पटना में तय स्टॉप पर ही रुकेंगे वाहन, बस-ऑटो पर बढ़ेगी सख्ती…नियम तोड़ने वालों पर होंगी कार्रवाई

पटना में बस-ऑटो पर बढ़ेगी सख्ती

पटना में बस, ऑटो और ई-रिक्शा के नियमों पर अब होगी सख्ती

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना के ट्रैफ़िक नियम के तहत शहर में बस, ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन को लेकर अब सख्ती बढ़ने वाली है। सरकारी और निजी बसों को निर्धारित बस स्टॉप पर ही यात्रियों को चढ़ाना और उतारना होगा। बस स्टॉप से आगे या पीछे वाहन रोककर सवारी बैठाने या उतारने पर रविवार से ट्रैफिक पुलिस ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई करेगी। शहर में जाम की समस्या कम करने और सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए शनिवार को ट्रैफिक पुलिस, डीटीओ, परिवहन निगम और ऑटो संघ के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में ट्रैफिक एसपी सागर कुमार ने अधिकारियों और वाहन चालक संघों के प्रतिनिधियों के साथ यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान नियमों के प्रभावी पालन, वाहन चालकों की ट्रेनिंग और बिना जरूरी उपकरण के चल रहे यात्री वाहनों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।

पटना में तय स्टॉप पर ही रुकेंगी बसें

शहर में चलने वाली सरकारी और निजी बसों को अब निर्धारित बस स्टॉप पर ही रोकना होगा। यात्रियों को भी बसों में चढ़ने और उतरने के लिए तय स्थान का इस्तेमाल करना होगा। सड़क के बीच या बस स्टॉप से आगे-पीछे वाहन रोककर सवारी बैठाने पर चालक और ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि मुख्य सड़कों पर मनमाने तरीके से बस रोकने से वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है और कई जगह जाम की स्थिति बनती है। इसी वजह से बसों के लिए निर्धारित स्टॉप का पालन कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

GPO हब से बसों के लिए भी नियम तय

जीपीओ स्थित मल्टी मॉडल हब से चलने वाली बसों को गेट बंद करके ही बाहर निकलना होगा। बसों को जीपीओ गोलंबर या मुख्य सड़क पर रोककर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की अनुमति नहीं होगी।

मुख्य सड़क पर बस खड़ी मिलने पर संबंधित चालक से जुर्माना वसूला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मल्टी मॉडल हब का उद्देश्य यात्री वाहनों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। ऐसे में बसों के बाहर सड़क पर रुकने से यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं हो, इसके लिए कार्रवाई की जाएगी।

पटना में सिटी बस चालकों को मिलेगी ट्रेनिंग

राजाबाजार फ्लाईओवर पर हुए बस हादसे को देखते हुए परिवहन निगम की सभी सिटी बसों के चालकों को प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है। प्रशिक्षण में चालकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।

ट्रैफिक एसपी सागर कुमार ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी होना जरूरी है। प्रशिक्षण के जरिए चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।

ऑटो और ई-रिक्शा की चौक-चौराहों पर जांच

पटना के प्रमुख चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की जांच भी की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के जरूरी कागजात की जांच करेगी। नाबालिग चालक वाहन चलाते मिला तो वाहन जब्त किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में चालक यातायात नियमों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। इसी वजह से नियमों के पालन और चालकों की ट्रेनिंग को लेकर विशेष व्यवस्था तैयार की जा रही है।

1 अक्टूबर से तीन घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य

लाइसेंस प्राप्त ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए 1 अक्टूबर से तीन घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य करने का फैसला लिया गया है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद डीटीओ की ओर से प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

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प्रमाणपत्र के बिना ऑटो और ई-रिक्शा चलाने की अनुमति नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य चालकों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। प्रगतिशील ऑटो रिक्शा चालक संघ के महासचिव नवीन मिश्रा ने चालकों के लिए ड्रेस, बैच और आई-कार्ड लागू करने की मांग भी बैठक में रखी। उन्होंने चालक कल्याण योजनाओं को लागू करने की मांग की।

पटना के जाम वाले इलाकों पर विशेष नजर

बैठक में शहर के प्रमुख जाम वाले इलाकों को भी चिह्नित किया गया। इनमें जीपीओ गोलंबर और जंक्शन, डाकबंगला चौराहा, करगिल चौक, बोरिंग रोड चौराहा, हड़ताली मोड़, मीठापुर फ्लाईओवर और पुराना बस स्टैंड रोड शामिल हैं।

इसके अलावा सगुना मोड़, अनीसाबाद गोलंबर, नाला रोड, कंकड़बाग मेन रोड, राजेंद्रनगर ओवरब्रिज, कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड, अशोक राजपथ, बाइपास-जीरोमाइल, राजाबाजार, मछुआ टोली, बारी पथ, गायघाट और पुरानी पटना सिटी रोड को भी जाम के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन इलाकों में यातायात नियमों के पालन पर निगरानी बढ़ाने के साथ वाहनों के अनियमित ठहराव पर कार्रवाई की जाएगी।

बिना VLTD यात्री वाहनों पर भी कार्रवाई

पटना में बिना व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस यानी VLTD के चल रहे यात्री वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों को नया परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा।

स्कूली बस, टैक्सी, ओला-उबर या सिटी बस बिना VLTD के पकड़ी गई तो वाहन मालिक पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इन वाहनों की निगरानी टोल प्लाजा और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे CCTV कैमरों के जरिए भी की जाएगी।

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डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने कहा कि बिना VLTD के परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए येलो नंबर प्लेट वाले यात्री वाहनों में VLTD लगाना जरूरी है।

जाम और हादसों पर नियंत्रण की कोशिश

यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लिए गए इन फैसलों में नियमों के पालन के साथ चालक प्रशिक्षण और तकनीकी निगरानी पर भी जोर दिया गया है। बसों के लिए निर्धारित स्टॉप का पालन, ऑटो-ई-रिक्शा चालकों की जांच और VLTD की अनिवार्यता लागू होने से यात्री वाहनों की निगरानी बढ़ेगी।

अब देखना होगा कि इन नियमों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है। रविवार से बस स्टॉप को लेकर कार्रवाई शुरू होने और 1 अक्टूबर से ऑटो-ई-रिक्शा चालकों की ट्रेनिंग अनिवार्य होने के बाद पटना की यातायात व्यवस्था में इन फैसलों का असर सामने आएगा।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट