WhatsApp ने बदला Teen Account सिस्टम, अब पैरेंट्स रख सकेंगे नजर, आ जाएगा मैसेज, जानें कैसे
WhatsApp Teen Account में पैरेंट्स को मिलेंगे नए अलर्ट
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( नई दिल्ली)। WhatsApp ने Teen Accounts के लिए पैरेंटल कंट्रोल्स को और विस्तारित किया है। नए सिस्टम के तहत माता-पिता अपने किशोर बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल से जुड़ी कुछ गतिविधियों की जानकारी पा सकेंगे और कई प्राइवेसी सेटिंग्स को नियंत्रित कर सकेंगे। खास तौर पर बच्चा कोई नया ग्रुप बनाता या ज्वाइन करता है, किसी नए कॉन्टैक्ट को जोड़ता है या अकाउंट में कुछ अहम बदलाव करता है, तो पैरेंट्स को एक्टिविटी अलर्ट मिल सकता है।
WhatsApp के मुताबिक, इन पैरेंटल कंट्रोल्स का उद्देश्य बच्चों के मैसेज पढ़ना या उनकी निजी बातचीत पर नजर रखना नहीं है। पर्सनल मैसेज और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहते हैं। ये फीचर्स फिलहाल धीरे-धीरे रोलआउट किए जा रहे हैं, इसलिए सभी यूजर्स को तुरंत उपलब्ध होना जरूरी नहीं है।
WhatsApp में ग्रुप ज्वाइन करने पर मिलेगा अलर्ट
नए पैरेंटल कंट्रोल सिस्टम में माता-पिता को बच्चे की कुछ अहम गतिविधियों के बारे में नोटिफिकेशन मिल सकता है। WhatsApp Help Center के अनुसार, इनमें बच्चे के किसी ग्रुप को बनाने या ज्वाइन करने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। अगर बच्चा पहले से किसी ग्रुप में है और उस ग्रुप का आकार तेजी से बढ़ता है, तो ऐसी गतिविधि भी पैरेंट्स के एक्टिविटी सेक्शन में दिखाई जा सकती है।
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पैरेंट्स यह भी तय कर सकते हैं कि उन्हें किन गतिविधियों की नोटिफिकेशन चाहिए। व्हाट्सएप के मौजूदा सिस्टम में ग्रुप, कॉन्टैक्ट और अकाउंट अपडेट से जुड़े अलर्ट को मैनेज करने का विकल्प दिया गया है। इसका मतलब यह है कि माता-पिता अपने फोन से बच्चे के अकाउंट की गतिविधियों को एक अलग पैरेंटल कंट्रोल सेक्शन में देख सकते हैं।
WhatsApp की प्राइवेसी सेटिंग्स पर भी नियंत्रण
नए सिस्टम का एक अहम हिस्सा WhatsApp की प्राइवेसी सेटिंग्स हैं। पैरेंट्स बच्चे के साथ मिलकर यह तय कर सकते हैं कि उसकी जानकारी कौन देख सकता है और उससे कौन संपर्क कर सकता है। कुछ कम प्रतिबंध वाली प्राइवेसी सेटिंग्स में बदलाव के लिए पैरेंट PIN की जरूरत पड़ती है।
इसमें प्रोफाइल और अन्य निजी जानकारी से जुड़ी सेटिंग्स शामिल हैं। WhatsApp के मुताबिक, किशोर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स देख सकते हैं, लेकिन कुछ अधिक खुले विकल्पों पर जाने के लिए पैरेंट की मंजूरी आवश्यक हो सकती है।
छह अंकों के PIN से सुरक्षित होगा सिस्टम
Parental Controls सेट करने के लिए पैरेंट या गार्जियन को अपने अकाउंट को किशोर के WhatsApp अकाउंट से लिंक करना होता है। WhatsApp के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, सेटअप के दौरान पैरेंट को छह अंकों का Parent PIN बनाना होता है। इसी PIN का इस्तेमाल पैरेंटल कंट्रोल्स और कुछ प्राइवेसी सेटिंग्स में बदलाव के लिए किया जाता है।
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WhatsApp के अनुसार Teen Parental Controls 13 से 17 वर्ष के किशोरों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन्हें इस्तेमाल करने के लिए पैरेंट या गार्जियन की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही पैरेंट और किशोर दोनों की सहमति से अकाउंट लिंक किया जाता है।
WhatsApp Channels पर भी पैरेंट्स का कंट्रोल
WhatsApp ने पैरेंटल कंट्रोल को सिर्फ चैट और ग्रुप तक सीमित नहीं रखा है। माता-पिता यह भी तय कर सकते हैं कि किशोर कौन से Channels देख या फॉलो कर सकेगा। आधिकारिक सेटिंग्स में All, Parent-approved only और None जैसे विकल्प दिए गए हैं।
Parent-approved only चुनने पर पैरेंट द्वारा मंजूर किए गए Channels तक पहुंच सीमित की जा सकती है। इसके अलावा माता-पिता यह भी तय कर सकते हैं कि किशोर खुद कोई Channel बना पाएगा या नहीं।
Status देखने और दिखाने की सेटिंग भी बदलेगी
WhatsApp के नए सिस्टम में Status से जुड़ी प्राइवेसी सेटिंग्स को भी पैरेंट्स मैनेज कर सकते हैं। वे यह तय कर सकते हैं कि उनका बच्चा किन लोगों का Status देख सकता है और बच्चे का Status कौन देख सकता है।
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इसके लिए Contacts, Contacts except, Selected contacts और Nobody जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। इन सेटिंग्स को पैरेंट PIN के जरिए बदला जा सकता है। इससे परिवार बच्चे की उम्र और जरूरत के हिसाब से Status की विजिबिलिटी तय कर सकता है।
Meta AI पर भी लगाया जा सकेगा कंट्रोल
WhatsApp पर उपलब्ध Meta AI को लेकर भी पैरेंट्स के पास अतिरिक्त नियंत्रण होगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, माता-पिता Teen Account में Meta AI के लिए Standard या Limited अनुभव चुन सकते हैं।
Limited विकल्प चुनने पर किशोर के लिए Meta AI से चर्चा किए जा सकने वाले विषयों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं। WhatsApp के अनुसार, Standard अनुभव डिफॉल्ट रूप से उपलब्ध होता है और पैरेंट PIN के जरिए इसे बदला जा सकता है।
WhatsApp चैट और कॉल पढ़ नहीं सकेंगे पैरेंट्स
Parental Controls का मतलब यह नहीं है कि माता-पिता बच्चे की पूरी WhatsApp बातचीत पढ़ सकेंगे। WhatsApp के अनुसार, पर्सनल मैसेज और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहते हैं। इसका मतलब है कि चैट में शामिल लोगों के अलावा WhatsApp या पैरेंट भी उन निजी संदेशों को पढ़ या कॉल सुन नहीं सकते।

यानी नया सिस्टम गतिविधियों और कुछ फीचर्स पर नियंत्रण देता है, लेकिन निजी बातचीत की सामग्री तक पैरेंट्स की सीधी पहुंच नहीं देता। WhatsApp ने इसे परिवारों को किशोरों के डिजिटल इस्तेमाल को समझने और सुरक्षित रखने में मदद करने वाले विकल्प के तौर पर पेश किया है।
WhatsApp Parental Controls कैसे सेट करें
पैरेंटल कंट्रोल शुरू करने के लिए किशोर के फोन में WhatsApp खोलकर Settings में जाना होगा। इसके बाद Parental Controls विकल्प से प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। उम्र की जानकारी की पुष्टि और अकाउंट लिंक करने के बाद पैरेंट अपने फोन से QR कोड स्कैन कर सकते हैं। इसके बाद वयस्क की पुष्टि करके छह अंकों का Parent PIN बनाया जाता है।
सेटअप पूरा होने के बाद पैरेंट बच्चे के अकाउंट से जुड़ी उपलब्ध गतिविधियों और प्राइवेसी सेटिंग्स को देख सकते हैं। Notifications को भी जरूरत के मुताबिक ऑन या ऑफ किया जा सकता है।
फीचर अभी सभी जगह उपलब्ध नहीं
WhatsApp ने साफ किया है कि Teen Parental Controls का रोलआउट धीरे-धीरे किया जा रहा है। इसलिए संभव है कि कुछ यूजर्स को यह विकल्प अभी दिखाई न दे। कंपनी की सलाह है कि यूजर्स WhatsApp का नवीनतम वर्जन इस्तेमाल करें और फीचर की उपलब्धता के लिए आधिकारिक Help Center की जानकारी देखें।
इस बदलाव के साथ WhatsApp ने किशोरों की डिजिटल सुरक्षा और पैरेंटल निगरानी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। माता-पिता को गतिविधियों से जुड़े अलर्ट और कुछ फीचर्स पर नियंत्रण मिलेगा, जबकि निजी चैट और कॉल की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुरक्षा बरकरार रहेगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
