बछवाड़ा में बाढ़ का बड़ा खतरा! झमटिया में टूटा बांध, खेत-घर जलमग्न

बांध

झमटिया में टूटा बांध, मवेशी और सामान बचाने में जुटे ग्रामीण

निष्कर्ष भारत संवाददाताबछवाड़ा/बेगूसराय: गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड में सोमवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। झमटिया के समीप जमींदारी बांध करीब 30 मीटर की लंबाई में टूट गया। बांध टूटते ही तेज धार के साथ बाढ़ का पानी रानी-1, रानी-2 और रानी-3 पंचायतों की ओर तेजी से फैलने लगा। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में कृषि भूमि जलमग्न हो गई और कई जगहों पर बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। अचानक आई इस स्थिति से प्रभावित इलाकों में अफरातफरी मच गई।

बांध टूटने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। बछवाड़ा के सीओ प्रीतम कुमार गौतम, बीडीओ डॉ. अमित कुमार, जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार, जेई समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में टूटे हुए हिस्से की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करने का काम शुरू कराया गया।

तड़के तीन से चार बजे के बीच टूटा बांध

जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच झमटिया के पास जमींदारी बांध अचानक टूट गया। बांध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव आसपास के इलाकों की ओर बढ़ने लगा। करीब 30 मीटर हिस्से में बांध टूटने के कारण पानी को रोकना मुश्किल हो गया और कुछ ही समय में खेतों में पानी भर गया।

ग्रामीणों के अनुसार, पानी का बहाव काफी तेज है। बांध टूटने के बाद रानी-1, रानी-2 और रानी-3 पंचायतों की ओर तेजी से पानी फैलने लगा। कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

रात में हुई थी बांध की पेट्रोलिंग

जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि बांध की सुरक्षा को लेकर रात में पेट्रोलिंग की गई थी। विभागीय टीम ने रात करीब 12 से एक बजे के बीच बांध का निरीक्षण किया था। उस समय स्थिति सामान्य बताई गई थी।

इसके बाद करीब तीन बजे बांध के कमजोर होने और पानी का दबाव बढ़ने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके बाद टूटे हुए हिस्से को दुरुस्त करने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने का काम शुरू कराया गया।

अधिकारियों का कहना है कि बांध की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभागीय टीम मौके पर कैंप कर रही है ताकि पानी के बढ़ते दबाव और कटाव की स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

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रानी-1 में खेत जलमग्न, फसलें डूबीं

जमींदारी बांध टूटने का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। रानी-1 पंचायत में बड़ी मात्रा में खेतों में बाढ़ का पानी फैल गया। खेतों में लगी फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है।

रानी-2 पंचायत के कृषि क्षेत्रों में भी पानी तेजी से फैल गया है। खेतों में पानी भरने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का बहाव जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो आसपास के और खेत भी जलमग्न हो सकते हैं।

रानी-3 पंचायत में घरों तक पहुंचा पानी

रानी-3 पंचायत में स्थिति अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बताई जा रही है। कई स्थानों पर बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। पानी बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने अपने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी का बहाव लगातार नए टोले और मोहल्लों की ओर बढ़ रहा है। इससे रानी-3 पंचायत के साथ आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि यदि गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

एक-दो घंटे में मरम्मत पूरा करने का लक्ष्य

जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि टूटे हुए बांध की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। विभाग का प्रयास है कि एक से दो घंटे के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर पानी के बहाव को नियंत्रित किया जाए।

जरूरत पड़ने पर मरम्मत कार्य में अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारियों को लगाया जाएगा। अधिकारियों की टीम मौके पर रहकर स्थिति की निगरानी कर रही है। पानी के दबाव और बांध के आसपास के हिस्सों पर भी नजर रखी जा रही है।

ग्रामीणों में भय, प्रशासन ने सतर्क रहने को कहा

बांध टूटने के बाद प्रभावित पंचायतों के ग्रामीणों में भय का माहौल है। अचानक पानी बढ़ने से लोगों को अपने घर और सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से बांध की मरम्मत जल्द पूरी कर पानी के बहाव को रोकने की मांग की है।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी तरह की आपात स्थिति होने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दी जाए। प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

फिलहाल जल संसाधन विभाग की टीम टूटे हुए जमींदारी बांध को दुरुस्त करने में जुटी है। प्रशासन की प्राथमिकता पानी के बहाव को नियंत्रित करना और रानी की तीनों पंचायतों में बाढ़ की स्थिति को और गंभीर होने से रोकना है। आने वाले समय में गंगा के जलस्तर और बांध की स्थिति पर निर्भर करेगा कि प्रभावित इलाकों में बाढ़ का संकट कितना बढ़ता है।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट

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