सीतामढ़ी में करंट का कहर, पति-पत्नी समेत 3 की मौत, मचा कोहराम

सीतामढ़ी

सीतामढ़ी में खेत के करंट की चपेट में पति-पत्नी समेत 3 की मौत

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( सीतामढ़ी)। सीतामढ़ी जिले में शनिवार तड़के खेत में लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से पति-पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा सीतामढ़ी के बैरगनिया प्रखंड की अक्ता पश्चिमी चकवा पंचायत के तकिया टोला वार्ड नंबर-5 में हुआ। घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और मृतक परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है।

सीतामढ़ी में मृतकों की पहचान तकिया टोला निवासी मोहम्मद इस्लाम मंसूरी, उनकी पत्नी रुबैदा खातून और असमत अली के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खेत में फसल को जंगली सूअरों से बचाने के लिए कंटीले तार लगाए गए थे। इन्हीं तारों में बिजली का करंट प्रवाहित किया गया था।

भैंस खोजने खेत पहुंचे थे इस्लाम

जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के मोहम्मद इस्लाम मंसूरी की भैंस घर से खुल गई थी। भैंस की तलाश में वह आसपास के खेतों की ओर चले गए। इसी दौरान वह इंदल पासवान के धान के खेत में पहुंच गए।

बताया जा रहा है कि खेत के चारों तरफ जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए तार लगाए गए थे। तार में करंट प्रवाहित हो रहा था। अंधेरा होने के कारण इस्लाम को इसका पता नहीं चला और वह तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

सीतामढ़ी में पति के पीछे खेत पहुंची पत्नी

काफी देर तक इस्लाम के घर वापस नहीं लौटने पर उनकी पत्नी रुबैदा खातून उन्हें खोजने के लिए खेत की ओर चली गईं। वहां उन्होंने पति को जमीन पर पड़ा देखा। पति की हालत देखकर वह तुरंत उनके पास पहुंचीं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि आसपास बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा है। रुबैदा भी उसी तार की चपेट में आ गईं। करंट लगने से उनकी भी मौके पर मौत हो गई। सीतामढ़ी घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

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स्थानीय सरपंच रिजवान आलम के मुताबिक, पति के वापस नहीं लौटने के बाद पत्नी उन्हें खोजने निकली थीं। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद वह भी हादसे का शिकार हो गईं।

असमत अली भी करंट की चपेट में आए

सीतामढ़ी की घटना के दौरान आसपास के लोगों को हादसे की जानकारी मिली। इसी बीच गांव के असमत अली भी घटनास्थल पर पहुंचे। वह भी खेत में मौजूद बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौत हो गई।

इस तरह कुछ ही समय के भीतर एक ही स्थान पर तीन लोगों की जान चली गई। एक ही परिवार के पति-पत्नी की मौत से गांव में गम का माहौल है, जबकि तीसरे मृतक के परिवार में भी मातम पसरा हुआ है।

चौथा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल

सीतामढ़ी हादसे में सैफ अली भी करंट की चपेट में आ गए। उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सैफ अली ने घटना के बाद बताया कि गांव में शोर हुआ था कि खेत में तीन लोगों को कुछ हो गया है। इसके बाद वह भी अन्य ग्रामीणों के साथ घटनास्थल की ओर गए थे।

सैफ के मुताबिक, खेत में पहुंचते ही उनके पैर में करंट लगा और वह बेहोश हो गए। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

छह बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

सीतामढ़ी हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। मृतक दंपती के छह बच्चे हैं। इनमें चार बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। बच्चों की उम्र करीब 6 से 14 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

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मृतक के चार बेटों की उम्र 14, 12, 8 और 6 साल बताई गई है, जबकि दोनों बेटियों की उम्र 13 और 11 साल है। माता-पिता की एक साथ मौत के बाद बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है।

हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच रहे हैं।

खेत में मिले जंगली सूअरों के शव

सीतामढ़ी घटना के बाद जब ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो खेत में दो जंगली सूअरों के शव भी मिले। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि फसल बचाने के लिए लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से जंगली सूअरों की भी मौत हुई होगी।

ग्रामीणों के मुताबिक, इलाके में जंगली सूअरों के कारण किसानों को फसल नुकसान की परेशानी रहती है। इसी वजह से खेतों की सुरक्षा के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। हालांकि, खेत के आसपास बिजली का करंट प्रवाहित तार लगाना लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ।

सीतामढ़ी पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही बैरगनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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सीतामढ़ी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खेत में करंट वाला तार किस तरह लगाया गया था और उसमें बिजली का कनेक्शन कैसे दिया गया। हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।

अंधेरे में जानलेवा बना खेत का तार

इस घटना में सबसे गंभीर पहलू यह है कि खेत में लगाया गया तार अंधेरे में दिखाई नहीं दिया। रात के समय खेत में पहुंचे लोगों को यह पता नहीं था कि वहां करंट प्रवाहित हो रहा है। यही वजह रही कि एक के बाद एक लोग इसकी चपेट में आते चले गए।

पहले भैंस की तलाश में गए इस्लाम मंसूरी हादसे का शिकार हुए। उनके पीछे पत्नी रुबैदा पहुंचीं तो उन्हें भी अपनी जान गंवानी पड़ी। इसके बाद घटनास्थल पर पहुंचे असमत अली और सैफ अली भी करंट की चपेट में आ गए।

गांव में पसरा मातम

एक ही घटना में तीन लोगों की मौत के बाद तकिया टोला में मातम पसरा हुआ है। मृतक दंपती के छह बच्चों की स्थिति ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खेत में करंट प्रवाहित तार किसने और किस उद्देश्य से लगाया था। प्रशासन की ओर से भी घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने खेतों में फसल बचाने के लिए अपनाए जाने वाले जानलेवा तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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