अजगैबीनाथ धाम और सोनपुर में बनेंगे दो ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, 10 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव
अजगैबीनाथ और सोनपुर में बनेंगे 2 बड़े एयरपोर्ट
निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने दो बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट पर काम तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। अजगैबीनाथ धाम और सोनपुर/सारण में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल पर विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को दोनों परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई बैठक में एयरपोर्ट के मास्टर प्लान, जमीन अधिग्रहण, ट्रैफिक सर्वे, क्षमता, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
दोनों एयरपोर्ट पर 10 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव
बैठक में बताया गया कि अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पहले चरण में करीब 3,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। वहीं सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए करीब 6,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।
इस तरह दोनों परियोजनाओं को मिलाकर पहले चरण में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव सामने आया है। दोनों एयरपोर्ट को PPP मॉडल पर विकसित करने की तैयारी है।
जमीन और कनेक्टिविटी का खर्च उठाएगी बिहार सरकार
एयरपोर्ट परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और कनेक्टिविटी से जुड़े खर्च की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के तहत जमीन से जुड़ी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है।
सरकार की ओर से विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने और सभी जरूरी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया है।
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अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट के लिए पहले ही भागलपुर और मुंगेर जिले में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को मंजूरी मिल चुकी है। जुलाई 2026 में एयरपोर्ट के लिए करीब 3,145 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी।
बड़े विमानों के लिए तैयार होगा अजगैबीनाथ एयरपोर्ट
अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने रनवे और अन्य आधारभूत संरचनाओं की क्षमता को इसी हिसाब से तैयार करने पर जोर दिया।
एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद पूर्वी बिहार के कई जिलों को बेहतर हवाई संपर्क मिलने की उम्मीद है। इनमें मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया और बेगूसराय सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
इससे इन इलाकों के लोगों को पटना या दूसरे शहरों से हवाई यात्रा के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो सकती है।
श्रावणी मेले और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा कनेक्शन
अजगैबीनाथ धाम की धार्मिक पहचान को देखते हुए इस एयरपोर्ट को पर्यटन और धार्मिक यात्राओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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एयरपोर्ट शुरू होने पर देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हवाई संपर्क का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। इससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
परियोजना को पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सोनपुर एयरपोर्ट में कार्गो सुविधा पर फोकस
सोनपुर/सारण में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही यहां कार्गो सुविधा विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
कार्गो सुविधा उपलब्ध होने से यात्रियों के अलावा व्यापार और माल परिवहन से जुड़ी गतिविधियों को भी हवाई नेटवर्क का फायदा मिल सकता है। सड़क और दूसरी परिवहन सुविधाओं के साथ एयरपोर्ट को जोड़ने की योजना पर भी बैठक में चर्चा हुई।
22 जिलों को मिल सकता है फायदा
प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट से बिहार के करीब 22 जिलों को हवाई कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी यह एयरपोर्ट कनेक्टिविटी का नया विकल्प बन सकता है।
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सोनपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस एयरपोर्ट को यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए भी उपयोगी बनाने की योजना है।
PPP मॉडल पर होगा दोनों एयरपोर्ट का विकास
दोनों परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित किया जाएगा। PPP मॉडल में सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी के जरिए बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट विकसित किए जाते हैं।
बिहार सरकार की भूमिका में भूमि और कनेक्टिविटी से जुड़ी तैयारियों को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जबकि एयरपोर्ट के विकास और संचालन से जुड़े आगे के चरण PPP व्यवस्था के तहत आगे बढ़ाए जाएंगे।
ट्रैफिक सर्वे से क्षमता का होगा आकलन
बैठक के दौरान दोनों एयरपोर्ट के लिए यात्री क्षमता और संभावित ट्रैफिक को लेकर भी चर्चा हुई। इसके लिए ट्रैफिक सर्वे और मास्टर प्लान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अजगैबीनाथ धाम और सोनपुर एयरपोर्ट की क्षमता तय करते समय यात्रियों की संभावित संख्या, आसपास के जिलों की जरूरत, कनेक्टिविटी और भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखा जाएगा।
समय सीमा में पूरा करना होगा काम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और प्रगति की निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जमीन अधिग्रहण से लेकर सड़क संपर्क, मास्टर प्लान और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कामों को आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ाने को कहा गया है।
फिलहाल दोनों परियोजनाओं के लिए जरूरी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है। अगर परियोजनाएं प्रस्तावित योजना के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो बिहार के पूर्वी और उत्तर-मध्य हिस्से में हवाई कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ सकता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
