पटना में व्यापारी का शव मिला, 2 दिन से था लापता, इलाके में सनसनी
पटना के भगत टोला में लापता मवेशी व्यापारी का शव मिलने से सनसनी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में मवेशी व्यापारी रामप्रवेश सिंह की मौत का मामला सामने आया है। मरांची थाना क्षेत्र के नौ भैया टोला निवासी रामप्रवेश सिंह 18 सितंबर की रात से लापता थे। रविवार सुबह उनका शव भगत टोला इलाके से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने रामप्रवेश सिंह की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
परिजनों का दावा है कि रामप्रवेश सिंह मवेशियों की खरीद-बिक्री के सिलसिले में घर से निकले थे। आरोप है कि कुछ लोगों ने पहले उन्हें शराब पिलाई और इसके बाद लाठी-डंडों से मारपीट की। परिवार का यह भी आरोप है कि हत्या के बाद शव को भगत टोला के पास फेंक दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
पटना में 18 सितंबर की रात से लापता थे रामप्रवेश
रामप्रवेश सिंह के परिजनों के अनुसार, वह 18 सितंबर की रात मवेशियों की खरीद-बिक्री के काम से घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई और उनकी तलाश शुरू की गई।
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परिजनों और आसपास के लोगों ने संभावित स्थानों पर रामप्रवेश सिंह को खोजने का प्रयास किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। रात बीतने के बाद भी जब रामप्रवेश सिंह घर नहीं लौटे तो परिवार की चिंता और बढ़ गई। इसी बीच रविवार सुबह भगत टोला इलाके में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना सामने आई।
भगत टोला में मिला लावारिस शव
रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने भगत टोला इलाके में एक शव पड़ा देखा। शव की जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो मौके पर भीड़ जुटने लगी। इसके बाद पटना पुलिस को सूचना दी गई। मरांची थाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।
पटना पुलिस ने शव की पहचान कराने की कोशिश की। बाद में परिजनों ने शव की पहचान रामप्रवेश सिंह के रूप में की। पहचान होने के बाद परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी गई। शव मिलने की खबर के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
पटना पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
मरांची थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने बताया कि रामप्रवेश सिंह 18 सितंबर की रात से लापता थे। रविवार सुबह उनका शव भगत टोला इलाके से बरामद किया गया। पटना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया।

पटना पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल और शव मिलने की परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
परिजनों ने लगाया साजिश का आरोप
रामप्रवेश सिंह की मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि साजिश के तहत की गई हत्या है। परिवार का आरोप है कि कुछ लोगों ने रामप्रवेश सिंह को पहले शराब पिलाई और फिर लाठी-डंडों से पीटकर उनकी हत्या कर दी।
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परिजनों ने यह भी दावा किया कि हत्या के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को भगत टोला के पास फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी इन आरोपों को अंतिम रूप से सही नहीं माना है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी
पटना पुलिस मामले की जांच के साथ संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी भी कर रही है। थानाध्यक्ष रौशन कुमार के अनुसार, परिजनों से मिली जानकारी और शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रामप्रवेश सिंह 18 सितंबर की रात घर से निकलने के बाद किन लोगों के संपर्क में आए थे। इसके अलावा उनके आखिरी बार कहां देखे जाने और भगत टोला तक पहुंचने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने कई सवाल
रामप्रवेश सिंह की मौत के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि 18 सितंबर की रात उनके साथ क्या हुआ। वह किन लोगों के साथ थे और आखिर उनका शव भगत टोला में कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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इसके अलावा परिजनों की ओर से लगाए गए शराब पिलाने और मारपीट के आरोपों की भी जांच की जा रही है। घटनास्थल से किसी तरह के साक्ष्य मिले हैं या नहीं, पुलिस इस पहलू को भी देख रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों और मौत की वजह को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
परिजनों को जल्द कार्रवाई का भरोसा
रामप्रवेश सिंह की मौत के बाद परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रामप्रवेश सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
मामले में पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शव बरामद होने से लेकर परिजनों के आरोपों और संदिग्धों की तलाश तक हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर इस मामले की आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
अमन कुमार की रिपोर्ट
