PMCH में बढ़ेंगी सुविधाएं, 150 बेड का इनडोर और 4 OT तैयार, ओपीडी नए भवन में शिफ्ट

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PMCH में बढ़ेंगी सुविधाएं, 150 बेड और 4 OT से मरीजों को राहत

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। PMCH में चिकित्सा सुविधाओं को नए भवनों में व्यवस्थित करने की तैयारी तेज हो गई है। सितंबर के अंत तक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, जनरल सर्जरी, क्लिनिकल पैथोलॉजी, ओपीडी और ट्राइएज जैसी सेवाओं को नए भवन में शिफ्ट करने की योजना है। PMCH के नए भवन में सर्जरी विभाग के लिए 150 बेड का इनडोर, इमरजेंसी और चार अलग-अलग ऑपरेशन थिएटर तैयार किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने सेवाओं की शिफ्टिंग को लेकर विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर चरणबद्ध व्यवस्था की समय-सीमा तय की है।

PMCH अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नए भवन में विभागों को एक साथ व्यवस्थित करने से मरीजों को भर्ती, जांच, ऑपरेशन और इमरजेंसी उपचार जैसी सेवाएं अधिक समन्वित तरीके से मिल सकेंगी। खास तौर पर गंभीर मरीजों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अस्पताल परिसर में ज्यादा आवाजाही नहीं करनी पड़ेगी।

PMCH में 150 बेड के साथ शुरू होगा सर्जरी विभाग

PMCH के नए भवन में सर्जरी विभाग के लिए 150 बेड का इनडोर बनाया गया है। यहां सर्जिकल मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था होगी। इसके साथ इमरजेंसी सेवा और चार अलग-अलग ऑपरेशन थिएटर भी इसी भवन में संचालित किए जाएंगे।

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PMCH अस्पताल प्रशासन की योजना है कि मरीज को भर्ती करने से लेकर ऑपरेशन और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार तक की व्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी रहे। चार ओटी उपलब्ध होने से सर्जरी से संबंधित अलग-अलग प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्लास्टिक सर्जरी विभाग को भी इसी भवन में शिफ्ट करने की तैयारी है। इससे सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े मरीजों को संबंधित चिकित्सकीय सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी।

PMCH में इमरजेंसी मरीजों के लिए ट्राइएज व्यवस्था

नए भवन की एक अहम सुविधा ट्राइएज व्यवस्था होगी। इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को उनकी स्थिति के आधार पर रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा। इसका उद्देश्य यह तय करना होगा कि किस मरीज को तत्काल उपचार की जरूरत है और किसे सामान्य प्राथमिकता के साथ देखा जा सकता है।

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रेड जोन में गंभीर और तत्काल इलाज की जरूरत वाले मरीजों को रखा जाएगा। येलो जोन में ऐसे मरीज होंगे जिनकी स्थिति गंभीर हो सकती है, लेकिन तत्काल जीवन संकट की स्थिति नहीं है। वहीं कम गंभीर मरीजों को ग्रीन जोन में रखा जाएगा।

इस व्यवस्था से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी। गंभीर मरीजों तक डॉक्टर, जांच और जरूरी उपचार तेजी से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही इमरजेंसी में भीड़ को व्यवस्थित करने में भी ट्राइएज की भूमिका अहम होगी।

24 घंटे मिलेगी क्लिनिकल पैथोलॉजी सेवा

नए भवन में 24 घंटे क्लिनिकल पैथोलॉजी सेवा शुरू करने की तैयारी है। इसका सीधा लाभ इमरजेंसी और इनडोर मरीजों को मिलने की उम्मीद है। फिलहाल जांच के लिए सैंपल को दूसरे स्थान पर भेजने की जरूरत पड़ने पर प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग सकता है।

