बिहार में मौसम का कहर, मुजफ्फरपुर समेत 6 जिलों में अलर्ट, पटना में भी बदला मौसम
बिहार मौसम बिगड़ा, मुजफ्फरपुर समेत 6 जिलों में अलर्ट, गंडक उफान पर
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ली है। राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन, आंधी और वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। मुजफ्फरपुर में विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पटना, सिवान, गोपालगंज, शिवहर और पूर्वी चंपारण में भी खराब मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। दूसरी ओर गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी ने कई इलाकों में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है।
मुजफ्फरपुर में मौसम का ऑरेंज अलर्ट
मुजफ्फरपुर में बारिश की स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिले में मूसलाधार बारिश के साथ मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। मौसम के इस बदले रुख को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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तेज बारिश के दौरान सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन सकती है। वहीं, आंधी के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा भी बना रहता है। प्रशासन ने लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में घर से बाहर निकलने से बचने की अपील की है।
पटना में भी बदला मौसम का मिजाज
राजधानी पटना में भी मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश और तेज हवाओं की स्थिति देखने को मिल रही है। मौसम में आए बदलाव के कारण लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन आंधी और वज्रपात का खतरा चिंता का विषय बना हुआ है।
पटना समेत आसपास के क्षेत्रों में मौसम के अस्थिर रहने का अनुमान है। ऐसे में खासकर दोपहिया वाहन चालकों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
गंडक नदी में उफान से बढ़ी बाढ़ की चिंता
बारिश के साथ गंडक नदी का बढ़ता जलस्तर भी प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। गोपालगंज, सिवान और पूर्वी चंपारण के निचले इलाकों में नदी के उफान के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इन जिलों में भी मौसम को लेकर अलर्ट
मुजफ्फरपुर के अलावा सिवान, गोपालगंज, शिवहर और पूर्वी चंपारण में भी मौसम खराब रहने की आशंका है। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और आंधी-तूफान का खतरा बताया गया है।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है। खेतों में काम करने वाले किसान और खुले स्थानों पर रहने वाले मवेशियों को भी सुरक्षित जगह पर रखने की सलाह दी गई है।
गुरुवार को भी मौसम रहेगा अस्थिर
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भी बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम का रुख अस्थिर रह सकता है। कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। इस दौरान वज्रपात की घटनाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मौसम में अचानक होने वाले बदलाव को देखते हुए नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी सूचनाओं को गंभीरता से लें। खासकर बारिश और मेघगर्जन के दौरान खुले इलाकों में जाने से बचना जरूरी है।
वज्रपात से बचने के लिए बरतें सावधानी
बिजली चमकने और तेज गरज के दौरान खुले मैदान में खड़ा होना खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय में पेड़, बिजली के खंभे या अन्य ऊंची संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। जलभराव वाले क्षेत्रों से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है।
किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम खराब होने के दौरान खेतों में काम करने से बचें। मवेशियों को भी खुले स्थानों पर न छोड़ें। सुरक्षित पक्के मकान के भीतर रहना वज्रपात के दौरान सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
बाढ़ और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलों में प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय स्तर पर स्थिति की निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने की तैयारी रखी गई है।
गंडक नदी के आसपास के इलाकों में जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित खतरे से समय रहते सचेत करना और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
लोगों से आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील
मौसम और नदी के जलस्तर में बदलाव के बीच लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। नागरिकों को केवल मौसम विभाग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है।
बिहार में अगले कुछ समय तक मौसम का मिजाज पूरी तरह स्थिर रहने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में बारिश, आंधी, वज्रपात और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की तैयारियों के साथ आम लोगों की सावधानी भी संभावित नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
