लखीसराय में कांवरियों से भरी बस खाई में गिरी, 10 घायल; चालक पर नशे में बस चलाने का आरोप
लखीसराय में कांवरियों से भरी बस खाई में गिरी
लखीसराय/रामगढ़ चौक: लखीसराय-जमुई मार्ग पर सोमवार की रात कांवरियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में गिर गई। हादसा तेतरहाट थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव के समीप हुआ। बस में क्षमता से अधिक कांवरिया सवार थे। दुर्घटना में 10 कांवरिया गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि करीब 110 कांवरिया सुरक्षित बच गए।

बस सवार कांवरियों ने चालक पर शराब के नशे में वाहन चलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, यह आरोप कांवरियों की ओर से लगाया गया है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा।
देवघर और बासुकीनाथ से लौट रहे थे कांवरिया
जानकारी के अनुसार, बस में सवार सभी कांवरिया देवघर और बासुकीनाथ में पूजा-अर्चना करने के बाद पटना लौट रहे थे। इनमें पटना जिले के विक्रम और नौबतपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले कांवरिया शामिल थे।
सोमवार की रात बस लखीसराय-जमुई मार्ग से गुजर रही थी। इसी दौरान नावाडीह गांव के समीप अचानक बस अनियंत्रित हो गई। चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क किनारे स्थित खाई में जा गिरा।
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हादसे के बाद बस में सवार कांवरियों के बीच चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई तो वे भी मौके पर पहुंचने लगे। कुछ ही देर में घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार होने की बात
हादसे की जानकारी में बताया गया है कि बस में उसकी क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद इस बात को लेकर भी सवाल उठे हैं कि आखिर इतनी संख्या में कांवरियों को लेकर बस कैसे चल रही थी।
बताया गया है कि बस में करीब 120 कांवरिया सवार थे। इनमें से 10 कांवरिया हादसे में घायल हुए, जबकि करीब 110 लोग सुरक्षित बच गए।
घटना के बाद सुरक्षित बचे कांवरियों को भी कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण पटना लौटने की व्यवस्था नहीं थी।
कांवरियों ने लगाया चालक पर नशे में वाहन चलाने का आरोप
बस में सवार कांवरियों ने चालक पर शराब के नशे में बस चलाने का आरोप लगाया। कांवरियों के अनुसार, चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था और इसी दौरान नावाडीह के पास उसने बस पर नियंत्रण खो दिया।
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हालांकि, चालक के नशे में होने की बात की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस कांवरियों की ओर से लगाए गए इस आरोप की जांच कर रही है।
हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है। चालक के मिलने के बाद दुर्घटना के कारण और कांवरियों द्वारा लगाए गए आरोप की जांच में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
हादसे की सूचना मिलते ही लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार मौके पर पहुंचे। तेतरहाट थानाध्यक्ष इलू उपाध्याय भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया और हादसे के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में सभी घायल कांवरियों का इलाज किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
तेतरहाट पैरामेडिकल में कराया गया ठहराव
बस दुर्घटना के बाद सुरक्षित बचे कांवरियों के सामने रात में ठहरने की समस्या उत्पन्न हो गई। प्रशासन ने तत्काल उनके लिए व्यवस्था की।
सभी सुरक्षित कांवरियों को तेतरहाट स्थित पैरामेडिकल संस्थान में ठहराया गया। वहां प्रशासन की ओर से उनके भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई।
प्रशासन की इस व्यवस्था से हादसे के बाद परेशान कांवरियों को रात में राहत मिली।
डीएम ने दूसरे वाहन की कराई व्यवस्था
दुर्घटना के बाद कांवरियों के पटना लौटने के लिए प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने दूसरे वाहन का इंतजाम कराया।
इसके बाद मंगलवार को सुरक्षित बचे सभी कांवरियों को दूसरे वाहन से पटना भेजा गया। बस दुर्घटना के कारण बीच रास्ते में फंसे कांवरियों को प्रशासन की ओर से की गई इस व्यवस्था से राहत मिली और वे अपने घरों की ओर रवाना हो सके।
हादसे में घायल कांवरियों के नाम
हादसे में घायल कांवरियों में अशोक पासवान, उदय कुमार, अमरावती देवी, सौरभ ओम, नागा पासवान, अक्षय लाल पासवान, सुजीत पासवान, लक्ष्मीनिया पासवान, बबलू कुमार और पुष्पा देवी शामिल हैं।
सभी घायलों का सदर अस्पताल में इलाज कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी भी घायल की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई है और सभी खतरे से बाहर हैं।

फरार चालक की तलाश, आरोप की जांच जारी
घटना के बाद पुलिस फरार बस चालक की तलाश कर रही है। वहीं, कांवरियों की ओर से चालक पर शराब के नशे में बस चलाने के लगाए गए आरोप की भी जांच की जा रही है।
इसके अलावा बस में क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने की बात भी सामने आई है। हादसे के कारणों और बस संचालन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल प्रशासन ने घायलों का इलाज कराने के साथ सुरक्षित कांवरियों के ठहरने और उन्हें दूसरे वाहन से पटना भेजने की व्यवस्था की। हादसे में 10 कांवरिया घायल हुए हैं, जबकि करीब 110 कांवरिया सुरक्षित बच गए।
पटना से कीमती कुमारी की रिपोर्ट
