पटना में पुलिस की छापेमारी, 2000 लीटर देसी शराब बरामद; मुख्य कारोबारी फरार

पटना

पटना में पुलिस की छापेमारी, 2000 लीटर जावा-महुआ नष्ट

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारों को देखते हुए बिहार में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर 101 लीटर देसी महुआ शराब बरामद की है। इसके साथ ही शराब बनाने के लिए जमा करके रखे गए करीब 2000 लीटर अर्धनिर्मित जावा-महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पटना पुलिस की कार्रवाई के दौरान अवैध कारोबार में शामिल मुख्य कारोबारी फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है।

पटना पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर आजाद नगर मुसहरी नहर के किनारे झाड़ियों में की गई। सुनसान इलाके में छिपाकर रखी गई शराब और उसे तैयार करने के लिए जमा सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान अवैध शराब की बिक्री रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान जारी रहेगा।

पटना के बिक्रम में गुप्त सूचना पर छापेमारी

बिक्रम थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि आजाद नगर मुसहरी नहर के आसपास झाड़ियों में अवैध शराब और उसे तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने संबंधित इलाके में छापेमारी की।

पटना में तलाशी के दौरान पुलिस को 101 लीटर देसी महुआ शराब मिली। इसके अलावा लगभग 2000 लीटर जावा-महुआ भी बरामद हुआ, जिसका इस्तेमाल शराब बनाने की प्रक्रिया में किया जाता है। पुलिस ने अर्धनिर्मित सामग्री को मौके पर नष्ट कर दिया, ताकि उससे आगे शराब तैयार नहीं की जा सके।

पटना में कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखकर अवैध कारोबार में शामिल लोग मौके से भाग निकले। ऐसे में पुलिस किसी आरोपी को तत्काल गिरफ्तार नहीं कर सकी। अब फरार कारोबारियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

2000 लीटर जावा-महुआ क्यों किया गया नष्ट?

पटना में अवैध शराब बनाने की प्रक्रिया में जावा-महुआ जैसे किण्वित मिश्रण का इस्तेमाल किया जाता है। इसे तैयार करने के बाद आगे की प्रक्रिया से शराब बनाई जा सकती है। ऐसे मिश्रण को बड़ी मात्रा में जमा करके रखना अवैध शराब के उत्पादन की तैयारी का संकेत हो सकता है।

बिक्रम में करीब 2000 लीटर जावा-महुआ नष्ट किए जाने से शराब तैयार करने के लिए जमा सामग्री को हटाया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई से कितनी संभावित शराब की आपूर्ति रुक सकती थी, इसका कोई आधिकारिक अनुमान उपलब्ध नहीं है।

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पुलिस की ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल तैयार शराब को जब्त करना नहीं, बल्कि अवैध उत्पादन के ठिकानों और आपूर्ति की संभावनाओं पर भी रोक लगाना है। सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखी गई सामग्री की पहचान करना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्य शराब कारोबारी फरार, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी

बिक्रम थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि आगामी दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आपसी भाईचारा बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान मुख्य कारोबारी मौके से फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

फिलहाल, फरार आरोपियों की पहचान, शराब के स्रोत और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शराब तैयार करने की सामग्री कहां से लाई गई थी और इसकी आपूर्ति किन इलाकों में की जानी थी।

दुर्गा पूजा से पहले पटना पुलिस का अभियान तेज

दुर्गा पूजा सहित अन्य त्योहारों के दौरान बाजारों, पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में पुलिस के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की जिम्मेदारी भी होती है।

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बिक्रम में हुई कार्रवाई इसी व्यापक सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जंगली, सुनसान और ऐसे स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जहां अवैध कारोबार से जुड़े लोग सामग्री छिपाकर रख सकते हैं।

अपर थानाध्यक्ष बरुण कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। पुलिस की अलग-अलग टीमें संदिग्ध स्थानों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण और कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर

त्योहारों के दौरान पुलिस केवल अवैध शराब के कारोबार पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था से जुड़े मामलों पर भी निगरानी रख रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट खबर या भड़काऊ संदेश को साझा करने से बचें।

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अपर थानाध्यक्ष बरुण कुमार ने चेतावनी दी कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर बनाए हुए है।

हालांकि, किसी मामले में कौन-सी कानूनी धारा लागू होगी, यह घटना की प्रकृति और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। इसलिए किसी भी कार्रवाई के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाएगा।

पटना में अवैध शराब के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

बिक्रम थाना क्षेत्र में हुई इस छापेमारी में 101 लीटर देसी महुआ शराब की बरामदगी और करीब 2000 लीटर जावा-महुआ को नष्ट किया जाना पुलिस अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई है। इससे अवैध शराब तैयार करने के लिए जमा सामग्री को हटाया गया है।

अब पुलिस की प्राथमिकता फरार कारोबारियों को गिरफ्तार करना और इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना है। साथ ही त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए तलाशी और निगरानी अभियान जारी रहने की बात कही गई है।

स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि अवैध शराब के निर्माण या बिक्री से जुड़ी जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें। इससे समय रहते कार्रवाई करने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट