधित घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
विद्यालय के शारीरिक शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि मामला परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
विभागीय अधिकारी फिलहाल निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
औरंगाबाद में सामने आया यह मामला बिहार में परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े करता है। परीक्षा में किसी परीक्षार्थी की जगह दूसरे व्यक्ति को बैठाने जैसी गतिविधियां शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी। निगरानी टीम की कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कथित रूप से लिए गए 10 हजार रुपये का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इस पूरे प्रकरण में कितने लोग शामिल हैं।
फिलहाल शारीरिक शिक्षक शशि भूषण निगरानी टीम की हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। निगरानी विभाग की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
