बिहार में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर शिकंजा, त्योहारों से पहले दुकानों की जांच तेज, मिलावटखोरों की खैर नहीं
त्योहारों से पहले बिहार में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्ती
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार खाद्य मिलावट के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने त्योहारों से पहले अभियान तेज कर दिया है। राज्यभर में मिठाई, दूध, खाद्य तेल, मसाले, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। औचक निरीक्षण के दौरान खराब, संदूषित और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने पर उसे मौके पर ही हटाकर नष्ट कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के अनुसार, त्योहारों से पहले अगस्त के अंतिम सप्ताह से शुरू हुए विशेष अभियान के तहत अब तक 417 खाद्य नमूने संग्रहित किए जा चुके हैं। इनमें दूध और दुग्ध उत्पादों के 149, मिठाई के 88, मसाले और सॉस के 56, पेय पदार्थों के 33, अनाज और दाल के 60, खाद्य तेल के 13 तथा स्ट्रीट फूड के 18 नमूने शामिल हैं।
त्योहारों से पहले खाद्य दुकानों पर नजर
त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजारों में निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की टीम दुकानों, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंचकर वहां रखे सामान की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच कर रही है।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Patna में पुलिस और दिग्गजों की मौजूदगी .. शराब और शबाब’ वाली महफिल का सच क्या ?
जांच का उद्देश्य केवल त्योहारों में मिलावट पकड़ना नहीं है, बल्कि ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकना भी है, जो खराब हो चुके हैं या जिनकी उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी है। अधिकारियों को संदेहास्पद खाद्य सामग्री के नमूने लेने और नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
बिहार में त्योहारों पर मिठाई की विशेष जांच
अभियान के दौरान कई स्थानों पर खराब मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री मिलने के बाद कार्रवाई की गई। पेड़ा, बर्फी, लड्डू और केक जैसे खाद्य पदार्थों को खराब पाए जाने पर नष्ट कराया गया। पटना में रात के समय बचे हुए इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल को भी फिंकवाया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दुकानदारों और कारोबारियों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी है। बर्तन साफ रखने, खाद्य सामग्री के लिए स्वच्छ पानी इस्तेमाल करने और खाद्य तथा गैर-खाद्य सामग्री को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग का मानना है कि त्योहारों के दौरान बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री तैयार और बिक्री होती है। ऐसे में साफ-सफाई और भंडारण के नियमों का पालन नहीं होने पर लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है।
दुकानदारों को FIFO और FEFO का पालन जरूरी
खाद्य प्रतिष्ठानों में पुराने स्टॉक को सही तरीके से इस्तेमाल करने पर भी विभाग का जोर है। कारोबारियों को FIFO यानी पहले आए सामान को पहले बेचने की व्यवस्था अपनाने को कहा गया है। इसके साथ ही FEFO यानी जिसकी एक्सपायरी पहले हो, उसे पहले बिक्री के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
इस व्यवस्था से लंबे समय तक स्टोर में पड़े खाद्य पदार्थों की बिक्री से बचा जा सकता है। अधिकारियों ने कारोबारियों से कहा है कि वे सामान की खरीद, भंडारण और बिक्री के दौरान उसकी उपयोग अवधि पर लगातार नजर रखें।
त्योहारों में FSSAI लाइसेंस की भी जांच
खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन का होना जरूरी है। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को अपना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। जांच के दौरान अधिकारियों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि प्रतिष्ठान नियमों के अनुसार संचालित हो रहा है या नहीं।
रसोई में काम करने वाले कर्मचारियों को ग्लव्स और हेयर नेट का इस्तेमाल करने को कहा गया है। खुले में मसालों की बिक्री से भी बचने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल और पुरानी चाशनी से खाद्य पदार्थ तैयार करने पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इस्तेमाल किए गए तेल पर भी रहेगी नजर
खाद्य पदार्थों को तलने में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता को लेकर भी विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। लंबे समय तक या बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल से तैयार खाद्य पदार्थों को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है। इसलिए ऐसे तेल के इस्तेमाल पर कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह पुरानी चाशनी में मिठाइयां तैयार करने या खराब सामग्री को नए खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल करने की स्थिति में भी संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
417 नमूनों की जांच से खुलेगा गुणवत्ता का राज
विशेष अभियान में लिए गए 417 नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा नमूने दूध और दुग्ध उत्पादों के हैं। इसके बाद मिठाई, अनाज-दाल, मसाले और सॉस समेत अन्य खाद्य श्रेणियों के नमूने लिए गए हैं।

प्रयोगशाला जांच के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
डिजिटल रिपोर्टिंग से होगी निगरानी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की तत्काल डिजिटल रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया गया है। FoSCoS पोर्टल के माध्यम से निरीक्षण, नमूना संग्रह, जांच और कार्रवाई की जानकारी दर्ज की जाएगी।
इससे विभाग को राज्यभर में चल रहे अभियान की निगरानी करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किन क्षेत्रों में कितने प्रतिष्ठानों की जांच हुई और कितने खाद्य नमूने लिए गए।
मिलावटखोरों पर कार्रवाई का संदेश
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। त्योहारों के दौरान बाजार में मांग बढ़ने का फायदा उठाकर खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों पर विभाग की नजर रहेगी। आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
विभाग की कोशिश है कि त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो। इसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
