पटना में सीएम ने बच्चों से किया संवाद, अभिभावक भी मौजूद, मोबाइल छोड़ने की सलाह

सीएम सम्राट चौधरी

सीएम ने बच्चों से संवाद कर पढ़ाई पर ध्यान देने और मोबाइल से दूरी की सलाह दी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के दानापुर स्थित रामजीचक राजकीय मध्य विद्यालय में बच्चों और अभिभावकों से संवाद किया। स्कूल में आयोजित पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) और पेंटिंग प्रतियोगिता में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने बच्चों की पढ़ाई, परीक्षा परिणाम, उपस्थिति और स्कूल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने और मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश यादव और रामकृपाल यादव भी मौजूद रहे।

सीएम ने बच्चों की पेंटिंग देखी और उनके साथ बातचीत की। उन्होंने खुद भी पेंटिंग में रंग भरे। मुख्यमंत्री सूरज की तस्वीर में रंग भरते नजर आए। बच्चों से संवाद के दौरान उन्होंने उनकी रुचि, पढ़ाई और भविष्य की तैयारी को लेकर सवाल पूछे। साथ ही अभिभावकों से भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर बातचीत की।

सीएम ने छात्रा से पूछा- कितने अंक आए

PTM के दौरान सीएम ने एक छात्रा के अभिभावक से उसकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि बच्ची की पढ़ाई कैसी चल रही है और स्कूल में उसे किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। अभिभावक ने बताया कि विद्यालय में निजी स्कूलों की तरह सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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इसके बाद मुख्यमंत्री ने छात्रा से उसके परीक्षा परिणाम के बारे में पूछा। छात्रा ने बताया कि उसे 300 में 189 अंक मिले हैं। इस पर सीएम ने कहा कि प्रदर्शन में अभी और सुधार की जरूरत है। उन्होंने छात्रा को बेहतर परिणाम के लिए मेहनत करने और कम से कम 280 अंक लाने का लक्ष्य रखने की सलाह दी।

सीएम ने दूसरे छात्रों से भी की बातचीत

PTM के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अन्य विद्यार्थियों से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनके अंक, उपस्थिति और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। एक छात्र ने बताया कि उसे 179 अंक मिले हैं। मुख्यमंत्री ने छात्र से कहा कि अभी प्रदर्शन में काफी सुधार की जरूरत है।

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सीएम ने बच्चों से यह भी पूछा कि वे आगे अच्छा प्रदर्शन करने के लिए क्या योजना बना रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई करने और अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आठवीं से बारहवीं तक का समय बच्चों की पढ़ाई की नींव मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में नियमित अध्ययन और मेहनत से आगे की पढ़ाई और करियर की तैयारी बेहतर तरीके से की जा सकती है।

सीएम ने बच्चों से कहा- मोबाइल से दूरी जरूरी

बच्चों से बातचीत के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी चर्चा का विषय रहा। सीएम ने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के समय मोबाइल से दूरी बनानी होगी। उन्होंने बच्चों को समझाया कि मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसका उपयोग सही उद्देश्य और सीमित समय के लिए होना चाहिए।

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एक छात्रा निशा से जब मुख्यमंत्री ने मोबाइल इस्तेमाल के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह करीब आधे घंटे मोबाइल चलाती है। इस पर सीएम ने उसे भी मोबाइल से दूरी बनाने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को समझाया कि पढ़ाई के महत्वपूर्ण समय में मोबाइल और दूसरी चीजों से ध्यान भटकने से उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बच्चों को अपने समय का बेहतर प्रबंधन करना चाहिए।

सीएम ने अभिभावकों से कहा- बच्चों का सहयोग करें

कार्यक्रम में सीएम ने अभिभावकों से भी बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के प्रदर्शन और उपस्थिति पर नियमित नजर रखें। अगर किसी विषय में बच्चे को परेशानी हो रही है तो अभिभावक शिक्षक से बातचीत कर उसके सुधार का रास्ता तलाशें।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण है। उन्होंने बच्चों से आने वाले वर्षों की पढ़ाई को गंभीरता से लेने की बात कही। उनके मुताबिक, स्कूली शिक्षा के दौरान तैयार होने वाली बुनियाद आगे के शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन में अहम भूमिका निभाती है।

स्कूल को बेहतर बनाने के लिए सीएम ने मांगे सुझाव

सीएम ने विद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों से स्कूल को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और पढ़ाई के स्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी है।

PTM के जरिए स्कूल, शिक्षक और अभिभावक एक साथ बैठकर बच्चों की प्रगति पर चर्चा कर सकते हैं। इससे पढ़ाई में आ रही कमियों को समय रहते पहचाना जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इसी तरह के संवाद को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के लिए उपयोगी बताया।

पेंटिंग में बच्चों की रचनात्मकता पर जोर

PTM के साथ आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा भी दिखाई। सीएम ने बच्चों की बनाई पेंटिंग देखी और उनसे उनकी तस्वीरों के बारे में बातचीत की। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री का बच्चों के साथ सहज संवाद देखने को मिला। उन्होंने उनकी पेंटिंग की तारीफ की और उनकी रुचियों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई के साथ अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी रहा।

बिहार के हाईवे पर 58 गश्ती वाहनों की तैनाती

स्कूल कार्यक्रम के अलावा बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी सरकार की पहल सामने आई है। राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 58 हाईवे गश्ती वाहनों की तैनाती की जाएगी। इन वाहनों का उद्देश्य सड़क पर जाम, वाहन खराब होने, दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में लोगों को जल्द सहायता उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संवाद भवन से इन गश्ती वाहनों को रवाना करेंगे। इसके बाद ये वाहन राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित गश्त करेंगे। गश्ती के दौरान यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और आपात स्थितियों पर नजर रखी जाएगी।

हाईवे पर परेशानी होने पर मिलेगी मदद

गश्ती वाहनों की तैनाती से राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं की सूचना मिलने के बाद सहायता पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। किसी वाहन के खराब होने, सड़क दुर्घटना होने या यातायात बाधित होने की स्थिति में गश्ती दल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में सहयोग करेगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य हाईवे पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के साथ सड़क उपयोगकर्ताओं को आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। नियमित गश्त से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी भी मजबूत होगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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