अर्नब तूफान से बिहार में होगी भारी बारिश, 29-30 अक्टूबर को अलर्ट जारी
अर्नब तूफान से बिहार में बारिश, 29-30 अक्टूबर को अलर्ट
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर बिहार के मौसम पर भी दिखने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य में बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। 29 और 30 अक्टूबर को मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है। इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। पटना समेत कई जिलों में मौसम बदलने से जनजीवन, यातायात और खेती पर असर पड़ सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनी पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
अर्नब तूफान से 29-30 अक्टूबर को बिगड़ेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को चक्रवात का प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।
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तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर सड़कों पर पानी जमा होने, यातायात धीमा पड़ने और कमजोर पेड़ों या अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने और तैयार फसलों को नुकसान होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को खास तौर पर 29 और 30 अक्टूबर को सतर्क रहने की जरूरत है। बिजली चमकने या गरजने के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब और जलाशयों के आसपास रहने से बचना चाहिए। किसी सुरक्षित इमारत में शरण लेना ज्यादा उचित होगा।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है अर्नब तूफान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय रहा और 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश तथा यानम के तट के करीब पहुंच गया। मौसम विभाग के समुद्री बुलेटिन में तूफान के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार करने की जानकारी दी गई थी।
तट के पास तूफान की निरंतर हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों में 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया था। इससे स्पष्ट है कि तटीय इलाकों में मौसम की स्थिति गंभीर रही। हालांकि, बिहार में इसका असर सीधे इतने तेज तूफानी झोंकों के रूप में नहीं, बल्कि बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के रूप में देखने का अनुमान है।
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मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, चक्रवात का प्रभाव केवल उस स्थान तक सीमित नहीं रहता, जहां वह समुद्र से जमीन पर पहुंचता है। इसके बाहरी बादल और वातावरण में नमी का प्रवाह दूर स्थित राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ा सकते हैं। बिहार में बदलते मौसम के पीछे भी चक्रवात से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों और पूर्वी हवाओं की भूमिका बताई गई है।
पटना में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी पटना में 28 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पटना के लिए उपलब्ध पूर्वानुमान में 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना अधिक और 30 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश के संकेत हैं।
बारिश के दौरान शहर की सड़कों पर जलजमाव, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी होने और खुले स्थानों पर आवाजाही में परेशानी हो सकती है। खासकर निचले इलाकों और उन जगहों पर लोगों को सावधान रहना चाहिए, जहां बारिश का पानी जल्दी जमा हो जाता है।
दफ्तर जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को मौसम की स्थिति देखकर यात्रा की योजना बनानी चाहिए। तेज बारिश या बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर रुकने से बचें। घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और यातायात संबंधी सूचनाओं की जांच करना भी उपयोगी रहेगा।
अर्नब तूफान का किन जिलों में दिख सकता है ज्यादा असर?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवा का असर हो सकता है। पटना के अलावा गया, नालंदा, कैमूर, गोपालगंज, सिवान, मुजफ्फरपुर और अन्य जिलों में मौसम की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अलग-अलग जिलों के लिए चेतावनी का स्तर और बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है।
कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका के साथ वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा भी है। इसलिए केवल अपने जिले के सामान्य पूर्वानुमान पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की जिला-वार चेतावनी देखना जरूरी है।
लगातार बारिश होने पर ग्रामीण सड़कों, निचले इलाकों और खेतों में पानी भर सकता है। वहीं, शहरों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ने से यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को किसी भी तरह की आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
किसानों की बढ़ सकती है परेशानी, फसल बचाने की सलाह
अर्नब तूफान के प्रभाव से होने वाली बारिश किसानों के लिए चिंता बढ़ा सकती है। खेतों में खड़ी फसल, कटाई के बाद खुले में रखा अनाज और बागवानी को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवा से केले, पपीते, सहजन और आम जैसे पेड़ों तथा कमजोर शाखाओं को नुकसान हो सकता है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और संभव हो तो उसे सुरक्षित, ढके हुए स्थान पर रखें। खेतों में पानी जमा होने की आशंका हो तो जलनिकासी की व्यवस्था करें। तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर अस्थायी ढांचों में कृषि उपकरण रखने से बचें।
मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों को स्थानीय कृषि विभाग और कृषि मौसम सलाह की जानकारी भी लेते रहना चाहिए। खेतों में काम करने की योजना बारिश और वज्रपात के जोखिम को ध्यान में रखकर बनानी चाहिए।
वज्रपात और तेज हवा से बचने के लिए क्या करें?
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच आम लोगों के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान या खेत में खड़े न रहें और पेड़ के नीचे शरण लेने से बचें। बिजली के खंभों, तारों और कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखें।
तेज बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों से गुजरने में सावधानी बरतें। पानी में डूबे बिजली के तार या खुले विद्युत उपकरण दिखाई दें तो उनके पास न जाएं और संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर होगा। अर्नब तूफान के कारण बिहार में मौसम अगले कुछ दिनों तक बदलता रह सकता है। 29 और 30 अक्टूबर को विशेष सतर्कता की जरूरत है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
