पटना में 2 दिनों में 100 MM बारिश, सड़कों पर पानी; जनजीवन अस्त-व्यस्त
बारिश से पटना बेहाल, दो दिनों में 100 MM से ज्यादा पानी गिरा
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बारिश ने पटना में एक बार फिर जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। पिछले दो दिनों से राजधानी में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। कभी तेज तो कभी हल्की बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी से भर गई हैं। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है, लेकिन जलजमाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
पटना में पिछले दो दिनों में 100 MM से अधिक वर्षा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग मौसम केंद्रों पर दर्ज आंकड़ों में अंतर है। मौसम विभाग के पटना एयरपोर्ट केंद्र पर 25 सितंबर को सुबह तक 24 घंटे में 39.8 MM वर्षा दर्ज की गई थी। 26 सितंबर को भी बादल और बारिश की स्थिति बनी रहने का पूर्वानुमान है।
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वर्षा के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई है। कई जगह पानी जमा होने से लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी हुई। लगातार पानी गिरने के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
बारिश से बदला पटना का मौसम
लगातार हो रही वर्षा का सीधा असर राजधानी के मौसम पर पड़ा है। पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को वर्षा के बाद राहत मिली है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। पटना एयरपोर्ट पर 25 सितंबर को अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.7 डिग्री कम था।
वर्षा के कारण दिन के समय भी मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा। आसमान में बादल छाए रहने और हवा में नमी बढ़ने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, मौसम में यह बदलाव शहर की यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण भी बना है।
वर्षा के बीच सड़कों पर कम दिखे वाहन
पटना में सुबह से तेज वर्षा के दौरान सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की आवाजाही कम दिखाई दी। लगातार पानी गिरने के कारण कई लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकले। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी हुई, क्योंकि जलजमाव वाले रास्तों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया।
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शहर के जिन इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है, वहां बारिश का पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो सकता है। लंबे समय तक बारिश जारी रहने पर मुख्य सड़कों के साथ गली-मोहल्लों में भी पानी बढ़ने की आशंका रहती है।
आज भी वर्षा का दौर जारी रहने के आसार
मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक 26 सितंबर को बिहार में भारी वर्षा के साथ आंधी और ठनका की स्थिति बन सकती है। हालांकि 27 सितंबर से राज्य के लिए कोई व्यापक चेतावनी जारी नहीं की गई है।
पटना के लिए 26 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है। इसके बाद 27 सितंबर को भी कुछ जगहों पर वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन मौसम में धीरे-धीरे सुधार की संभावना है।
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बारिश के कारण तापमान में भी ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पटना एयरपोर्ट पूर्वानुमान में 26 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री रहने का अनुमान है।
बारिश को लेकर सावधानी जरूरी
लगातार बारिश के बीच लोगों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को पानी भरी सड़कों पर धीमी गति से चलने की सलाह दी जाती है। जलजमाव वाले रास्तों में सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए अनजान या अधिक पानी वाले रास्तों से बचना बेहतर है।

गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर रुकने से भी बचना चाहिए। मौसम विभाग ने बिहार के लिए 26 सितंबर को भारी बारिश के साथ आंधी और ठनका की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।
बिहार के दूसरे हिस्सों में भी बारिश
पटना के साथ बिहार के कई अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। बिहार सरकार के वर्षा आंकड़ों के अनुसार 25 सितंबर को पश्चिमी चंपारण में 50.18 MM, बेगूसराय में 48.42 MM, पूर्वी चंपारण में 44.41 MM और दरभंगा में 43.56 MM बारिश दर्ज की गई।
मौसम में बदलाव का असर राज्य के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश वाले जिलों में नदियों और जल निकासी व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण गंडक और कोसी बराज पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
अगले कुछ घंटों में कैसा रहेगा मौसम
पटना में मौसम पूरी तरह साफ होने के आसार नहीं हैं। बादल छाए रहने के साथ बारिश का दौर बीच-बीच में जारी रह सकता है। 26 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, जबकि 27 सितंबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने का अनुमान है।
बारिश ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं लगातार पानी गिरने से जलजमाव और यातायात की समस्या चिंता का कारण बनी हुई है। ऐसे में जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलना और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतना जरूरी है।
राज कुमार की रिपोर्ट
