बिहार में 6 टाउनशिप का सर्वे शुरू, जमीन मालिकों की बनेगी लिस्ट, तैयार होगी पूरी रिपोर्ट

टाउनशिप

बिहार में 6 टाउनशिप का सर्वे शुरू, जमीन मालिकों की बनेगी सूची

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार टाउनशिप योजना को जमीन पर उतारने की दिशा में सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य में प्रस्तावित छह ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप के लिए अब टाउन प्लानिंग स्कीम यानी नगर नियोजन योजना तैयार करने का काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए सबसे पहले संबंधित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के दौरान जमीन के मालिकों की सूची तैयार करने के साथ राजस्व रिकॉर्ड, खाता-खसरा, जमीन का क्षेत्रफल और वर्तमान उपयोग जैसी जानकारियां जुटाई जाएंगी।

नगर विकास विभाग इसके लिए सलाहकार एजेंसी का चयन करेगा। एजेंसी को केवल सर्वे तक सीमित काम नहीं करना होगा, बल्कि प्रस्तावित टाउनशिप के नक्शे, भूमि उपयोग की योजना और भविष्य के विकास की पूरी रूपरेखा तैयार करने में भी भूमिका निभानी होगी। योजना लागू करने के दौरान भी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।

छह शहरों में शुरू होगी टाउन प्लानिंग की तैयारी

राज्य में कुल 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है। नगर विकास विभाग ने इन टाउनशिप को चार समूहों में बांटा है। अब ग्रुप-3 और ग्रुप-4 में शामिल छह टाउनशिप के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Mumbai में छात्र की मौत से IIT पटना में जांच की मांग…

ग्रुप-3 में दरभंगा की मिथिला, सहरसा की कोसी और मुजफ्फरपुर की तिरहुत टाउनशिप शामिल हैं। वहीं ग्रुप-4 में पूर्णिया की पूर्णिया, मुंगेर की अंग और सोनपुर की हरिहरनाथपुरम टाउनशिप प्रस्तावित है। इन सभी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग स्तर पर जमीन, मौजूदा ढांचे और भविष्य की जरूरतों का आकलन किया जाएगा।

टाउनशिप के लिए जमीन का बनेगा पूरा रिकॉर्ड

टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार करने से पहले जमीन से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित किया जाएगा। सर्वे के दौरान प्रत्येक भूखंड के खाता और खसरा नंबर, क्षेत्रफल और वर्तमान मालिकाना हक का विवरण जुटाया जाएगा। इन जानकारियों का राजस्व रिकॉर्ड और जमाबंदी से मिलान भी किया जाएगा।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टाउनशिप के लिए प्रस्तावित जमीन का वास्तविक रिकॉर्ड उपलब्ध हो। प्रत्येक संपत्ति की चौहद्दी और वर्तमान उपयोग का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इससे आगे चलकर भूमि उपयोग की योजना तैयार करने और विकास कार्यों के लिए जमीन चिह्नित करने में मदद मिलेगी।

लैंड पुलिंग में अहम होगी जमीन मालिकों की सूची

प्रस्तावित टाउनशिप में जमीन उपलब्ध कराने के लिए लैंड पुलिंग को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। ऐसे में भू मालिकों की पहचान और उनके जमीन रिकॉर्ड का सही होना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सर्वे के बाद तैयार होने वाली सूची इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

लैंड पुलिंग के तहत जमीन देने वाले मालिकों को बदले में किस प्रकार की जमीन या अन्य व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, इसका निर्धारण भी टाउन प्लानिंग स्कीम में किया जाएगा। इसलिए सर्वे के दौरान जमीन की वास्तविक स्थिति और स्वामित्व संबंधी जानकारी को दर्ज किया जाना जरूरी होगा।

बिहार टाउनशिप में बनेगा कैडेस्ट्रल मैप

टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार करते समय कैडेस्ट्रल मैप भी तैयार किया जाएगा। इसमें संपत्तियों और जमीन की सीमाओं को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र का बेस मैप और टोपोग्राफिक सर्वे भी कराया जाएगा।

सर्वे के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। टोटल स्टेशन सर्वे और ड्रोन आधारित सर्वे जैसी तकनीकों से जमीन की वास्तविक स्थिति को रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे पुराने रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के बीच अंतर को समझने में भी मदद मिलेगी।

सड़क से लेकर जलस्रोत तक की होगी मैपिंग

टाउनशिप क्षेत्र में मौजूद सड़क और परिवहन व्यवस्था का भी विस्तृत नक्शा तैयार किया जाएगा। इसमें नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, जिला सड़क, संपर्क मार्ग, निजी सड़क और पैदल चलने वाले रास्तों को शामिल किया जाएगा। डिवाइडर, ट्रैफिक पोस्ट और बस स्टॉप जैसी सुविधाओं को भी मैपिंग में दर्ज किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: वित्त रहित शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सम्राट सरकार ने खोला खजाना, 461 करोड़ रुपये जारी

इसके अलावा इलाके के जलस्रोतों और जल निकासी व्यवस्था का भी सर्वे होगा। झील, तालाब, कुएं, नहर, पानी की टंकियां और ड्रेनेज सिस्टम की जानकारी जुटाई जाएगी। इससे भविष्य में टाउनशिप की जल व्यवस्था और जल निकासी की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

किस जमीन का क्या इस्तेमाल होगा, होगा तय

नगर नियोजन योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भूमि उपयोग का निर्धारण होगा। सर्वे और मैपिंग के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस जमीन का इस्तेमाल आवासीय, व्यावसायिक, सार्वजनिक या अन्य उद्देश्य के लिए किया जा सकता है।

टाउनशिप में सड़क, सार्वजनिक उपयोगिता और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए जमीन का अलग से रेखांकन किया जाएगा। भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को ध्यान में रखते हुए स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जरूरत का भी आकलन किया जाएगा।

सलाहकार एजेंसी की होगी अहम भूमिका

नगर विकास विभाग की ओर से चयनित होने वाली सलाहकार एजेंसी इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग देगी। एजेंसी को सर्वे से लेकर टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार करने तक कई स्तरों पर काम करना होगा। इसके अलावा भू मालिकों के साथ होने वाली बैठक और चर्चा में भी एजेंसी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी।

सरकार और संबंधित विभागों से जरूरी मंजूरी तथा कानूनी स्वीकृति लेने की प्रक्रिया में नगर विकास प्राधिकरण को भी तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। यानी एजेंसी की भूमिका केवल नक्शा बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि योजना को लागू करने की प्रक्रिया में भी सहयोग रहेगा।

मई में निकली निविदा, अब फिर शुरू हुई प्रक्रिया

सलाहकार एजेंसी के चयन के लिए नगर विकास विभाग ने मई 2026 में भी निविदा जारी की थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार तकनीकी कारणों से अब दोबारा निविदा निकाली गई है। इसके बाद एजेंसी का चयन होने पर छह प्रस्तावित टाउनशिप के लिए सर्वे और नगर नियोजन से जुड़े काम को आगे बढ़ाया जाएगा।

पूरी प्रक्रिया के दौरान बिहार टाउन प्लानिंग स्कीम नियमावली 2025 और बिहार अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2012 के प्रावधानों का ध्यान रखा जाएगा। साथ ही योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का आकलन भी किया जाएगा।

भविष्य की आबादी के हिसाब से बनेगी योजना

इन छह टाउनशिप की योजना केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं बनाई जाएगी। भविष्य में बढ़ने वाली आबादी, यातायात, आवास और सार्वजनिक सुविधाओं की जरूरतों का अनुमान लगाकर विकास का खाका तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य नियोजित तरीके से नए शहरी क्षेत्रों का विकास करना है।

सर्वे पूरा होने के बाद जमीन और मौजूदा संसाधनों की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। इसके आधार पर टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार होगी और आगे विकास के लिए जमीन के इस्तेमाल, सड़कों तथा सार्वजनिक सुविधाओं की प्राथमिकता तय की जा सकेगी। इस तरह छह प्रस्तावित टाउनशिप के लिए शुरू होने वाला सर्वे आगे की पूरी शहरी योजना का आधार बनेगा।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

You may have missed