पटना में 25 से स्वच्छता अभियान, खुले में कचरा फेंका तो जुर्माना, दुकान भी होगी सील
पटना में 25 अक्टूबर से सफाई अभियान, कचरा फेंकने पर कार्रवाई
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना में दीपावली और छठ महापर्व के दौरान शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम ने विशेष तैयारी की है। 25 अक्टूबर से 10 नवंबर तक राजधानी के सभी वार्डों में ‘स्वच्छता संकल्प’ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सड़कों, नालों, सार्वजनिक स्थलों और कचरा जमा होने वाले स्थानों की सफाई पर विशेष जोर रहेगा। वहीं, पटना में खुले में कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पटना में त्योहारों के दौरान घरों, बाजारों और दुकानों से सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कचरा निकलता है। दीपावली के बाद पूजा सामग्री, सजावट के सामान और घरेलू कचरे की मात्रा बढ़ सकती है, जबकि छठ महापर्व के दौरान घाटों और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर सफाई बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और कचरे के नियमित उठाव की योजना बनाई है।
पटना में 25 अक्टूबर से शुरू होगा स्वच्छता संकल्प अभियान
पटना नगर निगम का विशेष अभियान 25 अक्टूबर से शुरू होकर 10 नवंबर तक चलेगा। इस अवधि में शहर के सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। निगम का उद्देश्य केवल सड़कों से कचरा हटाना नहीं, बल्कि ऐसे स्थानों पर दोबारा गंदगी जमा होने से रोकना भी है, जहां अक्सर लोग खुले में कचरा फेंक देते हैं।
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अभियान के दौरान सफाईकर्मियों को सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थलों की सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा। कचरा उठाव की व्यवस्था को नियमित बनाए रखने के साथ ही ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां गंदगी बार-बार जमा होती है। इसके बाद वहां विशेष सफाई कराई जाएगी और जरूरत के अनुसार निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ बढ़ने और दुकानों से अधिक कचरा निकलने की संभावना रहती है। ऐसे में दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। निगम की योजना में नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है, ताकि सफाई का असर अभियान की अवधि तक ही सीमित न रहे।
खुले में कचरा फेंका तो पटना में लगेगा जुर्माना
स्वच्छता अभियान के तहत खुले में कचरा फेंकने वालों की पहचान करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए कचरा जमा होने वाले चिह्नित स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। स्थानीय लोगों के सहयोग से नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करने की योजना है।
नियमों के उल्लंघन पर घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जा सकती है। यदि कोई प्रतिष्ठान बार-बार सफाई संबंधी नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ दुकान या प्रतिष्ठान सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
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इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को केवल जुर्माने के डर से कचरा फेंकने से रोकना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने की आदत विकसित करना भी है। हालांकि, जुर्माने की राशि और कार्रवाई की विस्तृत प्रक्रिया से संबंधित जानकारी यहां उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
शहरवासियों को चाहिए कि वे घरेलू कचरे को सड़क, नाली, खाली जमीन या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थानों पर ही डालें। इससे नालियों में कचरा जमा होने, जलनिकासी प्रभावित होने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
पटना के येलो स्पॉट और रेड स्पॉट की होगी विशेष सफाई
अभियान के दौरान नगर निगम उन जगहों पर खास ध्यान देगा, जहां अक्सर कचरा जमा होता है। ऐसे चिह्नित स्थानों को येलो स्पॉट और रेड स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। इनकी विशेष सफाई के साथ नियमित धुलाई भी कराई जाएगी।
