जमुई घटना पर राहुल गांधी का हमला, कहा- बिहार की कानून-व्यवस्था फेल, बदतमीज़ी बर्दाश्त नही, पूछें सवाल

राहुल गांधी

राहुल गांधी ने जमुई घटना पर उठाए सवाल, POCSO कार्रवाई की मांग

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। राहुल गांधी ने जमुई घटना को लेकर बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। जमुई में 10वीं कक्षा के नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ सड़क पर कथित बदसलूकी और छेड़खानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

घटना 19 सितंबर की शाम की बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार दोनों छात्र-छात्रा कोचिंग के बाद स्कूटर से लौट रहे थे। इसी दौरान जमुई सदर थाना क्षेत्र में एक समूह ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। वायरल वीडियो में दोनों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते हुए दिखाई देने की बात सामने आई है। पुलिस अब वीडियो और पीड़ितों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

जमुई में 10वीं के छात्र-छात्रा को रोका

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों नाबालिग छात्र-छात्रा 19 सितंबर की शाम करीब छह से सात बजे के बीच कोचिंग से लौट रहे थे। दोनों जमुई के एक स्थानीय स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्र बताए जा रहे हैं। रास्ते में युवकों के एक समूह ने उनकी स्कूटर को रोक लिया। इसके बाद उनसे पूछताछ और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।

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बताया गया है कि दोनों किसी पहाड़ी इलाके से लौट रहे थे। समूह ने उन्हें सड़क पर रोकने के बाद घेर लिया। घटना का वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस का ध्यान मामले की ओर गया।

वायरल वीडियो से सामने आया मामला, राहुल गांधी ने उठाए सवाल

घटना से जुड़े वीडियो में नाबालिग छात्र-छात्रा को लोगों के बीच घिरा हुआ देखा गया। रिपोर्टों के अनुसार वीडियो में छात्र को कथित तौर पर थप्पड़ मारने और कॉलर पकड़ने जैसी हरकतें दिखाई देती हैं। छात्रा के साथ भी कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया गया और उसे खींचने की कोशिश की गई।

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हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर सामने आई हर जानकारी की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने पीड़ितों की पहचान कर उनसे संपर्क किया है और उनके बयान के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

राहुल गांधी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना पर प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने कहा कि 10वीं कक्षा के छात्र और छात्रा को रास्ते में रोककर कथित तौर पर प्रताड़ित और अपमानित किया गया। उन्होंने बिहार सरकार से मामले में कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में घटना को लेकर आरोपितों की पहचान करने और उनके खिलाफ POCSO कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि घटना 19 सितंबर की है तो आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों हुई।

राहुल गांधी ने POCSO के तहत कार्रवाई की मांग की

राहुल गांधी ने घटना को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने नाबालिग छात्रा के साथ कथित उत्पीड़न को गंभीर मामला बताते हुए POCSO के तहत मुकदमा चलाने और जल्द कार्रवाई की मांग की।

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राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद घटना राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गई। हालांकि पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका अदालत के अंतिम निर्णय से तय होगी।

जमुई पुलिस ने दर्ज की FIR

वायरल वीडियो का संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने पीड़ित छात्र-छात्रा से संपर्क किया। इसके बाद उनके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस की ओर से सात लोगों को मामले में नामजद या आरोपित किए जाने और तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।

पुलिस बाकी आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

CCTV और वीडियो फुटेज की जांच

जांच में वायरल वीडियो के अलावा आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र-छात्रा को किस स्थान पर रोका गया और वहां मौजूद लोग कौन थे।

इसके साथ ही घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। इससे पुलिस को आरोपितों के आने-जाने के रास्ते और उनकी पहचान से जुड़े सुराग मिलने की उम्मीद है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

जमुई की घटना के बाद नाबालिगों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं एवं बच्चों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हुई है। राजनीतिक प्रतिक्रिया के बीच अब पुलिस जांच पर भी नजर है। मामले में POCSO समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई का निर्णय जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर होगा।

घटना के वायरल वीडियो ने पुलिस के सामने आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी की चुनौती बढ़ा दी है। फिलहाल तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।

राहुल गांधी के बयान के बाद मामला राजनीतिक बहस में जरूर आया है, लेकिन घटना की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल प्राथमिकी, गिरफ्तारियों और वीडियो फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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