पटना में खाद्य विभाग का छापा, Blinkit से Yo-Yo China तक जांच, खराब सामान नष्ट और बिक्री पर रोक
पटना में Blinkit, Nine to Nine और Yo China पर खाद्य विभाग की कार्रवाई
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में Blinkit, नाइन टू नाइन सुपर मार्केट और यो चाइना रेस्टोरेंट समेत कई प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं सामने आई हैं। बायपास रोड स्थित Blinkit वेयरहाउस में करीब 2.14 करोड़ रुपये की खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगा दी गई। वहीं, इंद्रपुरी स्थित Blinkit स्टोर में 49.5 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध मिला, जबकि आनंदपुरी स्टोर में 190 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।
आशियाना रोड स्थित यो चाइना रेस्टोरेंट में कीड़ा लगा मैदा, एक्सपायरी चिकन सीजनिंग और अन्य खाद्य सामग्री भी मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का नोटिस दिया है। यह अभियान खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर चलाया गया।
पटना में Blinkit वेयरहाउस पर बड़ी कार्रवाई
पटना के बायपास रोड स्थित ताजपुर में Blinkit के वेयरहाउस की जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण और गुणवत्ता से जुड़ी कमियां सामने आईं। विभाग ने होल फॉर्म ब्रांड की 276 तरह की खाद्य सामग्री के करीब 25 टन स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी। इसके अलावा बेसिक ब्रांड की 3,102 किलो दाल और 190 किलो नट्स की बिक्री भी रोक दी गई।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: Bihta Police Station में थानेदार फेल, चौकीदार पास : राहुल चौकीदार को DSP और बालू माफियाओं का संरक्षण
विभाग के मुताबिक, बिक्री पर रोक लगाई गई खाद्य सामग्री की कुल कीमत 2 करोड़ 13 लाख 99 हजार 535 रुपये है। इस कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, बिक्री पर रोक लगाए जाने का अर्थ अपने आप में यह नहीं है कि सभी उत्पादों को अंतिम रूप से असुरक्षित घोषित कर दिया गया है।
पटना के Blinkit स्टोर में एक्सपायरी दूध मिला
इंद्रपुरी स्थित Blinkit कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्टोर में जांच के दौरान 49.5 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध मिला। विभाग ने एक्सपायरी दूध और खराब खाद्य सामग्री को नष्ट कराया। इसके अलावा चावल, घी, सूजी, मिक्स अचार, ग्लूकोंडी और चीनी के नमूने लेकर खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
जांच में सामान के भंडारण से जुड़ी FIFO व्यवस्था का पालन नहीं किया गया था। FIFO यानी फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट नियम के अनुसार, पहले स्टोर में आया सामान पहले बिक्री के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे खाद्य पदार्थों के लंबे समय तक रखे रहने और उनकी अवधि समाप्त होने का जोखिम कम किया जा सकता है।
स्टोर में साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। डीप फ्रीजर की स्थिति पर भी विभाग ने आपत्ति जताई। इन कमियों को दूर करने के लिए संचालक को 14 दिनों का नोटिस दिया गया है।
पटना के आनंदपुरी Blinkit स्टोर में 190 किलो सामान नष्ट
आनंदपुरी स्थित Blinkit स्टोर की जांच में सामान रखने वाले रैक पर धूल और गंदगी मिली। फ्रोजन रूम में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे हुए थे। खाद्य पदार्थों को अलग-अलग और उचित परिस्थितियों में रखना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है।

जांच के दौरान यहां 162 किलो नारियल पाउडर, 15 किलो मोतीचूर के लड्डू और 13 किलो आटा समेत कुल 190 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। विभाग ने स्टोर संचालक को 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया है।
इसे भी पढ़ें : पटना में मिठाई दुकानों पर एक्शन, खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी, नकली मिठाई जब्त, कई का लाइसेंस रद्द
इस तरह की जांच में केवल खाद्य सामग्री की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि उसे रखने की जगह, तापमान, सफाई और दूसरे खाद्य पदार्थों से संभावित संपर्क की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है।
पटना के सादिकपुर स्टोर में लाइसेंस संबंधी गड़बड़ी
