मुख्यमंत्री योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- ‘विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी’
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 912 पुलिस अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए
निष्कर्ष भारत संवाददाता-लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी भर्तियों और पुलिस व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। रविवार को लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, पुलिस सुधार, महिला सुरक्षा और प्रदेश की बदली कानून-व्यवस्था का उल्लेख किया।
विपक्ष पर सीएम योगी का निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अपने कार्यकाल में कुछ नहीं कर पाए, वे आज भी सरकार के कामों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों की अक्षमता और अव्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से जूझना पड़ा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विपक्ष अपनी गिनती करता रहे, जबकि सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र देती रहेगी। उन्होंने बताया कि शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, रविवार को 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और 22 सितंबर को भी नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
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912 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस सेवा में शामिल होना जिम्मेदारी और जनसेवा का अवसर है।
उन्होंने कहा कि किसी योग्य अभ्यर्थी का पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया के माध्यम से चयन केवल उसके परिवार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे शासन और भर्ती व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होता है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर युवाओं के बीच निराशा का माहौल था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भाई-भतीजावाद, सिफारिश और पेपर लीक जैसी समस्याओं के कारण योग्य अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रक्रियाओं में सुधार किए हैं। समूह ‘ग’ और ‘घ’ की भर्तियों से साक्षात्कार समाप्त करने का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे चयन प्रक्रिया में पक्षपात की संभावनाएं कम करने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, अब विज्ञापन जारी होने से लेकर परीक्षा, नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण और तैनाती तक अभ्यर्थियों को किसी सिफारिश की जरूरत नहीं होनी चाहिए। चयन योग्यता, क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर किए जाने पर जोर दिया गया।
साढ़े नौ लाख से अधिक नियुक्तियों का दावा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि कई विभागों में भर्ती प्रक्रिया अभी भी जारी है और आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश अब निवेश और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के सामने अब पहचान और अवसरों को लेकर पहले जैसी स्थिति नहीं है।
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कानून-व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य के कई हिस्सों में दंगे, कर्फ्यू और माफिया गतिविधियों की समस्या सामने आती थी। उनके अनुसार, सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब कर्फ्यू और उपद्रव वाले प्रदेश के बजाय सुरक्षित और उत्सवपूर्ण राज्य के रूप में बनी है। उन्होंने कुंभ, महाकुंभ, पर्व-त्योहारों और विभिन्न आयोजनों के दौरान पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
पुलिस बल और महिला कर्मियों की संख्या बढ़ाने का दावा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में पुलिस बल की कमी को दूर करने के लिए लगातार भर्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों की प्रशिक्षण क्षमता में भी विस्तार किया गया है। उनके अनुसार, पहले जहां एक साथ लगभग छह हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, वहीं अब यह क्षमता बढ़कर करीब 60 हजार हो गई है।
उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 44 हजार से अधिक हो गई है और चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के बाद यह संख्या 50 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है।
साइबर अपराध से निपटने के लिए व्यवस्थाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिसिंग के तरीके में भी बदलाव जरूरी है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट, साइबर थानों और साइबर हेल्प डेस्क जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में साइबर थाने और पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक जांच की सुविधाओं का विस्तार करने और पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात
मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के प्रावधान किए गए हैं।
योगी ने कहा कि भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि युवाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि वे बिना सिफारिश और लेनदेन के अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में प्रवेश कर सकते हैं।
छह अक्टूबर से शुरू होगा प्रशिक्षण
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि चयनित अभ्यर्थियों का आधारभूत प्रशिक्षण छह अक्टूबर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में संस्थागत और व्यावहारिक दोनों चरण शामिल होंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चयनित पुलिसकर्मियों को तैनाती दी जाएगी।
डीजीपी ने बताया कि करीब 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती और 9,457 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाए रखने की बात कही।
पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता की अपेक्षा
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने भी नवचयनित अभ्यर्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में अधिकार से ज्यादा कर्तव्य और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभ्यर्थियों से जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और अपने पद का दुरुपयोग नहीं करने की अपील की।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का पौधा एवं प्रतिमाएं भेंट कर स्वागत किया गया।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
