राजधानी की बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, पटना की सड़कों पर भरा पानी, प्रशासन का अलर्ट जारी
राजधानी पटना में भारी बारिश से सड़कें जलमग्न, गंगा का जलस्तर बढ़ा
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। राजधानी पटना में शनिवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने शहर की व्यवस्था और लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में जलजमाव के कारण सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पटेल गोलंबर से पटना एयरपोर्ट जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई फीट तक पानी जमा होने की सूचना है। दूसरी ओर गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है और नदी अपने उच्चतम जलस्तर से ऊपर पहुंच चुकी है। ऐसे में बारिश और गंगा का उफान राजधानी के सामने दोहरी चुनौती बन गया है।
राजधानी में बारिश से सड़कों पर जलजमाव
राजधानी में सुबह से जारी बारिश के कारण पटना के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग पर दिखाई दी, जहां सड़क के बड़े हिस्से में पानी भर गया। वही राजधानी पटना में जलजमाव के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया।
राजधानी पटना के मुख्य मार्ग पर जलभराव को देखते हुए पटना ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों और वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारी की। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों से घर से पर्याप्त समय पहले निकलने की अपील की गई, ताकि संभावित जाम के कारण उनकी यात्रा प्रभावित न हो।
ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया अलर्ट
पटेल गोलंबर और एयरपोर्ट के बीच जलभराव वाले हिस्सों में वाहन चालकों को धीमी गति से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है। पुलिस ने लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने और सड़क पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है।

बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही धीमी होने की आशंका बनी हुई है। खासकर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रैफिक की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
राजधानी के लिए गंगा का बढ़ता जलस्तर भी चिंता
पटना में बारिश की परेशानी के बीच गंगा का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए दूसरी बड़ी चुनौती बन गया है। नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। कुछ स्थानों पर नालियों के रास्ते नदी का पानी शहर की तरफ आने की स्थिति भी सामने आई है।
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जल संसाधन विभाग के अनुसार शनिवार सुबह 9 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.51 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 1.91 मीटर ऊपर था। उस समय भी नदी का जलस्तर बढ़ रहा था और यह अपने उच्चतम बाढ़ स्तर यानी HFL 50.52 मीटर के बेहद करीब पहुंच चुकी थी।
HFL से भी ऊपर पहुंचा गंगा का पानी
सुबह करीब 10 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह नदी का पानी दर्ज उच्चतम जलस्तर से भी ऊपर पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन की निगरानी और बढ़ा दी गई है।
बाढ़ की स्थिति पर पांच विभागों की बैठक
गंगा के बढ़ते जलस्तर और प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार के पांच विभागों ने शनिवार को समन्वय बैठक की। बैठक में उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा शामिल हुए।

बैठक में बाढ़ से निपटने की तैयारियों, राहत कार्यों और प्रभावित इलाकों में लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत कार्य तेज करने पर जोर दिया गया।
राजधानी से बाहर भी बाढ़ का असर
बिहार में गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही है। बक्सर से भागलपुर तक नदी के बढ़े जलस्तर का असर रिहायशी और निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। कई निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर भी शुरू किए गए हैं।
आने वाले दिनों में भी नजर रहेगी
लगातार बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राजधानी पटना में जलजमाव से निपटना जहां नगर प्रशासन के लिए चुनौती है, वहीं गंगा का बढ़ता जलस्तर नदी किनारे के इलाकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था बनाए रखना और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को सुचारू रखना है। आने वाले 48 घंटे गंगा के जलस्तर और बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
राज कुमार की रिपोर्ट
