गायघाट के गौरी शंकर मंदिर में श्रद्धालुओं का हंगामा, गेट बंद होने पर भड़के, धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल
गायघाट गौरी शंकर मंदिर में गेट खुलने के बाद श्रद्धालुओं का हंगामा
निष्कर्ष भारत संवाददाता, पटना। गायघाट स्थित गौरी शंकर मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर सोमवार सुबहउस समय अफरातफरी मच गई, जब मंदिर का मुख्य गेट करीब दो घंटे तक बंद रहने को लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ गई। गेट खुलने के बाद कथित तौर पर श्रद्धालुओं और मंदिर में मौजूद एक पुजारी के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
गायघाट में दो घंटे बंद रहा मुख्य गेट
श्रद्धालुओं के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे गायघाट मंदिर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था। सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे थे। मुख्य गेट बंद होने के बाद मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई।
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बताया जा रहा है कि मंदिर के अंदर पुजारी द्वारा अभिषेक किए जाने के कारण आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश रोक दिया गया था। करीब दो घंटे बाद लगभग 9:15 बजे मंदिर का मुख्य गेट खोला गया। लंबे समय तक इंतजार करने के कारण पहले से परेशान श्रद्धालुओं में गेट खुलने के बाद भी नाराजगी बनी हुई थी।
गेट खुलते ही बढ़ा विवाद, जमकर हुआ हंगामा
प्रत्यक्षदर्शियों और श्रद्धालुओं की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, गायघाट मंदिर का गेट खुलने के बाद जब लोग मंदिर में प्रवेश करने लगे, तभी मुख्य गेट के पास मौजूद एक पुजारी ने कुछ महिलाओं को कथित तौर पर वहां से हटाने की कोशिश की। इसी दौरान धक्का देने को लेकर विवाद शुरू हुआ।

श्रद्धालुओं का आरोप है कि विरोध करने पर बात और बिगड़ गई। कुछ ही देर में गायघाट के मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और महिलाओं तथा पुजारी के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। विवाद के दौरान हाथापाई और थप्पड़बाजी की स्थिति भी बनी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
गायघाट मंदिर में प्रवेश को लेकर भी उठे सवाल
घटना के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर के दूसरे गेट से कथित तौर पर पैसे लेकर कुछ लोगों को गर्भगृह में प्रवेश दिए जाने का आरोप भी लगाया। श्रद्धालुओं का कहना था कि जब आम लोगों को मुख्य गेट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा था, तब दूसरे रास्ते से लोगों को प्रवेश दिए जाने की चर्चा ने नाराजगी और बढ़ा दी।
कुछ लोगों ने कथित प्रवेश व्यवस्था का विरोध किया। इसी दौरान वहां मौजूद पुजारी के साथ लोगों की बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद धक्का-मुक्की में बदल गया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल वीडियो में दिखी धक्का-मुक्की
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मंदिर परिसर में कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। वीडियो में महिलाएं और मंदिर में मौजूद व्यक्ति एक-दूसरे से उलझते नजर आते हैं। हालांकि, वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की शुरुआत और विवाद के हर पहलू की पुष्टि करना संभव नहीं है।
वायरल वीडियो के बाद घटना चर्चा में आ गई। सावन की अंतिम सोमवारी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर मंदिर परिसर में इस तरह का विवाद सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
गायघाट में सुरक्षा के लिए तैनात था पुलिस बल
सावन की अंतिम सोमवारी को देखते हुए पटना के प्रमुख शिव मंदिरों में प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिरों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। गायघाट स्थित गौरी शंकर मंदिर में भी प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
आलमगंज थानाध्यक्ष राहुल ठाकुर के अनुसार, अंतिम सोमवारी को देखते हुए मंदिर परिसर में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने बताया कि घटना को लेकर थाने में फिलहाल कोई सूचना नहीं मिली है। यदि किसी व्यक्ति की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
मजिस्ट्रेट ने टिप्पणी करने से किया इनकार
मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट एवं राजस्व पदाधिकारी कवि कुमार से जब घटना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ऐसे में फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर घटना को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद ही मामले की औपचारिक जांच आगे बढ़ाई जाएगी। इसका मतलब है कि वायरल वीडियो और श्रद्धालुओं की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल
गायघाट गौरी शंकर मंदिर में हुई घटना ने धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सावन की अंतिम सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना पहले से रहती है। ऐसे में प्रवेश और निकास के लिए स्पष्ट व्यवस्था, भीड़ को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम और श्रद्धालुओं के साथ समन्वय बेहद जरूरी माना जाता है।
करीब दो घंटे तक गायघाट मंदिर मुख्य गेट बंद रहने से भीड़ का दबाव बढ़ना और इसके बाद प्रवेश के दौरान विवाद होना व्यवस्था की चुनौती को सामने लाता है। यदि मंदिर में किसी विशेष पूजा या अभिषेक के कारण आम श्रद्धालुओं का प्रवेश रोकना आवश्यक था, तो इसकी स्पष्ट सूचना लोगों को पहले से दिए जाने से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती थी।
फिलहाल शिकायत का इंतजार
इस पूरे मामले में अभी पुलिस के पास लिखित शिकायत नहीं पहुंची है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद को लेकर आगे कोई प्राथमिकी दर्ज होगी या नहीं। पुलिस ने साफ किया है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गायघाट स्थित गौरी शंकर मंदिर की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। श्रद्धालुओं के आरोप, वायरल वीडियो और प्रशासन के आधिकारिक पक्ष के बीच अब आगे की स्थिति लिखित शिकायत और पुलिस जांच पर निर्भर करेगी। सावन की अंतिम सोमवारी पर हुई इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भीड़, दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
