पटना में प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट अब आसान, घर आएंगे अफसर, जानें तरीका, 1 अक्टूबर से पेनल्टी

प्रॉपर्टी टैक्स

प्रॉपर्टी टैक्स का घर बैठे असेसमेंट, 1 अक्टूबर से 1.5% पेनल्टी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। प्रॉपर्टी टैक्स का असेसमेंट कराने वाले पटना के लोगों के लिए नगर निगम ने प्रक्रिया को आसान बनाने की व्यवस्था की है। अब संपत्ति मालिक घर बैठे अपनी प्रॉपर्टी का सेल्फ असेसमेंट कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी को फोन कर जानकारी और मार्गदर्शन भी लिया जा सकता है।

पटना नगर निगम ने अलग-अलग अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए हैं, ताकि संपत्ति मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारण से जुड़ी परेशानी होने पर सीधे संपर्क करने की सुविधा मिल सके।

नगर निगम के अनुसार जिन संपत्तियों का अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारण या पुनर्निर्धारण नहीं हुआ है, अथवा जिन पर संपत्ति कर बकाया है, उनके मालिक ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अपना असेसमेंट करा सकते हैं। खास बात यह है कि 1 अक्टूबर के बाद प्रॉपर्टी टैक्स के बकाये पर हर महीने 1.5 प्रतिशत की पेनल्टी लगाई जाएगी। ऐसे में संपत्ति मालिकों के लिए समय पर कर निर्धारण और भुगतान करना जरूरी होगा।

प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट के लिए ऑनलाइन सुविधा

पटना नगर निगम की ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए संपत्ति मालिक खुद अपना सेल्फ असेसमेंट कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले नगर निगम के ऑनलाइन पोर्टल पर जाना होगा। पोर्टल के मेन मेन्यू में Self Assessment यानी स्व-मूल्यांकन का विकल्प उपलब्ध होगा।

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इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद संपत्ति मालिक को अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP डालकर उसे सत्यापित करना होगा। मोबाइल नंबर सत्यापित होने के बाद एक नया विंडो खुलेगा, जिसमें संपत्ति से जुड़ी आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी।

संपत्ति का पता और मालिक की जानकारी भरना जरूरी

सेल्फ असेसमेंट की प्रक्रिया में संपत्ति का पूरा पता दर्ज करना होगा। इसमें पता, पिन कोड और ई-मेल जैसी जानकारी शामिल होगी। इसके बाद संपत्तिधारक से संबंधित विवरण भरना होगा।

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इस चरण में स्वामित्व का प्रकार, संपत्तिधारक का नाम और बिजली कनेक्शन का CA नंबर दर्ज करना होगा। जानकारी भरते समय संपत्ति मालिक को विशेष सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि गलत विवरण देने से आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

प्रॉपर्टी टैक्स के लिए दस्तावेज भी होंगे अपलोड

ऑनलाइन आवेदन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें संपत्ति के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज, बिजली बिल और संपत्ति की तस्वीर शामिल है। भवन या खाली जमीन की तस्वीर के साथ GPS लोकेशन भी उपलब्ध करानी होगी।

सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज दर्ज करने के बाद आवेदन को सबमिट करना होगा। आवेदन जमा होते ही संपत्ति मालिक को SAS यानी Self Assessment Number मिल जाएगा। यह नंबर आगे प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगा।

SAS नंबर से कर भुगतान और रसीद

SAS नंबर मिलने के बाद संपत्ति मालिक इसी नंबर के माध्यम से प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल रसीद भी प्राप्त की जा सकेगी। इससे संपत्ति मालिक के पास ऑनलाइन भुगतान का रिकॉर्ड भी रहेगा।

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नगर निगम की इस व्यवस्था का उद्देश्य कर निर्धारण की प्रक्रिया को ऑनलाइन और आसान बनाना है, ताकि लोगों को कार्यालय के चक्कर कम लगाने पड़ें और संपत्ति से संबंधित जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा सके।

प्रॉपर्टी टैक्स में ये जानकारी भी देनी होगी

सेल्फ असेसमेंट करते समय संपत्ति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करनी होंगी। सबसे पहले उस वित्तीय वर्ष का चयन करना होगा, जिसके लिए कर निर्धारण किया जा रहा है। इसके बाद संबंधित अंचल और वार्ड का चयन करना होगा।

संपत्ति के प्रकार का विकल्प भी चुनना होगा। इसमें Flat, Land + Building यानी जमीन एवं भवन तथा Vacant Land यानी खाली जमीन जैसे विकल्प शामिल हैं। इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेन्यू से उस सड़क का नाम चुनना होगा, जिस पर संपत्ति स्थित है।

संपत्ति की खरीद की तारीख भी दर्ज करनी होगी

ऑनलाइन फॉर्म में Acquisition Date यानी संपत्ति के अधिग्रहण या खरीद की तारीख दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही यदि संपत्ति में वर्षाजल संचयन यानी Rainwater Harvesting की व्यवस्था है तो उसकी जानकारी भी देनी होगी।

जल कनेक्शन से जुड़ी जानकारी भी सेल्फ असेसमेंट का हिस्सा है। संपत्ति मालिक को अपनी स्थिति के अनुसार सरकारी जल कनेक्शन, अपना जल कनेक्शन या अन्य उपलब्ध विकल्पों में से सही विकल्प चुनना होगा।

प्रॉपर्टी टैक्स में जल कर की राशि कैसे तय होगी

नगर निगम की प्रक्रिया के अनुसार जल कनेक्शन की स्थिति के आधार पर जल कर की निर्धारित राशि अलग-अलग हो सकती है। सरकारी जलापूर्ति कनेक्शन के लिए 1,214 रुपये, अपने बोरिंग या जल स्रोत के लिए 500 रुपये और सरकारी जलापूर्ति के साथ अपना बोरिंग दोनों होने पर 1,714 रुपये की राशि निर्धारित है।

संपत्ति मालिक को अपनी वास्तविक स्थिति के अनुसार जल कनेक्शन का विकल्प चुनना होगा। गलत विकल्प चुनने से कर निर्धारण की गणना प्रभावित हो सकती है। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों को दोबारा जांच लेना जरूरी है।

प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी के लिए अधिकारी से करें संपर्क

पटना नगर निगम ने संपत्ति मालिकों की सहायता के लिए अलग-अलग अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं। अजीमाबाद अंचल में कार्यपालक पदाधिकारी श्रेया कश्यप से 9031669435 और राजस्व पदाधिकारी उज्ज्वल तिवारी से 9650594178 पर संपर्क किया जा सकता है।

बांकीपुर अंचल में कार्यपालक पदाधिकारी गंगाकांत ठाकुर का नंबर 9031669437 और राजस्व पदाधिकारी राजेश कुमार का नंबर 9308243073 है। कंकड़बाग अंचल में कार्यपालक पदाधिकारी संजीत कुमार से 9031669438 और राजस्व पदाधिकारी शुभम कुमार से 9031668907 पर संपर्क किया जा सकता है।

नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी अजित कुमार शर्मा का नंबर 9031669439 और राजस्व पदाधिकारी विश्व मोहन प्रसाद का नंबर 9431063067 है। पाटलिपुत्र अंचल में कार्यपालक पदाधिकारी पुण्या तरू का नंबर 9031669440 और राजस्व पदाधिकारी नवीन कुमार का नंबर 9334789621 है।

पटना सिटी अंचल में कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष कुमार से 9031669442 और राजस्व पदाधिकारी रिजवान अंसारी से 9264447438 पर संपर्क किया जा सकता है।

1 अक्टूबर के बाद लगेगी 1.5 प्रतिशत मासिक पेनल्टी

प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण पहलू बकाये पर लगने वाली पेनल्टी है। नगर निगम की दी गई जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर के बाद संपत्ति कर के बकाये पर हर महीने 1.5 प्रतिशत की पेनल्टी लगेगी। ऐसे में जिन संपत्तियों का कर निर्धारण या पुनर्निर्धारण लंबित है, उनके मालिकों के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।

ऑनलाइन सेल्फ असेसमेंट की सुविधा से संपत्ति मालिक अपने स्तर पर आवेदन कर सकते हैं। वहीं किसी चरण में परेशानी होने पर संबंधित अंचल के अधिकारी से फोन पर जानकारी ली जा सकती है। इससे कर निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने की कोशिश की गई है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट