मोतिहारी में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबने से 4 बच्चियों की मौत, मचा कोहराम
मोतिहारी में जिउतिया स्नान के दौरान तालाब में डूबने से चार बच्चियों की मौत हो गई।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( मोतिहारी)। मोतिहारी में जिउतिया स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। तालाब में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से चार बच्चियों की डूबकर मौत हो गई। घटना मोतिहारी के इनरवाभार पंचायत के वार्ड-7 की बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तालाब से बच्चियों को बाहर निकालकर पहाड़पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया।
मृत बच्चियों की पहचान सोनामति (13), फूलमती (10), सोनाली (10) और प्रतिमा (12) के रूप में हुई है। इनमें सोनामति और फूलमती सगी बहनें थीं। दोनों पड़ोस की अन्य बच्चियों के साथ स्नान करने के लिए तालाब पर गई थीं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। देखते ही देखते पूरा इलाका चीख-पुकार और मातम में बदल गया।
मोतिहारी में जिउतिया स्नान के दौरान हादसा
बताया गया कि मोतिहारी में जिउतिया पर्व को लेकर गांव की महिलाएं और बच्चे तालाब के पास पहुंचे थे। इसी दौरान बच्चियां भी नहाने के लिए पानी में उतर गईं। स्नान करते समय चारों बच्चियां तालाब के गहरे हिस्से में चली गईं और देखते ही देखते पानी में डूब गईं।
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बच्चियों को डूबता देखकर आसपास मौजूद महिलाओं ने शोर मचाना शुरू किया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तालाब की ओर दौड़े। कुछ ही देर में गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और बच्चियों की तलाश शुरू की गई।
ग्रामीणों ने तालाब में उतरकर खोजबीन की। स्थानीय गोताखोरों की मदद से चारों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस से पहाड़पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
गहरे पानी में जाने से डूबीं चारों बच्चियां
मोतिहारी के स्थानीय लोगों के मुताबिक बच्चियां सामान्य रूप से नहाने के लिए तालाब में गई थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि तालाब का एक हिस्सा इतना गहरा है। नहाने के दौरान बच्चियां उसी गहरे हिस्से में पहुंच गईं। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सकीं।
जिउतिया जैसे पर्वों के दौरान गांवों में तालाब, नदी और अन्य जलस्रोतों के किनारे बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंचते हैं। ऐसे समय बच्चों के भी उनके साथ जाने की संभावना रहती है। इस घटना में भी बच्चियां पड़ोस के लोगों के साथ तालाब पर पहुंची थीं।
मोतिहारी हादसे के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। लेकिन जब तक बच्चियों को पानी से बाहर निकाला गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
दोनों बहनों की मौत से परिवार पर टूटा दुख
मोतिहारी हादसे में 13 वर्षीय सोनामति और 10 वर्षीय फूलमती की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दोनों बहनें सुबह घर से खाना खाकर निकली थीं। उनकी मां के मुताबिक बच्चियों ने कहा था कि वे पड़ोस की लड़कियों के साथ खेलने जा रही हैं।
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कुछ देर बाद परिवार को सूचना मिली कि तालाब में नहाने के दौरान चार बच्चियां डूब गई हैं। खबर मिलते ही उनकी मां भी घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि उनकी दोनों बेटियां भी हादसे का शिकार हो गई हैं।
परिजनों के अनुसार ग्रामीणों ने बच्चियों को तालाब से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो बेटियों को खोने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मोतिहारी के गांव में पसरा मातम
मोतिहारी में चार बच्चियों की मौत की खबर गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल और मृतकों के घरों के आसपास जुट गए। हादसे से पूरा गांव सदमे में है। जिन परिवारों की बच्चियां हादसे में मारी गईं, वहां मातम पसरा हुआ है।
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घटना के बाद महिलाओं के रोने और विलाप से माहौल गमगीन हो गया। आसपास के लोग परिवार को संभालने की कोशिश करते रहे। ग्रामीणों के लिए भी यह हादसा बेहद दुखद रहा, क्योंकि कुछ ही देर पहले बच्चियां सामान्य रूप से पर्व के अवसर पर स्नान करने गई थीं।
एक साथ चार बच्चों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से घटना के बाद आवश्यक सहायता और मृतकों के परिवारों को सरकारी प्रावधानों के तहत मदद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना स्थानीय स्तर पर मिलने के बाद पहाड़पुर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय सुशील सिंघम की सूचना पर पुलिस ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली।
इसके बाद बीडीओ अखिलेश कुमार और सीओ रामसेवक पासवान भी मौके पर पहुंचे। विधायक राजू तिवारी के भाई रतन तिवारी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस ने चारों बच्चियों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
जिउतिया पर्व के बीच हादसे से उठे सवाल
जिउतिया पर्व के दौरान महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए पूजा और स्नान करती हैं। ग्रामीण इलाकों में इस मौके पर तालाबों और नदियों के किनारे भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में जलस्रोतों में सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी की जरूरत होती है।
इस हादसे ने एक बार फिर गांवों में खुले तालाबों और जलस्रोतों के पास बच्चों की सुरक्षा का सवाल खड़ा किया है। खासकर पर्व के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंचते हैं, तब बच्चों पर नजर रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
हालांकि घटना की विस्तृत परिस्थितियां पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगी। फिलहाल शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्चियों की मौत पानी में डूबने से हुई है।
मोतिहारी में हादसे के बाद प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया है। हादसे के बाद अब ग्रामीणों की नजर आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मिलने वाली सहायता पर है।
चार मासूम बच्चियों की मौत ने इनरवाभार पंचायत के वार्ड-7 को शोक में डुबो दिया है। जिउतिया पर्व के बीच हुआ यह हादसा परिवारों के लिए ऐसी त्रासदी बन गया, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। गांव में देर तक लोगों की भीड़ जमा रही और मृत बच्चियों के घरों में परिजनों की चीख-पुकार सुनाई देती रही।
राज कुमार की रिपोर्ट
