बिहार में 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप और ग्रीन सिटी: किसानों को मिलेगा शेयर, विकास में बनेंगे भागीदार
बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। राज्य के 11 जिलों में नई सैटेलाइट टाउनशिप और ग्रीन सिटी बसाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
बिहार में बनेगी नई सैटेलाइट टाउनशिप बिहार में शहरीकरण को मिलेगी नई रफ्तार
बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। राज्य के 11 जिलों में नई सैटेलाइट टाउनशिप और ग्रीन सिटी बसाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसानों को सिर्फ जमीन देने वाला पक्ष नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया का भागीदार बनाया जाएगा। यानी किसान अपनी जमीन के बदले शेयर होल्डर बनेंगे और सीधे तौर पर इस विकास का लाभ उठाएंगे।
सोमवार को विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में अब दिल्ली और मुंबई जैसे आधुनिक शहरों की तर्ज पर प्लांड कॉलोनियां विकसित की जाएंगी, जहां रहने, व्यापार और हरियाली का संतुलित विकास होगा।
किसानों को मिलेगा विकसित जमीन का 55% हिस्सा
इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण किसानों के लिए है। सरकार किसानों से जितनी जमीन लेगी, उसका 55 प्रतिशत हिस्सा विकसित कर वापस दिया जाएगा। यानी किसानों को उनकी जमीन खोने का डर नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें पहले से अधिक मूल्यवान विकसित प्लॉट मिलेगा।

प्रधान सचिव के अनुसार, विकसित जमीन की कीमत मौजूदा बाजार दर से करीब 10 गुना तक बढ़ सकती है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे चाहें तो इस जमीन को बेचकर बेहतर मुनाफा भी कमा सकते हैं।
मास्टर प्लान के तहत होगा विकास
नगर विकास विभाग द्वारा चुने गए 11 स्थानों पर सैटेलाइट टाउनशिप के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इस मास्टर प्लान में दो मुख्य हिस्से होंगे—कोर एरिया और स्पेशल एरिया।
- कोर एरिया: यहां सबसे पहले बुनियादी ढांचे और आवासीय सुविधाओं का विकास होगा।
- स्पेशल एरिया: इसमें औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत गतिविधियों के लिए जगह निर्धारित की जाएगी।
सभी निर्माण कार्य इसी मास्टर प्लान के अनुसार होंगे, जिससे शहरों का विकास व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से हो सके।
अक्टूबर-नवंबर तक तैयार होगा ड्राफ्ट
नगर विकास विभाग के मुताबिक, इस योजना का ड्राफ्ट अक्टूबर-नवंबर तक तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद बिहार TPS (टाउन प्लानिंग स्कीम) नियमों के तहत विस्तृत प्रक्रिया शुरू होगी। शुरुआत कोर एरिया से होगी और फिर धीरे-धीरे अन्य क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा।
पुनपुन में बसेगा नया शहर ‘पाटलिपुत्र’

राजधानी पटना के पास पुनपुन क्षेत्र में करीब 81 हजार एकड़ में ‘पाटलिपुत्र’ नाम से एक नया शहर बसाने की योजना है। यह परियोजना इस पूरे अभियान का प्रमुख केंद्र होगी। फिलहाल, जिन क्षेत्रों को सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चुना गया है, वहां जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है ताकि योजना को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य केवल आवासीय सुविधा प्रदान करना नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना भी है। इन टाउनशिप में उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के लिए पर्याप्त जगह होगी, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
इस परियोजना में वर्ल्ड बैंक और देश की बड़ी एजेंसियों का सहयोग भी लिया जा रहा है, जिससे इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सके।
सैटेलाइट टाउनशिप के फायदे
इस योजना से बिहार को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है:
- सुनियोजित शहरी विकास: नए शहरों के निर्माण से अव्यवस्थित शहरीकरण पर रोक लगेगी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा।
- बड़े शहरों पर दबाव कम: पटना जैसे शहरों पर बढ़ती आबादी और संसाधनों का दबाव कम होगा।
- बेहतर सुविधाएं: नागरिकों को चौड़ी सड़कें, हरियाली, पार्क, बाजार और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
- निवेश के अवसर: निजी और संस्थागत निवेशकों के लिए नए रास्ते खुलेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
हरित विकास पर विशेष जोर
ग्रीन सिटी कॉन्सेप्ट के तहत इन टाउनशिप में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सड़कों के किनारे पेड़ लगाए जाएंगे, बड़े-बड़े पार्क विकसित होंगे और प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय किए जाएंगे।
बिहार सरकार की यह योजना राज्य के शहरी और आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है। किसानों को भागीदार बनाकर विकास का यह मॉडल न सिर्फ उनकी आय बढ़ाएगा, बल्कि सामाजिक संतुलन भी बनाए रखेगा। अगर यह योजना सफल होती है, तो बिहार आने वाले वर्षों में आधुनिक और सुनियोजित शहरों के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