इसके अलावा शहर के सभी ओवरब्रिज के ऊपर और नीचे रोजाना धुलाई की व्यवस्था करने की योजना है। ओवरब्रिज के आसपास अक्सर धूल, कचरा और दूसरी गंदगी जमा हो जाती है। ऐसे स्थानों की नियमित सफाई से शहर की सड़कों और सार्वजनिक क्षेत्रों को बेहतर स्थिति में बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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नगर निगम की योजना में खाली भूखंड, ट्रांसफार्मर के आसपास के इलाके और सड़क किनारे के स्थान भी शामिल हैं। इन जगहों पर लोग अक्सर कचरा डाल देते हैं, जिससे धीरे-धीरे गंदगी का ढेर बन जाता है। विशेष सफाई के बाद यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी की जाएगी कि वहां फिर से कचरा जमा न हो।
पटना में कचरा उठाव वाहनों को रोज पूरे करने होंगे तीन ट्रिप
स्वच्छता अभियान के दौरान कचरा उठाव और परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया है। नगर निगम के निर्देश के अनुसार, कचरा उठाव करने वाले वाहनों को प्रतिदिन तीन ट्रिप पूरे करने होंगे। इसका उद्देश्य शहर के सभी वार्डों से कचरा समय पर उठाना और उसे निर्धारित व्यवस्था के तहत निष्पादित करना है।

यदि कोई वाहन निर्धारित ट्रिप पूरा नहीं करता है, तो उसकी निगरानी की जाएगी। नियमों के तहत संबंधित वाहन के भुगतान में कटौती भी की जा सकती है। इस व्यवस्था से कचरा उठाव के काम में लापरवाही रोकने और वाहनों की कार्यक्षमता पर नजर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
त्योहारों के दौरान समय पर कचरा नहीं उठने से सड़कों और बाजारों में गंदगी जमा हो सकती है। इसलिए वाहनों के नियमित संचालन के साथ यह भी जरूरी होगा कि कचरा उठाव का काम वार्डों की जरूरत के अनुसार किया जाए। सफाई व्यवस्था का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि निर्धारित ट्रिप समय पर पूरे हों और उठाए गए कचरे का उचित निष्पादन भी किया जाए।
सड़क पर निर्माण सामग्री रखने से बचें, निगम की अपील
पटना नगर निगम ने शहरवासियों, दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से स्वच्छता अभियान में सहयोग करने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और सड़क किनारे निर्माण सामग्री जमा करने से बचें।
सड़क पर बालू, गिट्टी, ईंट या अन्य निर्माण सामग्री रखने से आवागमन में परेशानी हो सकती है। इससे सड़क का उपयोग करने वाले लोगों को दिक्कत होती है और सफाई कार्य भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए निर्माण कार्य कराने वाले लोगों से अपेक्षा की गई है कि वे सार्वजनिक रास्तों को बाधित न करें।
निगम ने प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने और सफाईकर्मियों का सहयोग करने की भी अपील की है। दुकानदारों के लिए जरूरी है कि वे अपनी दुकानों के आसपास कचरा जमा न होने दें और कचरे को खुले में न फैलाएं। वहीं, घरों से निकलने वाले कचरे को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही बाहर देना चाहिए।
दीपावली और छठ पर साफ पटना बनाए रखने की चुनौती
दीपावली और छठ बिहार के प्रमुख त्योहारों में शामिल हैं। इन अवसरों पर बाजारों, आवासीय इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसके साथ ही कचरे की मात्रा भी बढ़ सकती है। ऐसे में नगर निगम के लिए सफाईकर्मियों, वाहनों और निगरानी व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा।
‘स्वच्छता संकल्प’ अभियान के तहत 25 अक्टूबर से 10 नवंबर तक चलने वाली कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान शहर को स्वच्छ रखना और खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है। लेकिन इस प्रयास की सफलता केवल निगम की कार्रवाई पर निर्भर नहीं करेगी। नागरिकों, दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी नियमों का पालन करना होगा।
यदि लोग कचरा निर्धारित स्थानों पर डालें, सड़क और नालियों को गंदा करने से बचें तथा सफाईकर्मियों के साथ सहयोग करें, तो सार्वजनिक स्थलों को साफ रखना आसान होगा। अब देखना होगा कि अभियान के दौरान पटना नगर निगम की निगरानी और सफाई व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है और शहर के सभी वार्डों में इसका कितना असर दिखाई देता है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
