यूपी में 25 फीसदी बढ़ी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सैलरी, जानें नया वेतन
यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सैलरी 25% बढ़ी, नया मानदेय जानें
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (लखनऊ)। यूपी में बेसिक शिक्षा विभाग के जिला परियोजना कार्यालयों में आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। इन कर्मचारियों के मासिक मानदेय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। आशुलिपिक, लेखाकार, सहायक लेखाकार, टंकक, लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत कर्मचारियों को अब पहले के मुकाबले अधिक मानदेय मिलेगा। बढ़ा हुआ मानदेय अक्टूबर 2026 से दिए जाने की तैयारी है।
हालांकि कर्मचारियों को पिछली अवधि का कोई एरियर नहीं मिलेगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश के बाद राज्य के सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को संशोधित दर के अनुसार मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
यूपी में आशुलिपिक और लेखाकार का नया मानदेय
जिला परियोजना कार्यालयों में आशुलिपिक और लेखाकार के पद पर काम करने वाले कर्मचारियों को अब सबसे अधिक संशोधित मानदेय मिलेगा। अभी तक इन दोनों पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को हर महीने 18,560 रुपये का मानदेय दिया जा रहा था। 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद अब इन्हें 23,200 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
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इस बदलाव से इन कर्मचारियों के मासिक मानदेय में 4,640 रुपये की सीधी बढ़ोतरी होगी। यानी सालाना आधार पर भी उनकी आय में उल्लेखनीय अंतर आएगा। लंबे समय से इन पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए संशोधित मानदेय को महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
सहायक लेखाकारों को अब 14,500 रुपये मिलेंगे
सहायक लेखाकार के पद पर तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में भी 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। पहले इन्हें हर महीने 11,600 रुपये का भुगतान किया जाता था। अब संशोधित दर के तहत 14,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।
इस तरह सहायक लेखाकारों के मासिक मानदेय में 2,900 रुपये की बढ़ोतरी होगी। नई व्यवस्था अक्टूबर से लागू किए जाने की तैयारी है। हालांकि इस अवधि से पहले के भुगतान के लिए किसी तरह का एरियर दिए जाने का प्रावधान नहीं किया गया है।
यूपी में टंकक, लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर को फायदा
टंकक, लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। अभी इन कर्मचारियों को 11,020 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा था। अब इन्हें 13,775 रुपये प्रति महीने भुगतान किया जाएगा।
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इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में 2,755 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी होगी। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि संशोधित मानदेय के भुगतान में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को पारदर्शी तरीके से भुगतान कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
375 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
राज्य के सभी जिलों के जिला परियोजना कार्यालयों में पांच-पांच आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत बताए गए हैं। इस हिसाब से पूरे यूपी में ऐसे कर्मचारियों की कुल संख्या 375 है। ये कर्मचारी सीधे विभाग के नियमित कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
मानदेय बढ़ाने के फैसले से इन सभी कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य परियोजना कार्यालय ने जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संशोधित दर के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
अक्टूबर से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
नए आदेश के अनुसार बढ़ा हुआ मानदेय अक्टूबर से देने की तैयारी है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को अक्टूबर माह से संशोधित दर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। हालांकि सरकार की ओर से पिछली अवधि के लिए एरियर नहीं देने की बात कही गई है।
इस फैसले के बाद कर्मचारियों को मिलने वाली वास्तविक मासिक राशि उनके पद के अनुसार तय होगी। आशुलिपिक और लेखाकार को 23,200 रुपये, सहायक लेखाकार को 14,500 रुपये तथा टंकक, लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर को 13,775 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
यूपी रोडवेज के आउटसोर्स कर्मचारियों का भी बढ़ा मानदेय
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला केवल बेसिक शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं है। करीब डेढ़ महीने पहले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में भी 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई थी।
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परिवहन निगम में कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर, लेखाकार और टैली ऑपरेटर जैसे पदों पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय को साल में दो बार बढ़ाने का फैसला किया गया था। इसके तहत जनवरी और जुलाई में पांच-पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने की व्यवस्था बताई गई थी।
जुलाई 2026 में बेसिक मानदेय में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया था। इसका लाभ अगस्त माह के वेतन में मिलने की बात कही गई थी। इस व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय को समय-समय पर संशोधित करना है।
रोडवेज में मैकेनिकों के मानदेय का मामला अलग
परिवहन निगम की कार्यशालाओं में बाह्यस्रोत यानी आउटसोर्सिंग के जरिए मैकेनिक भी काम कर रहे हैं। हालांकि इन कर्मचारियों के मानदेय का श्रेणीवार पुनर्निर्धारण अभी नहीं किया गया है। क्षेत्रों के सेवा प्रबंधकों की ओर से इस संबंध में मुख्यालय को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया है।

अधिकारियों की ओर से भेजे गए पत्र में पूर्व की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए बताया गया कि पहले प्रति कार्मिक 7,500 रुपये की वृद्धि के बाद राशि 8,400 रुपये प्रति कार्मिक की गई थी। मैकेनिकों के मानदेय से जुड़ी यह प्रक्रिया अन्य आउटसोर्स पदों से अलग है और इसके पुनर्निर्धारण का मामला मुख्यालय स्तर पर उठाया गया है।
कर्मचारियों के लिए बढ़ोतरी से राहत
बेसिक शिक्षा विभाग के जिला परियोजना कार्यालयों में वर्षों से काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 25 प्रतिशत मानदेय बढ़ोतरी आर्थिक राहत देने वाली है। हालांकि एरियर नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को पिछली अवधि का अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलेगा।
विभाग ने जिलों को स्पष्ट निर्देश देकर भुगतान प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी रखने पर जोर दिया है। अब कर्मचारियों की नजर अक्टूबर से मिलने वाले संशोधित मानदेय पर है। नए आदेश के लागू होने के बाद आशुलिपिक से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक अलग-अलग पदों पर काम करने वाले 375 कर्मचारियों को बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलेगा।
राज कुमार की रिपोर्ट
