अनंत-नीरज के विवाद में नीतीश की एंट्री, नीरज से मिले, MLC चुनाव का दिया चुनावी सिंबल

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नीतीश से मिले नीरज कुमार, अनंत सिंह के विरोध के बीच मिला चुनावी प्रपत्र

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर जदयू के भीतर चल रहा अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है। एक तरफ मोकामा विधायक अनंत सिंह जदयू के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।

दूसरी ओर नीरज कुमार ने नीतीश कुमार से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद नीरज कुमार ने तस्वीर साझा करते हुए बताया कि नीतीश कुमार ने उन्हें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव 2026 के लिए एनडीए समर्थित जदयू उम्मीदवार का प्रपत्र प्रदान किया है।

नीतीश से मिले नीरज कुमार

नीरज कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट में नीतीश कुमार के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल उनकी नहीं, बल्कि पार्टी के प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता की पूंजी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मिले विश्वास और सहयोग को अपनी ताकत बताया।

नीरज की नीतीश से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब अनंत सिंह लगातार उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से प्रचार कर रहे हैं। इससे पटना स्नातक सीट का चुनाव जदयू के लिए खास चर्चा का विषय बन गया है।

नीतीश के सामने पार्टी का अंदरूनी विवाद

विवाद के बीच नीतीश और जदयू के शीर्ष नेताओं की सक्रियता भी बढ़ी है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि मामला पार्टी के संज्ञान में है और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को इस पर चर्चा कर समाधान निकालने की जिम्मेदारी दी गई है।

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मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा कि बातचीत के जरिए मामले का हल निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह इस मामले को देख रहे हैं और बातचीत जारी है। उनके मुताबिक, बातचीत पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

अनंत सिंह का अनुज सिंह के लिए रोड शो

दूसरी तरफ अनंत सिंह का जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में अभियान जारी है। 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह उनके साथ खुली जीप में नजर आए। दोनों के साथ समर्थकों का काफिला भी था।

पटना में हुए रोड शो के बाद अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि वह अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करेंगे। अनंत सिंह का कहना है कि यह पार्टी का चुनाव नहीं है।

नालंदा से नवादा तक अनंत सिंह का अभियान

अनंत सिंह ने इसके बाद 200 किलोमीटर की जन आशीर्वाद यात्रा भी निकाली। यात्रा के दौरान कई जगह समर्थकों ने उनका स्वागत किया। कुछ स्थानों पर जेसीबी से फूल बरसाए गए और समर्थकों ने नारे लगाए।

नवादा में अनंत सिंह ने अनुज सिंह के पक्ष में मतदान की अपील की। इससे पहले नालंदा में भी उनके स्वागत के दौरान समर्थकों की भीड़ जुटी। अनंत सिंह की इस सक्रियता से पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव प्रचार और चर्चा में आ गया है।

नीतीश के आवास पर हुई बैठक

अनंत सिंह के रोड शो और अनुज सिंह के नामांकन के दौरान ही जदयू के वरिष्ठ नेताओं की नीतीश कुमार के आवास पर बैठक हुई थी। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिजेंद्र प्रसाद यादव मौजूद थे।

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नीतीश के यहां करीब दो घंटे चली बैठक के बाद दोनों नेता बाहर निकले, लेकिन मीडिया के सवालों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी। अनंत सिंह के अनुज सिंह के नामांकन में शामिल होने से जुड़े सवाल पर भी संजय झा ने कोई टिप्पणी नहीं की।

11 साल पुराना है अनंत-नीरज विवाद

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक टकराव नया नहीं है। इसकी प्रमुख कड़ी 2015 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी है। उस समय अनंत सिंह मोकामा से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे, जबकि नीरज कुमार जदयू के उम्मीदवार थे।

चुनाव में अनंत सिंह ने नीरज कुमार को 18,348 वोटों के अंतर से हराया था। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी भी हुई थी। बाद के वर्षों में दोनों की राजनीतिक राह अलग रही, लेकिन सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का सिलसिला भी देखने को मिला।

2019 के बाद विवाद और गहरा हुआ

2019 में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने मुंगेर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उनका मुकाबला जदयू के ललन सिंह से हुआ था।

इसी अवधि में अनंत सिंह से जुड़े आपराधिक मामलों को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई। अगस्त 2019 में उनके पैतृक आवास से एके-47 और अन्य हथियारों की बरामदगी के बाद मामला दर्ज हुआ था। बाद में इस मामले में उन्हें सजा भी हुई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी रही।

पटना MLC चुनाव ने फिर आमने-सामने किया

2026 के पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में जदयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया। इसके बाद अनंत सिंह ने खुलकर उनके खिलाफ रुख अपना लिया और जनसुराज के अनुज सिंह का समर्थन किया।

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जनसुराज ने अनुज सिंह को पटना स्नातक सीट से उम्मीदवार बनाया है। 1 अक्टूबर को उनके नामांकन के दौरान अनंत सिंह की मौजूदगी ने मुकाबले को और चर्चित कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद जदयू नेतृत्व को पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार और अपने ही विधायक के सार्वजनिक रूप से अलग उम्मीदवार के समर्थन के सवाल से जूझना पड़ रहा है।

ललन सिंह के जिम्मे विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी

जदयू कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के मुताबिक, अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दी गई है। पार्टी का कहना है कि ललन सिंह दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।

मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि पार्टी नेतृत्व और ललन सिंह इस विवाद को किस तरह संभालते हैं।

चुनावी मुकाबला भी हुआ दिलचस्प

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार के सामने जनसुराज के अनुज सिंह मैदान में हैं। अनंत सिंह के अनुज के समर्थन में उतरने से मुकाबले में एक अलग राजनीतिक पहलू जुड़ गया है।

नीरज कुमार को नीतीश कुमार की ओर से जदयू उम्मीदवार का प्रपत्र सौंपे जाने के बाद पार्टी की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट है। दूसरी तरफ अनंत सिंह का प्रचार अभियान जारी है। अब इस चुनाव में उम्मीदवारों के साथ-साथ उनके समर्थन में सक्रिय नेताओं की भूमिका भी चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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