बिहार में अगले तीन दिनों तक होगी झमाझम बारिश, 9 जिलों में येलो अलर्ट, पटना में भी बरसेंगे बादल
बिहार में 3 दिन झमाझम बारिश, 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। बिहार में झमाझम बारिश का दौर अगले तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है। राज्य में बाढ़ की स्थिति के बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने 6 से 8 सितंबर तक कई इलाकों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अलग-अलग दिनों में कुल नौ जिलों में झमाझम बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। राजधानी पटना में भी 8 सितंबर तक झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय रहने के कारण राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
6 सितंबर को इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 6 सितंबर को बिहार के उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जगहों पर वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
अररिया, कटिहार और किशनगंज में झमाझम बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने की स्थिति में खुले स्थानों और पेड़-पौधों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
7 सितंबर को उत्तर बिहार में झमाझम बारिश
7 सितंबर को उत्तर बिहार के कई जिलों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और सुपौल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।
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मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का असर स्थानीय स्तर पर यातायात और जनजीवन पर पड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में जलजमाव और निचले क्षेत्रों में पानी बढ़ने की स्थिति भी बन सकती है।
8 सितंबर को पटना समेत इन जिलों में बारिश
8 सितंबर को राजधानी पटना समेत गोपालगंज, सीवान और पश्चिमी चंपारण में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पटना में पहले ही झमाझम बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की समस्या सामने आ चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश होने पर लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। खासकर वज्रपात के दौरान खुले मैदान, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
पटना में 66.7 मिमी बारिश, कई इलाकों में जलजमाव
शनिवार को राजधानी पटना में सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह करीब 8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक पटना में 66.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। करीब छह घंटे हुई इस बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति बन गई।
पटेल गोलंबर से पटना एयरपोर्ट जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। शहर के दूसरे इलाकों में भी जलजमाव के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश से कई जगहों पर यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई।
बारिश के बाद पटना में गिरा तापमान
झमाझम बारिश का असर राजधानी के तापमान पर भी पड़ा। शनिवार को पटना के अधिकतम तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के बाद मौसम सुहाना और अपेक्षाकृत ठंडा महसूस किया गया।
राज्य के कई जिलों में भी तापमान में कमी दर्ज की गई। समस्तीपुर, वैशाली, शेखपुरा, नालंदा, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और सुपौल समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया।
मधुबनी में 31 डिग्री, सुपौल में 32.4 डिग्री
शनिवार को मधुबनी में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुपौल में 32.4, मुजफ्फरपुर में 30.4, छपरा में 31.7, मोतिहारी में 32.8 और शेखपुरा में 32.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

राजगीर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री, समस्तीपुर में 30.9 और वैशाली में 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के कारण इन जिलों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिला।
अगले दो-तीन दिन सक्रिय रहेगा मानसून, प्रदेश में झमाझम बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बिहार में अगले दो से तीन दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। 8 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
बिहार में पहले से कई इलाके बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने पर नदियों और निचले इलाकों में पानी की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए आने वाले तीन दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
राज कुमार की रिपोर्ट
