बिहार में फिर तेजाब कांड, कटिहार में सो रही नाबालिग पर हमला, हालत गंभीर

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कटिहार में सो रही नाबालिग पर तेजाब से हमला, जांच में जुटी पुलिस

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (कटिहार)। बिहार में एक बार फिर तेजाब हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है। कटिहार जिले के सालमारी थाना क्षेत्र के एक गांव में घर में सो रही 12 वर्षीय नाबालिग छात्रा पर खिड़की के रास्ते कथित तौर पर तेजाब फेंक दिया गया। घटना के बाद बच्ची बुरी तरह झुलस गई। चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग जागे और आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक बच्ची का इलाज जारी है। इस दौरान उसे बचाने पहुंचे पिता और बहन के भी झुलसने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तेजाब हमले की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है।

कटिहार में आधी रात तेजाब से हमला

जानकारी के अनुसार, सालमारी थाना क्षेत्र के गांव में परिवार के सदस्य रात में घर में सो रहे थे। इसी दौरान खिड़की के रास्ते किसी अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर नाबालिग पर तेजाब फेंक दिया। तेजाब पड़ते ही बच्ची दर्द से चीखने लगी। उसकी आवाज सुनकर घर के दूसरे सदस्य जाग गए।

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परिवार के लोगों ने तत्काल बच्ची को संभाला और इलाज के लिए बारसोई रेफरल अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया गया। पुलिस और स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार बच्ची की हालत को लेकर चिकित्सकों ने निगरानी जारी रखी है।

तेजाब की चपेट में पिता और बहन भी आए

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची को बचाने और संभालने की कोशिश में उसके पिता और बहन भी तेजाब की चपेट में आए और झुलस गए। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। हमलावर घर तक कैसे पहुंचा, उसे परिवार की गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं, तेजाब कहां से लाया गया और घटना के पीछे व्यक्तिगत विवाद था या कोई दूसरी वजह, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

तेजाब फेंकने वाला कौन? पुलिस खंगाल रही सुराग

परिजनों की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हमलावर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

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पुलिस की जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटना के समय आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे और क्या किसी संदिग्ध व्यक्ति को इलाके में देखा गया था। वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य जांच प्रक्रियाओं के जरिए पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

कटिहार तेजाब कांड ने फिर उठाए सुरक्षा पर सवाल

कटिहार की घटना ने एक बार फिर घर के भीतर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर घर को सुरक्षित स्थान माना जाता है, लेकिन इस घटना में सोते समय खिड़की से हमला किए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि अभी पुलिस जांच पूरी नहीं हुई है और हमले के कारण तथा आरोपी की पहचान स्पष्ट नहीं हुई है। इसलिए घटना के पीछे किसी खास वजह या व्यक्ति की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

जमुई कांड से भी जुड़ रहा बिहार में सुरक्षा का सवाल

कटिहार की घटना के बीच जमुई का मामला भी चर्चा में है। जमुई के मड़वा पहाड़ी इलाके में 19 सितंबर को एक नाबालिग छात्रा और उसके सहपाठी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की। मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव और उसके साथी हरेराम यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन के पैर में गोली लगी, जबकि हरेराम के पैर में चोट आई।

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मामले की जांच में पुलिस ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की थी। ताजा रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जमुई में आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई

जमुई मामले में पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी को पकड़ने के दौरान मुठभेड़ की स्थिति बनी। पुलिस कार्रवाई में नंदन यादव घायल हुआ और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं, हरेराम यादव के भागने के दौरान पैर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके खिलाफ पहले दर्ज मामलों की भी जांच कर रही है। कुछ रिपोर्टों में दोनों के शराब तस्करी और अवैध बालू कारोबार से जुड़े होने की बात कही गई है। इन दावों की पुष्टि जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही अंतिम रूप से मानी जाएगी।

मड़वा पहाड़ी इलाके को लेकर भी सवाल

जमुई की घटना के बाद मड़वा पहाड़ी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सुनसान इलाकों में नियमित पुलिस गश्त की जरूरत है। उनका कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में शाम के बाद निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।

पुलिस की चुनौती केवल आरोपियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है। ऐसे मामलों में यह भी जरूरी है कि संवेदनशील इलाकों में अपराध की आशंका वाले स्थानों की पहचान की जाए और वहां नियमित निगरानी रखी जाए।

कटिहार मामले में अब जांच पर नजर

कटिहार तेजाब कांड में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल हमलावर की पहचान को लेकर है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि नाबालिग को निशाना बनाने के पीछे क्या वजह थी और आरोपी तक पुलिस कैसे पहुंचती है।

बच्ची का इलाज चल रहा है और परिवार घटना के बाद सदमे में है। पुलिस के सामने जल्द से जल्द हमलावर की पहचान करने के साथ घटना के कारण का पता लगाने की चुनौती है। कटिहार की इस घटना ने बिहार में नाबालिगों की सुरक्षा और तेजाब हमलों की रोकथाम को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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