हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला: सरकारी नौकरियों में आरक्षण, पुलिस भर्ती में मिलेगी बड़ी राहत
हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला—सरकारी नौकरियों में 20% तक आरक्षण और पुलिस भर्ती में PST से छूट।
निष्कर्ष भारत संवाददाता चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। राज्य सरकार की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को अलग-अलग श्रेणी की सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। नई व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू होगी।
सरकार के इस फैसले को अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई नीति में खास तौर पर पुलिस, वन विभाग, जेल और खनन से जुड़े पदों पर पूर्व अग्निवीरों को अधिक आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
किन सरकारी पदों पर कितना आरक्षण?
नई आरक्षण नीति के तहत पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-सी के सामान्य पदों पर 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। वहीं कौशल विशेषज्ञता से संबंधित ग्रुप-बी पदों पर 1 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा कुछ विशेष सरकारी पदों पर पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- पुलिस कांस्टेबल
- फॉरेस्ट गार्ड
- जेल वार्डर
- माइनिंग गार्ड
- वाइल्डलाइफ गार्ड
- फायर ऑपरेटर कम ड्राइवर
सरकार का उद्देश्य सेना में प्रशिक्षण और सेवा के दौरान अग्निवीरों द्वारा हासिल किए गए कौशल का इस्तेमाल सरकारी सेवाओं में करना है।
पुलिस भर्ती में बड़ी राहत
पूर्व अग्निवीरों के लिए सबसे बड़ी राहत पुलिस और कुछ अन्य वर्दीधारी पदों की भर्ती में दी गई है। पुलिस कांस्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर, माइनिंग गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड जैसे पदों के लिए होने वाले Physical Screening Test (PST) से पूर्व अग्निवीरों को छूट दी जाएगी।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा खत्म हो जाएगी। पूर्व अग्निवीरों को भर्ती एजेंसी की ओर से निर्धारित लिखित परीक्षा देना अनिवार्य होगा।
यानी शारीरिक परीक्षण से राहत मिलने के बावजूद उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में अपनी योग्यता साबित करनी होगी।
CET में भी रहेगी छूट
ग्रुप-सी की सरकारी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए Common Eligibility Test (CET) से छूट का मौजूदा प्रावधान भी जारी रहेगा।
इसके साथ ही अगर किसी पद के लिए उम्मीदवार के सैन्य प्रशिक्षण के दौरान हासिल कौशल से संबंधित अलग से कौशल परीक्षा निर्धारित है, तो पूर्व अग्निवीरों को उस कौशल परीक्षा से भी छूट मिलेगी।
हालांकि संबंधित पद के लिए निर्धारित लिखित परीक्षा देना अनिवार्य रहेगा।
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आरक्षण में अलग-अलग वर्गों का प्रावधान
20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण वाली विशेष श्रेणी की नौकरियों में आरक्षण का वर्गवार प्रावधान भी किया गया है। इसके तहत वंचित अनुसूचित जाति के लिए 2 प्रतिशत, अन्य अनुसूचित जाति के लिए 2 प्रतिशत, बीसी-ए के लिए 3 प्रतिशत, बीसी-बी के लिए 2 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस के लिए 2 प्रतिशत और अनारक्षित वर्ग के लिए 9 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है।
वहीं अन्य ग्रुप-सी पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण में वंचित अनुसूचित जाति और अन्य अनुसूचित जाति के लिए एक-एक प्रतिशत तथा बीसी-ए और बीसी-बी के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आरक्षण रखा गया है। शेष हिस्से में ईडब्ल्यूएस और अनारक्षित श्रेणी को शामिल किया गया है।
मेरिट के आधार पर होगा चयन
नई व्यवस्था में आरक्षण मिलने का अर्थ यह नहीं होगा कि पूर्व अग्निवीरों का चयन बिना प्रतियोगिता के हो जाएगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूर्व अग्निवीरों का चयन उनकी संबंधित श्रेणी में मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
उनका चयन उनकी संबंधित वर्टिकल श्रेणी के आरक्षित पदों के विरुद्ध किया जाएगा। यानी आरक्षण के साथ-साथ भर्ती की निर्धारित चयन प्रक्रिया और योग्यता मानकों को भी पूरा करना होगा।
2025 और जुलाई 2026 के पुराने आदेश रद्द
हरियाणा सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए पूर्व अग्निवीरों को सीधी भर्ती में आरक्षण देने संबंधी 20 अगस्त 2025 और 20 जुलाई 2026 के पूर्व आदेशों को रद्द कर दिया है। उनकी जगह मानव संसाधन विभाग की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
नई नीति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
अग्निवीर योजना के तहत सेना में सीमित अवधि की सेवा पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में युवा नागरिक जीवन में वापस लौटते हैं। ऐसे में उनके सैन्य अनुभव, अनुशासन, शारीरिक प्रशिक्षण और तकनीकी कौशल को रोजगार में इस्तेमाल करना सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती रही है।
हरियाणा सरकार की नई नीति इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। खास तौर पर पुलिस, जेल, वन और सुरक्षा से जुड़े पदों पर पूर्व सैनिक प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को प्राथमिकता मिलने से इन विभागों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता अब पहले की तुलना में अधिक आसान होने जा रहा है। 1 सितंबर से लागू होने वाली नई नीति में एक तरफ आरक्षण का प्रावधान है, तो दूसरी तरफ PST और CET जैसी कुछ प्रक्रियाओं से राहत भी दी गई है। हालांकि लिखित परीक्षा अनिवार्य रहेगी और अंतिम चयन मेरिट के आधार पर ही होगा।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
