बिहार में लगेगा बॉलीवुड सितारों का जमावड़ा, 15 से अधिक फिल्मों की होगी शूटिंग, आएंगे कई सितारे

फिल्मों

बिहार में फिल्मों की शूटिंग बढ़ी, बॉलीवुड सितारों की भी होगी एंट्री

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में फिल्मों की शूटिंग को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने वाली नई नीति के बाद अब दिसंबर 2026 से 15 से अधिक फिल्मों की शूटिंग शुरू होने की तैयारी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रस्तावित इन परियोजनाओं पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया जा रहा है।

फिल्म जगत से जुड़े लोगों के अनुसार, इन फिल्मों में चर्चित कलाकारों के शामिल होने की संभावना है। सुनील शेट्टी, संजय मिश्रा, गोविंदा और सोनू सूद समेत कई कलाकारों ने बिहार में शूटिंग के लिए सहमति दी है।

यह बदलाव सिर्फ फिल्मों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है। बिहार में शूटिंग बढ़ने से स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, स्पॉट वर्करों, मेकअप आर्टिस्ट, कैमरामैन और दूसरे फिल्मकर्मियों के लिए काम के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Mumbai में छात्र की मौत से IIT पटना में जांच की मांग…

बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के अनुसार, जुलाई 2024 में नीति लागू होने के बाद अब तक 45 फिल्म प्रोजेक्ट्स को शूटिंग की मंजूरी मिल चुकी थी और इनमें बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट्स की शूटिंग पूरी भी हो चुकी है।

फिल्मों की शूटिंग के लिए बिहार क्यों बन रहा पसंद

बिहार में फिल्मों की शूटिंग बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण राज्य की नई फिल्म प्रोत्साहन नीति को माना जा रहा है। इस नीति के जरिए सरकार ने फिल्म निर्माताओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ शूटिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की व्यवस्था की है।

बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम को फिल्म नीति लागू करने वाली प्रमुख संस्था बनाया गया है। आधिकारिक नीति में फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज, टीवी कार्यक्रम और फिल्म निर्माण से जुड़ी आधारभूत संरचना के लिए भी प्रोत्साहन का प्रावधान है।

बिहार में क्षेत्रीय फिल्मों को बड़ा प्रोत्साहन

फिल्म नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को दिया जाने वाला प्रोत्साहन है। भोजपुरी, मैथिली, मगही, अंगिका और बज्जिका जैसी भाषाओं में बनने वाली फिल्मों को उत्पादन लागत के 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा नीति के अनुसार तय की गई है।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों के लिए उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत तक प्रोत्साहन का प्रावधान है। बिहार की कहानी, पृष्ठभूमि और पहचान को केंद्र में रखने वाली फिल्मों के लिए भी अलग प्रोत्साहन व्यवस्था मौजूद है।

इससे बिहार की स्थानीय भाषाओं और कहानियों को बड़े पर्दे तक पहुंचाने का रास्ता भी खुल रहा है। अब फिल्म निर्माताओं के सामने सिर्फ मुंबई या दूसरे पारंपरिक फिल्मी केंद्रों पर निर्भर रहने के बजाय बिहार में ही कहानी के अनुरूप लोकेशन और स्थानीय प्रतिभा इस्तेमाल करने का विकल्प बढ़ा है।

फिल्मों के लिए पटना से कैमूर तक लोकेशन

बिहार की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविध लोकेशन हैं। पटना का जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव शहर और नदी के किनारे वाले दृश्यों के लिए फिल्मकारों का आकर्षण बना हुआ है। यहां गानों, रोमांटिक दृश्यों और कमर्शियल शूटिंग के लिए संभावनाएं देखी जा रही हैं।

कैमूर का दुर्गावती डैम प्राकृतिक सुंदरता के कारण गीतों और बड़े विजुअल वाले दृश्यों के लिए उपयोगी माना जा रहा है। दूसरी तरफ वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल एक्शन, थ्रिलर और जंगल आधारित कहानियों के लिए अलग तरह की पृष्ठभूमि उपलब्ध कराते हैं।

इसे भी पढ़ें: जमुई कांड में मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, मुठभेड़ में पुलिस ने मारी गोली, अबतक 6 गिरफ्तार

राजगीर का ग्लास ब्रिज, नालंदा का वेणु वन और मुंगेर का भीमबांध भी उन स्थानों में शामिल हैं, जहां फिल्मकारों की दिलचस्पी बढ़ रही है। पहले से राजगीर, पटना, बोधगया, गया, मुंगेर और चंपारण में फिल्मों की शूटिंग होती रही है।

