चांदी की कीमतों में भूचाल, एक दिन में 6 हज़ार की गिरावट, जानें ताजा रेट
चांदी का भाव ₹6,000 गिरा, जानें दिल्ली-मुंबई समेत ताजा रेट
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( नई दिल्ली)। चांदी की कीमतों में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का दिसंबर वायदा भाव सुबह करीब 10 बजे तक 3 फीसदी से ज्यादा टूट गया। कारोबार के दौरान चांदी की कीमत लगभग 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर 1,93,545 रुपये पर पहुंच गई। वहीं, सर्राफा बाजार में भी चांदी के भाव में बड़ी कमजोरी देखने को मिली। अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों का ध्यान खींचा है।
चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। डॉलर की चाल, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और औद्योगिक मांग जैसे कारक भी चांदी के भाव को प्रभावित करते हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या चांदी की कीमतों में अभी और गिरावट आ सकती है या यह खरीदारी का मौका है?
चांदी का ताजा भाव: MCX पर 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट
शुक्रवार सुबह वायदा बाजार में चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। MCX पर दिसंबर वायदा का भाव करीब 6,000 रुपये टूटकर 1,93,545 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र के दौरान चांदी ने 1,96,924 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्च स्तर और 1,92,800 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर छुआ।
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इस गिरावट से बाजार में हलचल बढ़ गई है। चांदी की कीमतों में तेजी के दौर के बाद इतनी बड़ी कमजोरी निवेशकों के लिए अहम संकेत है। हालांकि, वायदा बाजार में भाव लगातार बदलते रहते हैं। इसलिए खरीदारी या बिक्री का फैसला करने से पहले ताजा भाव और बाजार के रुझान पर नजर रखना जरूरी है।
चांदी के रिकॉर्ड भाव से करीब 54 फीसदी नीचे कीमत
चांदी ने इस साल MCX पर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके मुकाबले शुक्रवार सुबह दर्ज भाव काफी नीचे आ चुका था। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 54 फीसदी नीचे थी।
कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट यह दिखाती है कि चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव कितना तेज हो सकता है। हालांकि, रिकॉर्ड भाव से गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कीमतें अब अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुकी हैं। बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय कीमतों, निवेशकों की मांग और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि तेजी के दौरान जिस तेजी से कीमतें ऊपर जाती हैं, उसी तरह बाजार में बदलाव आने पर उनमें बड़ी गिरावट भी हो सकती है। इसलिए केवल पुराने रिकॉर्ड भाव को देखकर भविष्य की कीमत का अनुमान लगाना सही रणनीति नहीं है।
सर्राफा बाजार में भी चांदी सस्ती, जानें 10 ग्राम का भाव
वायदा बाजार के साथ सर्राफा बाजार में भी चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन रेट्स के 23 अक्टूबर को सुबह करीब 10:10 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 99.9 फीसदी शुद्धता वाली चांदी का भाव लगभग 1,93,980 रुपये प्रति किलोग्राम था। यह पिछले स्तर से करीब 6,400 रुपये या 3.19 फीसदी कम बताया गया।
इस भाव के हिसाब से चांदी की कीमत इस प्रकार थी:
- 1 किलोग्राम चांदी: 1,93,980 रुपये
- 100 ग्राम चांदी: 19,398 रुपये
- 10 ग्राम चांदी: करीब 1,940 रुपये
ये कीमतें उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित हैं। स्थानीय दुकानों पर चांदी खरीदने के समय अंतिम कीमत अलग हो सकती है। शुद्धता, स्थानीय बाजार, लागू टैक्स और कारोबारी शुल्क के कारण बिल में दर्ज रकम में अंतर आ सकता है।
दिल्ली से चेन्नई तक चांदी के भाव में अंतर
23 अक्टूबर की सुबह उपलब्ध शहरवार आंकड़ों के अनुसार, देश के चार प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें अलग-अलग थीं।
दिल्ली में चांदी का भाव करीब 1,93,290 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। मुंबई में इसकी कीमत लगभग 1,93,780 रुपये प्रति किलोग्राम रही। कोलकाता में चांदी करीब 1,93,520 रुपये प्रति किलोग्राम और चेन्नई में लगभग 1,94,340 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई।
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शहरवार कीमतों में यह अंतर स्थानीय बाजार की स्थितियों और लागू शुल्क से जुड़ा हो सकता है। इसलिए चांदी खरीदने से पहले अपने शहर के कम से कम दो या तीन भरोसेमंद ज्वेलर्स से भाव की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा। ऑनलाइन दिखने वाले बाजार भाव को दुकान का अंतिम बिक्री मूल्य मानना सही नहीं होगा।
आखिर क्यों गिर रही है चांदी की कीमत?