सादिकपुर और लोहिया पथ स्थित Blinkit कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्टोर में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच की। यहां हल्दी का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा गया। जांच के दौरान खाद्य और गैर-खाद्य सामान एक ही स्थान पर रखे मिले।
इसके अलावा चालान पर दर्ज खाद्य लाइसेंस नंबर दूसरे स्टोर का पाया गया। खाद्य कारोबार में लाइसेंस और संबंधित दस्तावेजों का सही होना जरूरी है, ताकि प्रतिष्ठान की पहचान और कारोबार से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया जा सके।
विभाग ने सामने आई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित प्रतिष्ठान को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
पटना के Nine to Nine सुपर मार्केट में खराब सामान नष्ट
पटना के एसके नगर स्थित नाइन टू नाइन सुपर मार्केट में जांच के दौरान खराब और एक्सपायरी खाद्य सामग्री एक जगह रखी मिली। विभाग ने संचालक की मौजूदगी में 12 किलो सत्तू, 24 किलो सूजी, 12 किलो बेसन, 49 किलो आटा, 49 किलो मैदा और छह किलो मसाला नष्ट कराया।
इस कार्रवाई में कुल 152 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की गई। एक्सपायरी और खराब सामान को बिक्री योग्य खाद्य पदार्थों से अलग रखना जरूरी है, ताकि गलती से भी उसका इस्तेमाल या बिक्री न हो।
वहीं, कंकड़बाग स्थित आदित्य नाइन टू नाइन सुपर मार्केट से साबूदाना का नमूना लिया गया। यहां पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था नहीं मिली। कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा खाद्य और गैर-खाद्य सामान एक साथ रखे गए थे।
विभाग ने संबंधित संचालकों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। इन मामलों में नमूनों की जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
पटना के Yo China रेस्टोरेंट में कीड़ा लगा मैदा मिला
आशियाना रोड के रामनगरी मोड़ स्थित यो चाइना रेस्टोरेंट में जांच के दौरान रसोई की सफाई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से जुड़ी कमियां सामने आईं। रसोई की नाली का ढक्कन खुला था और स्वच्छता की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली।
छापेमारी के दौरान विभाग ने 500 ग्राम एक्सपायरी चिकन सीजनिंग पाउडर, 2.5 किलो मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG), 3.4 किलो स्वीट कॉर्न और पांच किलो कीड़ा लगा मैदा नष्ट कराया। इसके अलावा 12 किलो नूडल्स भी नष्ट कराए गए।
रेस्टोरेंट की रसोई में खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखना और नियमित सफाई करना बेहद जरूरी है। खुले नालों, गंदगी और अनुचित भंडारण से खाद्य सामग्री दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से विभाग ने मौके पर मिली कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है।
पटना में सुपर मार्केट और रेस्टोरेंट के लाइसेंस पर सवाल
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। आदित्य नाइन टू नाइन सुपर मार्केट और यो चाइना रेस्टोरेंट एक ही खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के तहत संचालित हो रहे थे। सुपर मार्केट ग्राउंड फ्लोर पर और रेस्टोरेंट दूसरी मंजिल पर चल रहा था।
विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों को उनके कारोबार के अनुसार लाइसेंस में जरूरी बदलाव कराने और अलग-अलग लाइसेंस लेने का निर्देश दिया है। खाद्य कारोबार के प्रकार और संचालन की प्रकृति के अनुरूप लाइसेंस होना नियामकीय व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी
खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण, साफ-सफाई और लाइसेंस संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की। संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का नोटिस दिया गया है।
जांच में लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। उपभोक्ताओं के लिए भी यह जरूरी है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग और भंडारण की स्थिति पर ध्यान दें।
पटना में हुई इस कार्रवाई के बाद अब संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा कमियां दूर करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विभाग की नजर रहेगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
