पेट्रोल 5 रुपये महंगा, डीजल के दाम में भी बढ़ोतरी, जानें अपने शहर का रेट
पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये महंगा, नायरा ने बढ़ाए दाम
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। नायरा एनर्जी ने 3 अक्टूबर 2026 से पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह बदलाव कंपनी के 7,108 फ्यूल स्टेशनों पर लागू हुआ है। बढ़ोतरी की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर शनिवार को बड़ी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख निजी फ्यूल रिटेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। नए रेट 3 अक्टूबर की सुबह से कंपनी के देशभर में मौजूद 7,108 फ्यूल स्टेशनों पर लागू हो गए हैं।
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हालांकि, यह बढ़ोतरी फिलहाल नायरा एनर्जी के पंपों तक ही सीमित है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने अभी पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के ज्यादातर पेट्रोल पंप सरकारी तेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़े हैं, इसलिए हर शहर में पेट्रोल की कीमत तुरंत एक जैसी नहीं बदली है।
पेट्रोल के दाम में 5 रुपये का इजाफा
नायरा एनर्जी की ओर से पेट्रोल की कीमत में सीधे 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। कंपनी ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी बनी हुई है। ईंधन की कीमतों में यह बदलाव निजी कंपनी के लिए बढ़ती लागत और खुदरा बिक्री से जुड़े मार्जिन के दबाव को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल की कीमत क्यों बढ़ाई गई?
नायरा के रेट बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की महंगी कीमतें हैं। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल और रिफाइंड उत्पादों की लागत बढ़ी है। इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ रहा है जो अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले घरेलू बाजार में कम कीमत पर ईंधन बेच रही हैं।
सितंबर में तेल कंपनियों के पेट्रोल और डीजल कारोबार पर मार्केटिंग मार्जिन दबाव में था। ऐसे में निजी रिटेलर ने अपनी लागत और बिक्री मूल्य के बीच अंतर कम करने के लिए कीमतों में बदलाव किया है।
जुलाई में घटे थे दाम, अब फिर बढ़ोतरी
नायरा एनर्जी ने इससे पहले 26 मार्च को भी पेट्रोल में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। उस समय ईरान से जुड़े संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति पर असर के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ी थीं।
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इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई तो कंपनी ने 1 जुलाई को यही बढ़ोतरी वापस ले ली थी। अब कुछ महीनों बाद नायरा ने फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं।
पेट्रोल के रेट में सरकारी कंपनियों ने नहीं किया बदलाव
नायरा की ओर से कीमत बढ़ाए जाने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों के पंपों पर फिलहाल पुरानी कीमतें जारी हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने अभी इस बढ़ोतरी को लागू नहीं किया है।

इस वजह से नायरा और सरकारी तेल कंपनियों के पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर बढ़ सकता है। ग्राहक के लिए इसका मतलब यह है कि एक ही शहर में अलग-अलग कंपनी के पंप पर ईंधन की कीमत अलग हो सकती है।
पेट्रोल की कीमत बढ़ने से क्या होगा असर?
ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। पेट्रोल और डीजल महंगा होने पर माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। इसका असर ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और कारोबार के परिचालन खर्च पर पड़ सकता है।
डीजल की कीमत में बढ़ोतरी खास तौर पर माल ढुलाई और व्यावसायिक वाहनों के खर्च को प्रभावित कर सकती है। अगर आने वाले दिनों में अन्य निजी ईंधन कंपनियां भी कीमत बढ़ाती हैं, तो महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहेगी।
पहले ईंधन की बिक्री पर लगाई गई थी सीमा
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले निजी ईंधन कंपनियों के सामने एक और चुनौती सामने आई थी। नायरा एनर्जी और जियो-बीपी ने कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री सीमित की थी।
इसका कारण खुदरा और थोक डीजल की कीमतों के बीच अंतर बताया गया था। औद्योगिक और थोक ग्राहक खुदरा पंपों से अपेक्षाकृत सस्ता डीजल खरीदने लगे थे। इससे कुछ पंपों पर मांग और आपूर्ति का दबाव बढ़ गया था।
सरकार ने बिक्री सीमित करने से किया मना
ईंधन की बिक्री सीमित किए जाने के मामले में सरकार ने 1 अक्टूबर को निजी रिटेल कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे अपने पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री को सीमित न करें। सरकार का कहना था कि इस तरह की पाबंदी स्वीकार्य नहीं है और देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
ऐसे माहौल में नायरा की ओर से कीमत बढ़ाने का फैसला सामने आया है। इससे कंपनी को बढ़ती लागत का कुछ भार ग्राहकों पर डालने में मदद मिल सकती है।
नायरा के देशभर में 7 हजार से ज्यादा पंप
नायरा एनर्जी देश की सबसे बड़ी निजी फ्यूल रिटेल कंपनियों में शामिल है। कंपनी गुजरात के वडीनार में सालाना 20 मिलियन टन क्षमता की रिफाइनरी संचालित करती है। इसके देशभर में 7,108 फ्यूल स्टेशन हैं।
सरकारी तेल कंपनियों का नेटवर्क हालांकि इससे कई गुना बड़ा है। देश में कुल 1,04,137 पेट्रोल पंपों में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। इसलिए नायरा की कीमत बढ़ोतरी का असर फिलहाल सीमित नेटवर्क पर है, लेकिन इसका बाजार पर व्यापक संकेत जरूर माना जा रहा है।
आगे बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं और जियो-बीपी ने भी अपने रेट में बदलाव नहीं किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत और घरेलू ईंधन कारोबार के मार्जिन पर नजर रहेगी।
अगर वैश्विक तेल कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं और निजी तथा सरकारी कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर आगे भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल 3 अक्टूबर से नायरा के 7,108 पंपों पर पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।
राज कुमार की रिपोर्ट