बॉलीवुड सितारों की बिहार में बढ़ी दिलचस्पी

नई फिल्मों की शूटिंग के साथ बिहार में बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी भी बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक सुनील शेट्टी, संजय मिश्रा, गोविंदा और सोनू सूद समेत कई चर्चित कलाकारों ने बिहार में शूटिंग के लिए सहमति दी है। हालांकि, अलग-अलग फिल्मों की शूटिंग की तारीख, लोकेशन और कलाकारों की आधिकारिक सूची परियोजना के अनुसार सामने आएगी।

पिछले वर्षों में भी कई चर्चित कलाकार बिहार की शूटिंग और दूसरे फिल्मी कार्यक्रमों के सिलसिले में राज्य आ चुके हैं। इससे फिल्मकारों के बीच बिहार की लोकेशन को लेकर बढ़ती रुचि का संकेत मिलता है।

फिल्मों पर बढ़ रहा निवेश

रिपोर्ट के अनुसार 2024 से अब तक बिहार में 45 से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और म्यूजिक वीडियो के निर्माण पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं दिसंबर से शुरू होने वाली 15 से अधिक फिल्मों के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना बताई गई है।

बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की अप्रैल 2026 की जानकारी के अनुसार, जुलाई 2024 से 45 फिल्म प्रोजेक्ट्स को शूटिंग की मंजूरी मिली थी। इनमें 22 हिंदी, 19 भोजपुरी और अन्य भाषाओं के प्रोजेक्ट शामिल थे। 38 फीचर फिल्मों, छह डॉक्यूमेंट्री और एक वेब सीरीज का भी उल्लेख किया गया था।

शूटिंग बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार

बिहार में फिल्मों की संख्या बढ़ने का सीधा असर स्थानीय रोजगार पर पड़ सकता है। किसी फिल्म की शूटिंग के दौरान केवल कलाकारों और निर्देशक की जरूरत नहीं होती, बल्कि कैमरा टीम, लाइटिंग, साउंड, मेकअप, कॉस्ट्यूम, सेट डिजाइन, ड्राइवर, होटल, खानपान और स्थानीय परिवहन जैसी सेवाओं की भी मांग बढ़ती है।

राज्य सरकार फिल्म निर्माण से जुड़े सेवा प्रदाताओं और स्थानीय प्रतिभाओं का डेटाबेस तैयार करने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे निर्माताओं को स्थानीय कलाकारों और तकनीकी संसाधनों की जानकारी एक जगह मिलने की सुविधा विकसित की जा रही है।

सिंगल विंडो से आसान होगी फिल्मों की शूटिंग

फिल्म निर्माताओं के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि अनुमति और प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाना भी महत्वपूर्ण है। बिहार की फिल्म नीति में शूटिंग को सुविधाजनक बनाने के लिए संस्थागत सहयोग और सिंगल-विंडो जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है।

सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि निर्माताओं को अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने में कम परेशानी हो और शूटिंग की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सके। बिहार में फिल्म शूटिंग की बढ़ती गतिविधियों के पीछे आर्थिक प्रोत्साहन के साथ इस प्रशासनिक सुविधा को भी एक वजह माना जा रहा है।

फिल्मों के साथ बढ़ेगा बिहार का फिल्म इकोसिस्टम

फिल्मों की लगातार शूटिंग होने से भविष्य में बिहार में स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन, डबिंग, साउंड रिकॉर्डिंग, कैमरा और अन्य तकनीकी सुविधाओं के विकास की संभावना भी बढ़ सकती है। आधिकारिक नीति में फिल्म सेट, फिल्म सिटी, स्टूडियो, वीएफएक्स, एनीमेशन, साउंड रिकॉर्डिंग और डबिंग जैसी सुविधाओं के लिए निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान है।

इसका मतलब यह है कि बिहार में फिल्म निर्माण केवल शूटिंग तक सीमित रखने के बजाय उससे जुड़े पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

दिसंबर से नई फिल्मों की शूटिंग पर नजर

दिसंबर 2026 से 15 से अधिक फिल्मों की प्रस्तावित शूटिंग इस दिशा में अगला बड़ा कदम मानी जा रही है। यदि ये परियोजनाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती हैं तो पटना से लेकर कैमूर, राजगीर, मुंगेर और पश्चिम चंपारण तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में फिल्म यूनिट की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

नई फिल्म नीति, स्थानीय लोकेशन, आर्थिक प्रोत्साहन और कलाकारों की बढ़ती दिलचस्पी ने बिहार को फिल्म निर्माताओं के लिए एक उभरते विकल्प के तौर पर सामने रखा है। अब आने वाले महीनों में इन फिल्मों की आधिकारिक शूटिंग तारीख, स्टारकास्ट और लोकेशन की जानकारी सामने आने के साथ तस्वीर और स्पष्ट होगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

You may have missed