भागलपुर में फिर बढ़ी गंगा, दियारा में लौटने लगा बाढ़ का पानी

भागलपुर

भागलपुर में गंगा बढ़ी, दियारा इलाकों में फिर फैलने लगा बाढ़ का पानी

  • निचले इलाकों में पानी फैलने से बढ़ी किसानों की चिंता, राघोपुर तटबंध पर रातभर चला फ्लड फाइटिंग कार्य
  • राघोपुर जमींदारी तटबंध पर गिट्टी, बालू व ईंट डालकर मजबूत करने का काम जारी, बड़े ट्रकों की आवाजाही से बढ़ा यातायात का दबाव

निष्कर्ष भारत, संवाददाता भागलपुर। भागलपुर जिले में गंगा का जलस्तर तीन-चार दिनों की राहत के बाद एक बार फिर बढ़ने लगा है। बुधवार से नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने के कारण तटवर्ती और दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी दोबारा फैलने लगा है। पानी घटने के बाद जिन इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली थी, वहां फिर से पानी पहुंचने लगा है। नाथनगर, नवगछिया, अजगैवीनाथ, पीरपैंती और कहलगांव के निचले इलाकों में स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।

हालांकि, भागलपुर के कहलगांव क्षेत्र में फिलहाल बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों तक नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर दियारा क्षेत्रों में पानी के दोबारा फैलने से किसानों और पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग तटबंधों की निगरानी के साथ कमजोर हिस्सों को मजबूत करने में जुटे हैं।

नाथनगर के दियारा में फिर पहुंचा पानी

भागलपुर के नाथनगर दियारा क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान गंगा के जलस्तर में करीब 10 से 15 सेंटीमीटर की वृद्धि की बात स्थानीय लोगों ने बताई है। जलस्तर बढ़ने के साथ उन स्थानों पर भी पानी दोबारा जमा होने लगा है, जहां कुछ दिन पहले नदी का पानी उतर गया था।

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भागलपुर में पानी के दोबारा फैलने से दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार जलस्तर बढ़ने पर आने-जाने के रास्ते प्रभावित हो सकते हैं और दैनिक जरूरतों के लिए भी परेशानी बढ़ सकती है।

भागलपुर के नवगछिया में भी बढ़ रहा जलस्तर

भागलपुर के नवगछिया इलाके में गंगा और कोसी दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। निचले इलाकों में पानी फैलने के कारण एक बार फिर बाढ़ जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

स्थानीय स्तर पर गंगा के जलस्तर में करीब 10 सेंटीमीटर की वृद्धि की जानकारी सामने आई है। नदी का पानी लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिन क्षेत्रों में पानी पहले कम हुआ था, वहां दोबारा जलभराव की स्थिति बनने लगी है।

अजगैवीनाथ धाम के आसपास भी बढ़ी चिंता

भागलपुर अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में परेशानी बढ़ी है। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद नदी के जलस्तर में वृद्धि का असर कई स्थानों पर दिखाई दे रहा है। भागलपुर के कुछ जगहों पर बाढ़ का पानी घरों के आसपास तक पहुंचने की बात सामने आई है। नदी का दबाव बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों को एक बार फिर जलस्तर बढ़ने की चिंता सताने लगी है।

पीरपैंती में फसलों पर मंडराया संकट

पीरपैंती के दियारा क्षेत्र में गंगा का पानी तेजी से गांवों की तरफ बढ़ रहा है। पानी फैलने से किसानों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ गई है। सब्जी, मिर्च और मवेशियों के चारे की फसलें पानी में डूबने लगी हैं। दियारा क्षेत्र में खेती पर निर्भर किसानों के लिए यह स्थिति मुश्किल पैदा कर सकती है। खेतों में पानी भरने से तैयार फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

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वहीं, गांवों के आसपास पानी पहुंचने से पशुपालक भी परेशान हैं। मवेशियों के लिए चारे की उपलब्धता को देखते हुए कई पशुपालक अपने पशुओं को लेकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

भागलपुर में राघोपुर तटबंध पर रातभर बचाव कार्य

गंगा के बढ़ते दबाव के बीच राघोपुर जमींदारी तटबंध पर कटाव को नियंत्रित करने के लिए बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह तक फ्लड फाइटिंग का काम चलता रहा।विभागीय टीम ने तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से पर गिट्टी, बालू और ईंट डालकर उसे मजबूत करने का प्रयास किया। साथ ही तटबंध को आवागमन के लिहाज से भी दुरुस्त करने का काम किया गया।

रातभर निर्माण सामग्री डाले जाने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को काफी हद तक चलने योग्य बनाने का दावा किया गया है। हालांकि, नदी का दबाव अब भी बना हुआ है और तटबंध की लगातार निगरानी की जा रही है।

कटाव की रफ्तार घटी, लेकिन खतरा बरकरार

रात के समय कटाव की रफ्तार में कुछ कमी आने की बात सामने आई है। इसके बावजूद गंगा का दबाव कम नहीं हुआ है। ऐसे में तटबंध के कमजोर हिस्सों को लेकर विभागीय टीम सतर्क है। बचाव कार्य के लिए खगड़िया की ओर से बड़े ट्रकों के जरिए मिट्टी और बालू पहुंचाई जा रही है। बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर यातायात का दबाव भी बढ़ गया है।

जहान्वी चौक के पास खड़े रहे कई ट्रक

राघोपुर तटबंध तक निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए बड़े ट्रकों की आवाजाही लगातार जारी है। जहान्वी चौक के पास करीब 50 ट्रकों के खड़े रहने से यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। बचाव कार्य में लगी गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित न हो और आम लोगों को भी परेशानी कम हो, इसके लिए ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने की जरूरत महसूस की गई है। पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से फोन पर बातचीत कर फ्लड फाइटिंग में लगी गाड़ियों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने का आग्रह किया है।

भागलपुर में तटबंधों पर लगातार निगरानी

गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने के बाद जिले के तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। खासकर दियारा क्षेत्रों और तटबंधों के आसपास स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों पर कटाव के दबाव को नियंत्रित करना है। एक तरफ जहां दियारा क्षेत्रों में पानी दोबारा फैलने से किसानों की चिंता बढ़ी है

वहीं दूसरी ओर राघोपुर तटबंध पर बचाव कार्य लगातार जारी है। आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में होने वाला बदलाव स्थिति की दिशा तय करेगा। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो निचले इलाकों में पानी फैलने की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में विभागीय टीमें तटबंधों की निगरानी और फ्लड फाइटिंग के काम में जुटी हुई हैं।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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