औरंगाबाद में मिट्टी का घर ढहा, 12 साल की बच्ची की मौत, मां समेत चार घायल
औरंगाबाद में मिट्टी का घर ढहा, बच्ची की मौत, चार घायल
निष्कर्ष भारत संवाददाता औरंगाबाद। औरंगाबाद जिलें में मिट्टी का घर ढहने से गुरुवार की मध्य रात्रि बड़ा हादसा हो गया। ओबरा थाना क्षेत्र के सिंहुड़ी गांव में पुराने मिट्टी के मकान की दीवार और छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय घर के अंदर सो रहे एक ही परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला गया और इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने 12 वर्षीय बबली कुमारी को मृत घोषित कर दिया। उसकी मां पूनम देवी समेत चार लोग घायल हैं। गंभीर रूप से घायल नंदनी कुमारी की हालत नाजुक बताई जा रही है।
औरंगाबाद में आधी रात मचा हड़कंप
बताया जाता है कि पूनम देवी अपने चार बच्चों के साथ सिंहुड़ी गांव स्थित पुराने मिट्टी के मकान में सो रही थीं। रात के समय अचानक मकान की दीवार और छत भरभराकर नीचे गिर गई। कुछ ही पलों में जिस कमरे में परिवार सो रहा था, वह मलबे में तब्दील हो गया।
मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीणों की नींद खुल गई। आवाज सुनते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने देखा कि परिवार के पांच सदस्य मलबे के नीचे दबे हुए हैं।
ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव अभियान
घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाना शुरू कर दिया। अंधेरे में भी लोग हाथों और उपलब्ध साधनों की मदद से मलबा हटाते रहे। काफी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी पांचों लोगों को बाहर निकाला गया।
इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी
मलबे से निकाले जाने के बाद सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान परिजन और ग्रामीण भी अस्पताल पहुंचे। हादसे के कारण गांव में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
औरंगाबाद हादसे में बबली की मौत
अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने 12 वर्षीय बबली कुमारी की जांच की। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बबली कन्हाई विश्वकर्मा की पुत्री थी।

बच्ची की मौत की खबर परिवार और ग्रामीणों तक पहुंचते ही सिंहुड़ी गांव में मातम पसर गया। जिस घर में कुछ समय पहले तक परिवार के लोग साथ सो रहे थे, वहां अचानक मौत का सन्नाटा छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मां समेत चार लोग घायल
हादसे में बबली की मां पूनम देवी के अलावा नंदनी कुमारी, रिमी कुमारी और कुंदन कुमार घायल हुए हैं। सभी का इलाज औरंगाबाद सदर अस्पताल में शुरू किया गया।
देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…
घायलों में नंदनी कुमारी की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। उसे बेहतर उपचार की आवश्यकता बताई गई है। वहीं अन्य घायलों का भी चिकित्सकीय उपचार जारी है।
औरंगाबाद में परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही परिवार के पांच सदस्यों के मलबे में दबने की घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। हादसे में मासूम बच्ची की मौत और परिवार के चार अन्य सदस्यों के घायल होने से ग्रामीणों में भी गहरा दुख है।
घटना के बाद सिंहुड़ी गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही। ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर और अस्पताल के आसपास मौजूद रहे। परिजनों को बच्ची की मौत पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा था।
पुराने मकान के अचानक गिरने से हादसा
स्थानीय जानकारी के अनुसार मकान पुराना मिट्टी का था। रात में अचानक इसकी दीवार और छत गिर गई। परिवार के सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और सभी मलबे में दब गए।
मकान गिरने की घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल हादसे के बाद ग्रामीणों की तत्परता से मलबे में दबे लोगों को समय रहते बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीणों की तत्परता से बची चार लोगों की जान
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने जिस तरह से राहत और बचाव का काम शुरू किया, उससे घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सका। अगर मलबे में दबे लोगों को निकालने में अधिक समय लगता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

ग्रामीणों ने लगातार प्रयास कर पांचों लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद 12 वर्षीय बबली की जान नहीं बचाई जा सकी।
औरंगाबाद गांव में पसरा मातम
बबली की मौत की खबर के बाद सिंहुड़ी गांव में मातम का माहौल है। परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीण भी सदमे में हैं। एक ही परिवार के कई लोगों के घायल होने और एक मासूम की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
देर रात तक घटनास्थल और अस्पताल के आसपास ग्रामीणों की भीड़ मौजूद रही। परिजन घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, जबकि बबली की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
राज कुमार की रिपोर्ट