नई व्यवस्था में सैंपल कलेक्शन, जांच और रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भवन में मौजूद अन्य चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने की तैयारी है। इमरजेंसी में यह सुविधा इसलिए महत्वपूर्ण होगी क्योंकि कई मरीजों के उपचार का अगला निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल लेना पड़ता है। 24 घंटे पैथोलॉजी सेवा उपलब्ध होने से रात के समय आने वाले मरीजों के लिए भी जांच की सुविधा लगातार उपलब्ध रहने की उम्मीद है।

PMCH में दवा के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लंबी दौड़

PMCH में मरीजों और उनके परिजनों के सामने दवा लेने को लेकर भीड़ और आवाजाही की समस्या रहती है। मौजूदा व्यवस्था में सीयूबी और छठी मंजिल पर दवा वितरण होने के कारण मरीजों और परिजनों को लिफ्ट या सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता है।

इससे व्यस्त समय में लिफ्ट पर दबाव बढ़ता है और कई बार भीड़ की स्थिति बन जाती है। अस्पताल प्रशासन अब ओपीडी के दवा काउंटर को सीयूबी से हटाकर आरएसबी के पास खुले स्थान में ले जाने की तैयारी कर रहा है।

इस व्यवस्था के बाद ओपीडी के मरीज दवा लेने के बाद सीधे बाहर निकल सकेंगे। इससे लिफ्ट और सीढ़ियों पर मरीजों की अनावश्यक आवाजाही कम होने की उम्मीद है।

PMCH में इमरजेंसी और इनडोर मरीजों के लिए 24 घंटे दवा काउंटर

इमरजेंसी और भर्ती मरीजों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास 24 घंटे दवा काउंटर संचालित करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य इमरजेंसी मरीजों के परिजनों और इनडोर मरीजों को दवा लेने के लिए दूसरे फ्लोर या भवन तक जाने से बचाना है।

रात के समय यह सुविधा खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। गंभीर मरीजों के परिजनों को दवा के लिए अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में जाने की जरूरत कम होगी। अस्पताल प्रशासन नई व्यवस्था को मरीजों के लिए सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।

PMCH में एक ही भवन में जुड़ेंगी कई सेवाएं

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, विभागों की शिफ्टिंग सिर्फ बेड को एक भवन से दूसरे भवन में ले जाने तक सीमित नहीं होगी। कोशिश है कि जांच, इमरजेंसी, ऑपरेशन, इनडोर और दवा जैसी जरूरी सेवाओं को आपस में जोड़ा जाए।

इससे मरीजों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अस्पताल परिसर में इधर-उधर जाने की जरूरत कम हो सकती है। खासकर गंभीर मरीजों के मामले में इमरजेंसी, ओटी, इनडोर और जांच की सुविधा एक ही भवन में होने से इलाज की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है।

अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन के सामने लगातार चुनौती रहती है। नई बिल्डिंग में सेवाओं के केंद्रीकरण से इस दबाव को व्यवस्थित करने की उम्मीद है।

सितंबर के अंत तक शिफ्टिंग की तैयारी

PMCH के अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के अनुसार, सितंबर महीने के अंत तक सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग को नए भवन में शिफ्ट करने की तैयारी है। 150 बेड का इनडोर, इमरजेंसी, चार ओटी, ट्राइएज और 24 घंटे क्लिनिकल पैथोलॉजी जैसी व्यवस्थाएं भी इसी क्रम में शुरू की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि PMCH में विश्वस्तरीय अस्पताल जैसी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। अस्पताल में सुविधाएं बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या और उनका भरोसा बढ़ने की उम्मीद भी जताई गई है।

अस्पताल प्रशासन की ओर से विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर शिफ्टिंग की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई गई है। अब अगले चरण में विभागों और सेवाओं को नए भवन में स्थानांतरित करने का काम आगे बढ़ाया जाएगा।

नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद पीएमसीएच आने वाले मरीजों के लिए भर्ती, इमरजेंसी, ऑपरेशन, जांच और दवा जैसी सुविधाओं को एक व्यवस्थित ढांचे में उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। खासकर गंभीर मरीजों के लिए समय पर उपचार और सेवाओं तक आसान पहुंच इस बदलाव का प्रमुख उद्देश्य है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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