सारण के मांझी प्रखंड में खतरे के निशान के करीब पहुंचा सरयू नदी, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

सारण
  • निचले इलाकों में फैलने लगा पानी, सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित होने की आशंका

निष्कर्ष भारत संवाददाता सारण। सारण में सरयू नदी के जलस्तर में अचानक तेज वृद्धि से मांझी प्रखंड के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। सारण जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। निचले इलाकों में पानी फैलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

गुरुवार को मांझी के प्रसिद्ध रामघाट पर सरयू के बढ़ते जलस्तर और तेज धारा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नदी का विकराल रूप देखकर ग्रामीण संभावित बाढ़ को लेकर चिंतित नजर आए। लोगों का कहना है कि यदि सारण में जलस्तर बढ़ने की रफ्तार इसी तरह बनी रही तो निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर सकता है।

सारण में तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता

सारण के सरयू नदी के पानी में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए मांझी प्रखंड के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवार सतर्क हो गए हैं। ग्रामीण अब नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जरूरी तैयारियां करने लगे हैं।

निचले इलाकों में पानी फैलने की शुरुआत होने के बाद लोगों को चिंता है कि जलस्तर में और वृद्धि होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्रामीण सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तलाश भी करने लगे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर परिवार को तत्काल सुरक्षित जगह ले जाया जा सके। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखे जाने की उम्मीद के बीच ग्रामीणों ने भी अपने स्तर से सावधानी बरतना शुरू कर दिया है।

रामघाट पर उमड़ी लोगों की भीड़

गुरुवार को मांझी के रामघाट पर सरयू नदी का बढ़ता पानी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नदी का जलस्तर बढ़ने और धारा के तेज होने से घाट का दृश्य भी बदल गया है।

लोगों ने सारण में नदी के बढ़ते जलस्तर को करीब से देखा और संभावित बाढ़ को लेकर चर्चा की। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरयू का पानी यदि इसी गति से बढ़ता रहा तो कई इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है। रामघाट और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

सारण में मवेशियों को लेकर भी सतर्कता

सारण में बाढ़ का खतरा बढ़ने के साथ पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीण अपने मवेशियों को संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं।

ग्रामीणों के लिए मवेशी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे में बाढ़ की स्थिति में पशुओं को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती बन सकता है। यही वजह है कि पशुपालक पहले से ही ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं।

यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

खेती पर भी दिखने लगा सरयू के बढ़ते पानी का असर

सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का असर कृषि भूमि पर भी दिखाई देने लगा है। मांझी प्रखंड क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।

खेतों में लगी सब्जियों और अन्य फसलों में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि यदि पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहा तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

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कृषि क्षेत्र पहले से ही मौसम और जलभराव जैसी समस्याओं से प्रभावित होता रहा है। ऐसे में नदी के बढ़ते पानी ने किसानों के सामने एक और चिंता खड़ी कर दी है।

किसानों को फसल बर्बाद होने का डर

किसानों का कहना है कि खेतों में पानी लगातार बढ़ता रहा तो तैयार फसलों को नुकसान हो सकता है। सब्जियों की खेती करने वाले किसानों की चिंता खास तौर पर बढ़ गई है, क्योंकि जलभराव से फसल खराब होने का खतरा रहता है।

ग्रामीणों के मुताबिक, फिलहाल पानी का फैलाव सीमित इलाकों में है, लेकिन नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी रही तो कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। किसानों की नजर अब नदी के जलस्तर और अगले कुछ दिनों की स्थिति पर बनी हुई है।

सारण में प्रशासन से निगरानी बढ़ाने की मांग

जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से सरयू नदी की लगातार निगरानी कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियां पहले से पूरी रहनी चाहिए, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की पहचान, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और प्रभावित परिवारों तक समय पर मदद पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति बनने के बाद तैयारी शुरू करने के बजाय पहले से इंतजाम रहने पर नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ग्रामीणों ने बताई संभावित स्थिति

ग्रामीण हाफिज अमीरुद्दीन, डा. दाऊद अली और नीरू अली ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यदि पानी बढ़ने की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो मांझी के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है।

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ग्रामीणों के मुताबिक, नदी किनारे बसे परिवारों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं। लोग लगातार पानी के स्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।

बाढ़ की आशंका के बीच सतर्क हुए लोग

सारण के सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने मांझी प्रखंड के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। फिलहाल लोग संभावित खतरे को देखते हुए अपने जरूरी सामान और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर तैयारी कर रहे हैं।

निचले क्षेत्रों में पानी फैलने से यह आशंका बढ़ी है कि जलस्तर में और वृद्धि होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। हालांकि, अभी ग्रामीण मुख्य रूप से एहतियात बरत रहे हैं और नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

सरयू के जलस्तर पर टिकी नजर

फिलहाल मांझी प्रखंड के तटवर्ती इलाकों में सबसे बड़ी चिंता सारण के सरयू नदी के जलस्तर को लेकर है। नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है और लगातार बढ़ते पानी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जलस्तर की नियमित निगरानी के साथ संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखे। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों और पशुपालकों के लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने की जरूरत है।

अभी तटवर्ती इलाकों के लोग नदी के पानी पर लगातार नजर रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में सरयू का जलस्तर किस दिशा में जाता है, इसी पर मांझी और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे की स्थिति निर्भर करेगी।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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