UP में भारत टैक्सी लॉन्च, ओला-उबर को मिलेगी टक्कर, किराए में नहीं होगा खेल

भारत टैक्सी

यूपी में भारत टैक्सी लॉन्च, ड्राइवरों को जीरो कमीशन और सुरक्षा कवर

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (लखनऊ)। उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में इस सहकारी मॉडल पर आधारित टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। फिलहाल भारत टैक्सी को लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को टैक्सी के साथ दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी।

भारत टैक्सी को निजी कैब एग्रीगेटर कंपनियों से अलग मॉडल के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ड्राइवरों के लिए जीरो कमीशन मॉडल है। यानी सेवा से जुड़ने वाले चालक अपनी कमाई का हिस्सा प्लेटफॉर्म कमीशन के रूप में नहीं देंगे। इसके अलावा चालकों के लिए पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा कवरेज की बात कही गई है।

भारत टैक्सी की शुरुआत ऐसे समय हुई है जब देश के कई शहरों में ऐप आधारित कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में सहकारी मॉडल वाली यह सेवा ड्राइवर और यात्रियों दोनों के लिए किस तरह का विकल्प तैयार करती है, इस पर अब नजर रहेगी।

भारत टैक्सी में ऑटो, कार और बाइक की बुकिंग

भारत टैक्सी की खास बात यह है कि यह केवल कार कैब सेवा तक सीमित नहीं है। इसके तहत टैक्सी, दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक पंजीकरण कराकर प्लेटफॉर्म से जुड़ सकते हैं। यात्रियों को भी अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग तरह के वाहन बुक करने का विकल्प मिलेगा।

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यूपी में पहले चरण में लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज को शामिल किया गया है। इससे राजधानी के साथ-साथ पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में ऐप आधारित परिवहन का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

भारत टैक्सी में ड्राइवरों के लिए जीरो कमीशन

भारत टैक्सी का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला पहलू जीरो कमीशन मॉडल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च कार्यक्रम में कहा कि टैक्सी, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक पंजीकरण के बाद जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बन सकेंगे।

इस मॉडल का सीधा संबंध ड्राइवर की कमाई से है। सामान्य ऐप आधारित कैब सेवाओं में प्लेटफॉर्म शुल्क या कमीशन की व्यवस्था हो सकती है, जबकि भारत टैक्सी में ड्राइवर से कमीशन नहीं लेने का मॉडल रखा गया है। इससे चालक की आय और प्लेटफॉर्म के बीच संबंध को अलग तरीके से संचालित करने की कोशिश की जा रही है।

पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा

भारत टैक्सी से जुड़ने वाले ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा भी इस मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बताई गई है। मुख्यमंत्री ने पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा कवरेज का उल्लेख किया। इसका उद्देश्य ड्राइवरों को केवल कमाई का माध्यम उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पक्ष को भी मजबूत करना बताया गया है।

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ड्राइवरों के लिए यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ऐप आधारित परिवहन व्यवस्था में वाहन चालक प्लेटफॉर्म के संचालन की मुख्य कड़ी होते हैं। भारत टैक्सी के सहकारी मॉडल में इन्हें सेवा प्रदाता के साथ-साथ व्यवस्था का सहभागी बनाने की कोशिश की जा रही है।

पीक ऑवर और रात के किराए पर भी नजर

भारत टैक्सी के बारे में एक और महत्वपूर्ण बात किराए की व्यवस्था को लेकर सामने आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी कंपनियों की तरह पीक ऑवर या रात के समय अतिरिक्त शुल्क लेने की व्यवस्था यहां नहीं होगी। हालांकि यात्रियों के लिए वास्तविक किराया कितना होगा और अलग-अलग शहरों तथा वाहन श्रेणियों में किराया कैसे तय किया जाएगा, इसका व्यावहारिक असर सेवा के विस्तार के साथ स्पष्ट होगा।

लखनऊ में एयरपोर्ट और मेट्रो से जुड़ाव

भारत टैक्सी की शुरुआत के साथ लखनऊ में कई संस्थाओं के साथ समझौते भी किए गए हैं। इनमें लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाएं शामिल हैं। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट, मेट्रो और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच आवागमन के लिए इस सेवा का इस्तेमाल करने का रास्ता तैयार किया गया है।

भारत टैक्सी और रोजगार का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार हो सकते हैं। उनका जोर इस बात पर रहा कि टैक्सी, ऑटो और बाइक चलाने वाले युवाओं को संगठित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाए।

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उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने को कहा। इससे संकेत मिलता है कि सरकार इस सहकारी परिवहन मॉडल को केवल शहरों तक सीमित रखने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने पर भी विचार कर रही है।

महाकुंभ का उदाहरण देकर समझाया परिवहन मॉडल

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं ने रैपिडो जैसी सेवाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को संगम, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। उनके मुताबिक इस तरह की सेवाओं ने बड़े आयोजन के दौरान लोगों के आवागमन में मदद की।

इसी अनुभव के आधार पर सहकारी मॉडल वाली परिवहन सेवा को आगे बढ़ाने की बात कही गई। हालांकि भारत टैक्सी का संचालन और उसका प्रभाव आने वाले समय में यात्रियों की संख्या, ड्राइवरों की भागीदारी और सेवा की उपलब्धता से तय होगा।

किसानों के लिए भी शुरू हुई नई योजना

भारत टैक्सी के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत भी की गई। इसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को दीर्घकालिक ऋण की सुविधा कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत की गई है और आने वाले वर्षों में पांच लाख लघु एवं सीमांत किसानों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सिंचाई, बिजली और गन्ना भुगतान से जुड़ी सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में लाखों हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है और निजी ट्यूबवेल वाले बड़ी संख्या में किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।

गन्ना भुगतान और सहकारी बैंकों पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और उनके अनुसार 100 से अधिक मिलें गन्ना मूल्य का भुगतान चौथे दिन कर रही हैं। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य भुगतान का भी दावा किया।

उन्होंने सहकारी बैंकों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले निष्क्रिय हुए 16 सहकारी बैंकों में से 15 अब मुनाफे में आ चुके हैं। ये आंकड़े मुख्यमंत्री के संबोधन में बताए गए सरकारी दावे हैं।

भारत टैक्सी से अब आगे क्या?

उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी की शुरुआत के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल इसके विस्तार और वास्तविक उपयोग को लेकर होगा। जीरो कमीशन, सामाजिक सुरक्षा और अलग-अलग वाहन श्रेणियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ना इसके मॉडल की प्रमुख विशेषताएं हैं। वहीं यात्रियों के लिए सेवा की उपलब्धता, बुकिंग का अनुभव, किराया, वाहन की संख्या और समय पर सेवा मिलना इसकी स्वीकार्यता तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे।

लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज से शुरुआत हो चुकी है। आने वाले समय में यदि इस सहकारी मॉडल में पर्याप्त संख्या में ड्राइवर और यात्री जुड़ते हैं, तो भारत टैक्सी उत्तर प्रदेश के ऐप आधारित परिवहन बाजार में एक नया विकल्प बन सकती है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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