कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह पर साधा निशाना, बोलीं- लोमड़ी बनने से बेहतर कुत्ता बनना

Kangana Ranaut vs Naseeruddin Shah: बॉलीवुड में कलाकारों के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बोलने को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह पर तीखा हमला बोला है। कंगना ने अभिनेता पीयूष मिश्रा के बयान का समर्थन करते हुए नसीरुद्दीन शाह को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें उस देश का ‘कुत्ता’ कहलाना मंजूर है, जिसकी वे खाती हैं, क्योंकि वे उसकी रखवाली और उसके लिए लड़ाई करती हैं।

कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पीयूष मिश्रा के बयान से जुड़ी एक रिपोर्ट शेयर की। इसके साथ उन्होंने लिखा कि सच यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि वे जिस देश का खाती हैं, उसकी रखवाली करती हैं और उसके लिए लड़ती हैं। कंगना ने आगे कहा कि आज के दौर में किसी को कुत्ता कहना भी तारीफ की तरह है, क्योंकि वफादारी अब दुर्लभ हो गई है।

नसीरुद्दीन शाह को लेकर कंगना का तीखा बयान

कंगना रनौत ने अपनी पोस्ट में नसीरुद्दीन शाह के लिए ‘लोमड़ी’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि वह नसीरुद्दीन शाह जैसी लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी। कंगना की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर दोनों अभिनेताओं के बीच पुरानी बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई है।

यह विवाद दरअसल देश में छात्रों के आंदोलनों और इन प्रदर्शनों पर बॉलीवुड के बड़े कलाकारों की कथित चुप्पी को लेकर शुरू हुआ था। नसीरुद्दीन शाह से जब कलाकारों के सामाजिक मुद्दों पर नहीं बोलने को लेकर सवाल किया गया था, तब उन्होंने एक कहावत का हवाला देते हुए अपनी बात रखी थी।

‘मुंह में हड्डी हो तो कुत्ता भौंक नहीं सकता’

नसीरुद्दीन शाह के पुराने बयान के मुताबिक, जब कलाकारों की आत्मा जागेगी, तब वे बोलेंगे। उन्होंने कहा था कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वह भौंक नहीं सकता। उनके मुताबिक, जब उसके मुंह से हड्डी गिर जाएगी या उसके दांत टूट जाएंगे, तभी वह भौंक पाएगा।

नसीरुद्दीन शाह की इसी टिप्पणी को लेकर अब पीयूष मिश्रा ने सवाल खड़े किए। उन्होंने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि जब छात्र अपने अधिकारों और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़कों पर हैं, तो ऐसे समय में नसीरुद्दीन शाह अब चुप क्यों हैं।

झारखंड छात्र आंदोलन में पहुंचे पीयूष मिश्रा

झारखंड की राजधानी रांची में परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शन के 16वें दिन अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा धरना स्थल, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच बैठकर उनके आंदोलन को समर्थन दिया।

पीयूष मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारी छात्रों के इंटरव्यू देखे थे। छात्रों की आंखों में दर्द, परेशानी और आंसू देखकर वह खुद को रांची आने से रोक नहीं पाए। उन्होंने कहा कि दो दिन का समय खाली मिलते ही वह सीधे रांची पहुंच गए।

प्रदर्शन स्थल पर पीयूष मिश्रा ने छात्रों से मुलाकात की और उनके साथ अपनी एकजुटता जाहिर की। इस दौरान उन्होंने अपनी चर्चित फिल्म ‘गुलाल’ का लोकप्रिय गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ भी गाया। उनके गीत से प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने आंदोलन के लिए आर्थिक मदद देने की बात भी कही।

कंगना ने किया पीयूष मिश्रा का समर्थन

पीयूष मिश्रा के इसी रुख को कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर समर्थन दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए नसीरुद्दीन शाह की पुरानी टिप्पणी पर पलटवार किया और वफादारी को लेकर अपनी बात रखी।

कंगना और नसीरुद्दीन शाह के बीच इससे पहले भी कई मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से मतभेद सामने आ चुके हैं। हालांकि, इस बार विवाद की पृष्ठभूमि झारखंड में छात्रों के आंदोलन और कलाकारों की सामाजिक मुद्दों पर भूमिका से जुड़ी हुई है।

सोशल मीडिया पर कंगना की टिप्पणी के बाद यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि क्या फिल्मी सितारों को छात्रों, शिक्षा व्यवस्था और अन्य सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखनी चाहिए। एक तरफ कुछ कलाकार ऐसे मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं, वहीं कुछ कलाकार राजनीतिक विवादों से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं।

फिलहाल कंगना रनौत की नसीरुद्दीन शाह पर की गई टिप्पणी और पीयूष मिश्रा के छात्र आंदोलन में पहुंचने के बाद यह मामला बॉलीवुड के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है

Nishkarsh Bharat

किमती कुमारी की रिपोर्ट

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