बिहार के अभिषेक आनंद का जापान क्रिकेट टीम तक सफर, IITian से बने इंटरनेशनल क्रिकेटर

अभिषेक आनंद

अभिषेक आनंद जापान क्रिकेट टीम

निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार के लोगों की प्रतिभा की चर्चा अक्सर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी होती है। अब रोहतास जिले से जुड़े अभिषेक आनंद का नाम सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। एशियन गेम्स के दौरान भारत और जापान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले अभिषेक का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपने अंदाज में कहते हुए नजर आ रहे हैं—‘बिहारी कहां नहीं है भाई!’

अभिषेक आनंद जापान की क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं। खास बात यह है कि क्रिकेट के मैदान तक पहुंचने से पहले वह एक आईआईटियन रहे हैं। पढ़ाई और प्रोफेशनल करियर के बीच उन्होंने क्रिकेट के अपने जुनून को जिंदा रखा और आखिरकार जापान की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। उनकी यह कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है।

बचपन में बिहार से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

अभिषेक आनंद ने अपने क्रिकेट सफर के बारे में बताते हुए कहा कि उनकी शुरुआत बचपन में बिहार में शॉर्ट-बॉल क्रिकेट से हुई थी। उन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था, लेकिन उनके माता-पिता चाहते थे कि वह किसी प्रोफेशनल क्षेत्र में अपना करियर बनाएं।

परिवार की इच्छा को ध्यान में रखते हुए अभिषेक ने आईटी की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आईटी सेक्टर में काम करना शुरू किया। हालांकि, क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ। इसी दौरान उन्होंने लेदर बॉल से प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया और इस खेल को गंभीरता से लेना शुरू किया।

देखिये हमारी ख़बर यूट्यूब चैनल पर भी: Jamui कांड में जाति कार्ड का खेल:Tejashwi Yadav का तीखा हमला मुस्लिम-यादव एंगल तलाशने में जुटी पुलिस

धीरे-धीरे क्रिकेट उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया। इसके बाद उन्हें जापान जाने का मौका मिला, जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी।

जापान जाने के लिए मिला सिर्फ दो घंटे का समय

अभिषेक आनंद ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेलेंगे। उनके कॉलेज में प्लेसमेंट चल रही थी। इसी दौरान जापान की एक कंपनी उनके कॉलेज में आई थी।

अभिषेक ने बताया कि उन्होंने सामान्य तौर पर कंपनी के इंटरव्यू में हिस्सा लिया था। इसके बाद उनका चयन हो गया। कंपनी की ओर से उन्हें ऑफर स्वीकार करने या नहीं करने के लिए सिर्फ दो घंटे का समय दिया गया था।

उन्होंने कहा कि वह विदेश नहीं जाना चाहते थे और इस प्रस्ताव को लेकर असमंजस में थे। हालांकि, उन्होंने इस अवसर को एक नए अनुभव के रूप में देखा और इसके बारे में विचार करने के बाद जापान जाने का फैसला किया।

जापान के क्रिकेट क्लब से जुड़ी नई शुरुआत

जापान जाने के बाद अभिषेक आनंद ने वहां के क्रिकेट माहौल को समझने और क्लब क्रिकेट के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने जापान के क्रिकेट से जुड़े तथ्यों की जानकारी हासिल की, तब उन्हें पता चला कि देश में क्रिकेट को लेकर संभावनाएं मौजूद हैं।

उसी दौरान जापान की टीम ने ईस्ट एशिया पैसिफिक वर्ल्ड कप क्वालीफायर के लिए क्वालीफाई किया था। इससे अभिषेक को लगा कि जापान में क्रिकेट का भविष्य हो सकता है और वह इस खेल में आगे बढ़ सकते हैं।

इसके बाद उन्होंने जापान के टोक्यो फाल्कन क्रिकेट क्लब को ज्वाइन किया। यहीं से उनके जापान क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई। उन्होंने लगातार करीब तीन वर्षों तक क्रिकेट खेला। इस दौरान जापान क्रिकेट एसोसिएशन की नजर भी उनके प्रदर्शन पर बनी रही।

तीन साल बाद जापान की नेशनल टीम में चयन

अभिषेक आनंद ने बताया कि लगातार तीन वर्षों तक खेलने के बाद उन्हें जापान की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। क्लब क्रिकेट में उनके प्रदर्शन और अनुशासन को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर प्राप्त हुआ।

डेब्यू के बाद से अभिषेक जापान के लिए 18 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं। इन मैचों में उन्होंने 275 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 55 रन रहा है और उनके नाम एक अर्धशतक भी दर्ज है। बल्लेबाजी के अलावा वह जरूरत पड़ने पर मीडियम पेस गेंदबाजी भी करते हैं। अब तक वह एक विकेट हासिल कर चुके हैं।

उनका प्रदर्शन बताता है कि उन्होंने पढ़ाई, नौकरी और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर तय किया है।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

जापान टीम में चयन के लिए क्या हैं नियम?

अभिषेक आनंद के मुताबिक, जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में चयन के लिए कुछ प्रमुख मानदंडों को पूरा करना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी को लगातार तीन वर्षों तक जापान में रहना चाहिए। इसके अलावा जापान में जन्म और जापानी पासपोर्ट से जुड़े नियम भी लागू होते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और अनुशासन को भी चयन प्रक्रिया में महत्व दिया जाता है। अभिषेक के अनुसार, उन्होंने चयन से जुड़े आवश्यक मानदंडों को पूरा किया, जिसके बाद उन्हें जापान की राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिला।

भारत-जापान मुकाबले में नहीं खेलेंगे अभिषेक

भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को होने वाले फ्रेंडली टी-20 मुकाबले को लेकर भी क्रिकेट प्रशंसकों में उत्सुकता है। यह मैच जापान के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर आयोजित होने की जानकारी दी गई है। मुकाबले को दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जोड़ा जा रहा है। इसे ‘सुजुकी कप’ नाम दिया गया है।

हालांकि, अभिषेक आनंद इस मुकाबले के लिए जापान की टीम का हिस्सा नहीं होंगे। इसके बावजूद उनकी कहानी भारतीयों, खासकर बिहार के युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

रोहतास से जुड़े अभिषेक आनंद की कहानी बताती है कि करियर की शुरुआत किसी एक क्षेत्र से होने के बावजूद अपने जुनून को आगे बढ़ाने के रास्ते खुले रहते हैं। IITian से जापान के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने तक का उनका सफर मेहनत, अवसर और सही समय पर लिए गए फैसले का उदाहरण है। सोशल मीडिया पर वायरल उनका बयान ‘बिहारी कहां नहीं है भाई’ अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट

You may have missed