चांदी की कीमत में आई गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। चांदी का भाव सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होता, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का भी इस पर असर पड़ता है।
डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती या कमजोरी कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। इसी तरह अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें भी निवेशकों के फैसलों पर असर डालती हैं। यदि निवेशकों को लगता है कि ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं, तो वे अपने निवेश के विकल्पों पर दोबारा विचार कर सकते हैं। इससे चांदी जैसी धातुओं की मांग प्रभावित हो सकती है।
औद्योगिक मांग भी तय करती है चांदी का भाव
चांदी का इस्तेमाल केवल गहने और सिक्के बनाने तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, सौर पैनलों और कई औद्योगिक उत्पादों में भी इसकी जरूरत होती है। इसलिए उद्योगों की मांग में बदलाव का असर इसकी कीमतों पर पड़ सकता है।

इसके अलावा निवेशकों की खरीद-बिक्री और वैश्विक बाजार में जोखिम को लेकर बदलता नजरिया भी चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव ला सकता है। हालांकि, शुक्रवार की गिरावट में अलग-अलग कारणों का कितना योगदान रहा, इसे तय करने के लिए बाजार के विस्तृत आंकड़ों और विशेषज्ञों के आकलन की जरूरत होगी।
क्या गिरावट के बाद चांदी खरीदना सही रहेगा?
चांदी की कीमतों में भारी गिरावट के बाद कई खरीदार इसे खरीदने का मौका मान सकते हैं। लेकिन कीमत कम होने भर से यह तय नहीं किया जा सकता कि खरीदारी करना फायदेमंद रहेगा। चांदी में निवेश करने वालों को अपने निवेश की अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और पैसों की जरूरत को ध्यान में रखना चाहिए।
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जो लोग लंबे समय के लिए चांदी खरीदना चाहते हैं, वे एक ही बार में पूरी रकम लगाने के बजाय बाजार की स्थिति समझकर चरणबद्ध खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, इस तरीके से भी मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। कीमतों में आगे और गिरावट या तेजी दोनों की संभावना बनी रहती है।
कम अवधि में मुनाफा कमाने की उम्मीद से खरीदारी करने वालों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। चांदी में औद्योगिक मांग और निवेश से जुड़ी गतिविधियों के कारण कीमतों में सोने की तुलना में भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
फिजिकल चांदी खरीदने वाले ग्राहकों को बाजार में दिख रहे भाव और दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत के अंतर को समझना चाहिए। खरीदारी से पहले शुद्धता, वजन, बिल, लागू टैक्स और डीलर के शुल्क की जानकारी लें। निवेश के उद्देश्य से चांदी खरीद रहे हैं तो यह भी तय करें कि जरूरत पड़ने पर उसे कितनी आसानी से बेचा जा सकेगा।
सबसे जरूरी बात यह है कि केवल एक दिन की गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश न करें। बाजार की चाल, अपनी आर्थिक स्थिति और जोखिम की क्षमता का आकलन करके ही फैसला लें।
शुक्रवार को चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है। खरीदारों के लिए यह भावों की तुलना करने का मौका हो सकता है, लेकिन आगे की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए चांदी खरीदने से पहले ताजा बाजार भाव की पुष्टि करना और सोच-समझकर निर्णय लेना बेहतर रहेगा।
राज कुमार की रिपोर्ट
