1 अक्टूबर से देशभर में विशेष टिकट जांच अभियान, इन यात्रियों पर रहेगी रेलवे की नजर

रेलवे

1 अक्टूबर से टिकटों की सख्त जांच

निष्कर्ष भारत संवाददाता: भारतीय रेलवे यात्रियों के टिकट और आरक्षण से जुड़ी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए देशभर में विशेष अभियान चलाने जा रहा है। रेलवे की ओर से 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष टिकट जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान यात्रियों के टिकट की प्रामाणिकता के साथ-साथ रियायती किराये, विशेष आरक्षण कोटे और ई-पास/पीटीओ के इस्तेमाल की भी जांच की जाएगी।

रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड की ओर से 25 सितंबर को जारी पत्र में टिकट जांच के दौरान किन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना है, इसकी जानकारी दी गई है। अभियान का उद्देश्य टिकट और आरक्षण से जुड़ी सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना और रेलवे के राजस्व को होने वाले नुकसान पर नियंत्रण करना है।

1 अक्टूबर से शुरू होगा विशेष टिकट जांच अभियान

रेलवे का विशेष टिकट जांच अभियान पूरे अक्टूबर महीने में चलेगा। इस दौरान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में टिकट जांच को और सख्त किया जाएगा। टिकट जांच कर्मचारियों को यात्रियों के टिकट के साथ-साथ उनके पहचान पत्र और टिकट बुकिंग के आधार की भी जांच करनी होगी।

रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को पहले से जारी नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।

रियायती टिकट लेने वालों की होगी जांच

विशेष अभियान के दौरान रियायती किराये पर यात्रा करने वाले यात्रियों की पात्रता की जांच की जाएगी। यानी जिस श्रेणी की छूट के आधार पर टिकट बुक कराया गया है, यात्री वास्तव में उस सुविधा के लिए पात्र है या नहीं, यह देखा जाएगा।

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इसके लिए यात्री को निर्धारित मूल पहचान प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। टिकट जांच कर्मचारी पहचान पत्र और टिकट में दर्ज जानकारी का मिलान कर सकते हैं।

आरक्षित टिकट पर पहचान पत्र जरूरी

आरक्षित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी पहचान प्रमाण से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। रेलवे के निर्देश के मुताबिक, एक आरक्षित टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों में कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित मूल पहचान प्रमाण होना आवश्यक है।

यदि जांच के दौरान ऐसा कोई मूल पहचान प्रमाण नहीं मिलता है, तो उस टिकट पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जा सकता है। इसलिए यात्रियों को यात्रा के दौरान जरूरी मूल पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी गई है।

विशेष आरक्षण कोटे की भी होगी जांच

रेलवे ने विशेष आरक्षण कोटे के तहत बुक किए गए टिकटों की जांच के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। ऐसे टिकट पर यात्रा करने वाले व्यक्ति को यह साबित करना होगा कि वह संबंधित आरक्षण कोटे के लिए निर्धारित पात्रता रखता है।

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टिकट जांच के दौरान संबंधित दस्तावेज या निर्धारित मूल पहचान प्रमाण दिखाना जरूरी होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर यात्री को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ई-पास और PTO पर भी रेलवे की नजर

विशेष अभियान में ई-पास और PTO (Privilege Ticket Order) के इस्तेमाल की भी जांच होगी। रेलवे यह देखेगा कि इन दस्तावेजों के आधार पर यात्रा करने वाला यात्री निर्धारित नियमों को पूरा करता है या नहीं।

इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि ई-पास या PTO को निर्धारित यात्रा प्राधिकार में परिवर्तित कराया गया है या नहीं। रेलवे के निर्देश के अनुसार बिना निर्धारित यात्रा प्राधिकार में बदले ई-पास या PTO के आधार पर यात्रा की अनुमति नहीं होगी।

अनारक्षित टिकटों की भी जांच

रेलवे बोर्ड ने टिकट जांच कर्मचारियों को अनारक्षित टिकटों की प्रामाणिकता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा है। अभियान के दौरान यात्रियों के पास मौजूद टिकटों की जांच की जाएगी।

स्टेशनों पर टिकट संग्रह करने के साथ-साथ टिकट की वास्तविकता की जांच पर भी जोर रहेगा। इससे फर्जी या गलत तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे टिकटों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

TTE एप से होगा टिकट का सत्यापन

टिकट जांच के दौरान TTE एप का इस्तेमाल कर टिकटों का सत्यापन किया जाएगा। रेलवे डिजिटल माध्यम से टिकट की जानकारी जांचने और उसकी वास्तविकता सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।

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इस प्रक्रिया के जरिए टिकट जांच को अधिक व्यवस्थित बनाने और गलत टिकट या आरक्षण के दुरुपयोग की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।

रेलवे राजस्व के नुकसान को रोकना मकसद

रेलवे के मुताबिक, टिकट और आरक्षण सुविधाओं के गलत इस्तेमाल से रेलवे के राजस्व पर असर पड़ता है। विशेष अभियान के जरिए ऐसे मामलों की पहचान कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की कोशिश की जाएगी।

खासकर रियायती टिकट, विशेष आरक्षण कोटा और ई-पास/PTO जैसी सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने पर जोर रहेगा।

अभियान खत्म होने के बाद देनी होगी रिपोर्ट

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को अभियान के दौरान हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं। अभियान समाप्त होने के बाद संबंधित जोन को इसकी संक्षिप्त रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजनी होगी।

निर्देश के मुताबिक, अभियान खत्म होने के 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट भेजनी होगी। इससे रेलवे बोर्ड को पूरे देश में अभियान के दौरान सामने आए मामलों और कार्रवाई की जानकारी मिल सकेगी।

यात्रियों के लिए जरूरी है ये सावधानी

अक्टूबर में ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने टिकट के साथ निर्धारित मूल पहचान पत्र जरूर रखना चाहिए। यदि टिकट किसी रियायत, विशेष कोटे, ई-पास या PTO के आधार पर जारी हुआ है तो संबंधित पात्रता के दस्तावेज भी साथ रखना जरूरी होगा।

रेलवे का यह विशेष अभियान पूरे देश में एक महीने तक चलेगा। ऐसे में यात्रियों के लिए नियमों के अनुसार टिकट बुक करना और यात्रा के दौरान जरूरी दस्तावेज अपने साथ रखना महत्वपूर्ण होगा।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट